लुधियाना में टाटा स्टील का बड़ा निवेश, 3200 करोड़ के ग्रीन स्टील प्लांट से 7500 लोगों को मिलेगा रोजगार करीब 115 एकड़ क्षेत्र में बने इस प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता लगभग 0.75 मिलियन टन होगी। इस संयंत्र में इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जो कम कार्बन उत्सर्जन के साथ स्टील उत्पादन करने में सक्षम है।इस तकनीक के माध्यम से पुराने लोहे के स्क्रैप को पिघलाकर टाटा टिस्कॉन रिबार तैयार किया जाएगा। पर्यावरण और उद्योग दोनों को फायदाटाटा स्टील का यह कदम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्क्रैप रीसाइक्लिंग के जरिए स्टील बनाने से कार्बन उत्सर्जन कम होगा और संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। इससे देश में सर्कुलर इकॉनमी (चक्रीय अर्थव्यवस्था) को भी बढ़ावा मिलेगा।हजारों लोगों को मिलेगा रोजगारइस प्लांट के शुरू होने से रोजगार के बड़े अवसर भी पैदा होंगे। कंपनी के अनुसारकरीब 2,500 लोगों को सीधे रोजगार मिलेगाजबकि 5,000 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।दूसरे राज्यों में भी लागू हो सकता है मॉडलटाटा स्टील की योजना है कि यदि लुधियाना का यह प्रोजेक्ट सफल रहता है तो इसी मॉडल को गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी लागू किया जाएगा। इससे भारत में पर्यावरण अनुकूल स्टील उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा