दिल्ली-एनसीआर में झुलसा देने वाली गर्मी के बीच राहत के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले 24–48 घंटों में मौसम करवट ले सकता है, जिससे तापमान में गिरावट और आंधी-बारिश की संभावना बढ़ गई है।
भीषण गर्मी के बीच बदलेगा मौसम
राजधानी में सोमवार को तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया, जबकि कई इलाकों में पारा 45 डिग्री के करीब पहुंचा। गर्म हवाओं और तेज धूप के चलते लोगों को दिनभर लू जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल लू की स्थिति बनी रहेगी, लेकिन मंगलवार से मौसम में बदलाव शुरू होने के संकेत हैं।
कब मिलेगी राहत IMD का ताजा रिपोर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मंगलवार से बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और तापमान धीरे-धीरे नीचे आने लगेगा।
मंगलवार: 40–42°C
बुधवार: 39–41°C
गुरुवार: करीब 37°C तक गिरावट संभव
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गुरुवार तक आसमान में बादल छाए रहने और छिटपुट बारिश से लोगों को राहत मिल सकती है।
आंधी-बारिश का अलर्ट तेज हवाएं भी चलेंगी
मौसम विभाग ने 28–29 अप्रैल के लिए दिल्ली-एनसीआर में आंधी और बारिश की संभावना जताई है। 40–80 किमी/घंटा की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चल सकती हैं।
कुछ इलाकों में 15–45 मिनट तक तेज बारिश और उसके बाद हल्की बूंदाबांदी जारी रह सकती है। बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश होने की भी संभावना है।
देशभर में मौसम का असर कहीं लू कहीं बारिश
सिर्फ दिल्ली ही नहीं, देश के कई हिस्से इस समय चरम मौसम की मार झेल रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में से 90 से ज्यादा भारत में हैं।
उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में लू जारी है, जबकि पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
क्यों अहम है यह बदलाव
यह मौसम बदलाव सिर्फ राहत की खबर नहीं, बल्कि बड़े मौसम पैटर्न का संकेत भी है। लगातार बढ़ती गर्मी और अचानक बारिश का ट्रेंड जलवायु परिवर्तन से भी जुड़ा माना जा रहा है।
अगर इस तरह के सिस्टम सक्रिय रहते हैं, तो आने वाले हफ्तों में लू की तीव्रता में अस्थायी कमी आ सकती है।
असर क्या होगा: आम लोगों पर सीधा प्रभाव
इस बदलाव का असर कई स्तरों पर पड़ेगा:
तापमान में गिरावट से राहत मिलेगी
हीटस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा कम होगा
बिजली की मांग में थोड़ी कमी आ सकती है
हवा की गुणवत्ता में सुधार संभव है
हालांकि, तेज आंधी के दौरान पेड़ गिरने या बिजली बाधित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
मौसम में बदलाव क्यों
विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और नमी के असर से हो रहा है। अरब सागर से आ रही नमी और ऊपरी वायुमंडल में बन रहे सिस्टम के कारण बादल और बारिश की स्थिति बन रही है।
यह एक सामान्य प्री-मानसून गतिविधि है, जो हर साल अप्रैल के अंत और मई की शुरुआत में देखने को मिलती है, लेकिन इस बार इसकी तीव्रता ज्यादा महसूस की जा रही है।
राहत अस्थायी या स्थायी ?
मौसम विभाग का मानना है कि यह राहत कुछ दिनों के लिए ही रह सकती है। मई के पहले सप्ताह से तापमान फिर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
अगर यह सिस्टम मजबूत रहता है, तो कुछ समय के लिए लू की स्थिति कमजोर पड़ सकती है। लेकिन लंबे समय में गर्मी का असर बना रहेगा।
अगर यह मौसम पैटर्न बार-बार सक्रिय होता है, तो भविष्य में गर्मी और बारिश का यह असंतुलन और ज्यादा देखने को मिल सकता है।
आगे की नजर
फिलहाल दिल्ली-एनसीआर के लिए राहत की उम्मीद बनी हुई है, लेकिन मौसम का रुख पूरी तरह बदलता है या नहीं, यह अगले 48 घंटों में साफ होगा।
अब नजर आने वाले दिनों में मौसम के बदलाव और तापमान पर उसके असर पर टिकी रहेगी।