IPL 2026 में Rajasthan Royals के कप्तान Riyan Parag एक बार फिर विवादों में हैं इस बार मैदान पर नहीं, बल्कि ड्रेसिंग रूम में Vape करते हुए कैमरे में कैद हो गए। यह घटना न केवल IPL कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन है, बल्कि भारत के राष्ट्रीय कानून के तहत भी एक दंडनीय अपराध है।
कब और कैसे हुआ पूरा मामला ?
28 अप्रैल को Mullanpur के New PCA Stadium में PBKS बनाम RR मैच के दौरान, दूसरी पारी के 16वें ओवर के वक्त Live Broadcast में एक क्षण कैमरे में आ गया जिसमें Riyan Parag ड्रेसिंग रूम में Vape करते दिखे। यह क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और देखते ही देखते लाखों लोगों तक पहुंच गई।
जिस समय यह घटना हुई, उस समय RR मैच में जीत की राह पर था। Donovan Ferreira और Shubham Dubey ने अंततः टीम को 6 विकेट से जिताया। लेकिन जीत के जश्न से ज्यादा चर्चा इस वायरल क्लिप की होने लगी।
भारत में Vaping क्यों है अपराध? PECA 2019 क्या कहता है ?
यहाँ वह पहलू है जो अन्य रिपोर्ट्स में अधूरा रहा —Vaping केवल IPL नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि भारतीय संसद द्वारा पारित कानून के तहत एक आपराधिक कृत्य है।
PECA 2019 के प्रमुख प्रावधान जो Parag पर लागू होते हैं
उत्पादन, बिक्री, खरीद और उपयोग सभी पूरी तरह प्रतिबंधित हैं
पहली बार उल्लंघन पर: ₹1 लाख तक जुर्माना और/या 1 साल तक कारावास
दूसरी बार उल्लंघन पर: ₹5 लाख तक जुर्माना और/या 3 साल तक कारावास
IPL वेन्यू एक सार्वजनिक स्थल है कानून यहाँ पूरी तरह लागू होता है
स्टेडियम प्रवेश पर Lighter, माचिस और Electronic Smoking Devices पूरी तरह प्रतिबंधित हैं यानी Parag का यह कदम भारत के किसी भी सार्वजनिक स्थान पर गैरकानूनी था। यह विवाद अब खेल की सीमाओं से बाहर जा चुका है।
IPL कोड ऑफ कंडक्ट क्या कहता है ?
IPL के अनुशासन नियमों के अनुसार ड्रेसिंग रूम और स्टेडियम परिसर में धूम्रपान केवल निर्धारित स्थानों पर ही अनुमत है। IPL Code of Conduct की धारा 2.2 के तहत यदि कोई खिलाड़ी ऐसा कार्य करता है जो खेल को बदनाम करे, तो Match Referee निम्न कार्रवाई कर सकते हैं:
आधिकारिक चेतावनी (Reprimand)
मैच फीस में आंशिक या पूर्ण कटौती
एक या अधिक मैचों का निलंबन (Suspension)
अभी तक IPL या BCCI की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन जिस तरह से यह क्लिप वायरल हुई है, Board के लिए नजरअंदाजी करना बेहद मुश्किल होगा।
RR का ऑफ-फील्ड विवादों का सिलसिला
यह कोई पहली बार नहीं है जब Rajasthan Royals किसी ऑफ-फील्ड विवाद में घिरे हों। इस सीजन में ही टीम के Manager Romi Bhinder को Live मैच के दौरान Dugout में मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। उस वक्त Vaibhav Sooryavanshi उनके बगल में बैठे थे। Bhinder को जुर्माना और चेतावनी दोनों मिली।
दो अलग-अलग ऑफ-फील्ड उल्लंघन एक टीम मैनेजर, एक कप्तान यह पैटर्न RR के लिए फ्रेंचाइजी स्तर पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है कि क्या टीम में अनुशासन की संस्कृति कमजोर पड़ रही है।
Parag की इस सीजन की बल्लेबाजी दबाव दोगुना
अगर केवल मैदानी प्रदर्शन देखें, तो Parag पर कप्तान के रूप में पहले से ही भारी दबाव था। 9 मैचों में सिर्फ 117 रन, औसत मात्र 14.63 और स्ट्राइक रेट 124.47 — यह आंकड़े किसी भी IPL कप्तान के लिए चिंताजनक हैं। ऐसे में यह ऑफ-फील्ड विवाद उनकी कप्तानी की स्थिति पर और बड़े सवाल खड़े करता है।
Riyan Parag का यह मामला सिर्फ एक खिलाड़ी के व्यक्तिगत व्यवहार तक सीमित नहीं है। यह IPL जैसे global platform पर एक कप्तान की जिम्मेदारी, भारत के राष्ट्रीय कानून का सम्मान, और एक फ्रेंचाइजी की आंतरिक अनुशासन व्यवस्था तीनों पर एक साथ सवाल उठाता है। BCCI और IPL को यदि अपनी विश्वसनीयता बनाए रखनी है, तो इस पर पारदर्शी और सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है।