IPL 2026 का रोमांच जैसे-जैसे बढ़ रहा है, कुछ टीमों के लिए मुश्किलें भी उतनी ही बढ़ती जा रही हैं। बुधवार को इकाना स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को एक बार फिर शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ जीत के लिए मिले 160 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए लखनऊ की पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह ढह गई और महज 119 रनों पर सिमट गई।
यह लखनऊ की लगातार चौथी हार है, जिसने अब उनके प्लेऑफ के सफर पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं। मैच के बाद जब कप्तान ऋषभ पंत प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए, तो उनके चेहरे पर निराशा साफ दिख रही थी। उन्होंने हार के लिए किसी बाहरी कारण को नहीं, बल्कि खुद को और अपनी बैटिंग यूनिट को जिम्मेदार ठहराया।
गलत शॉट की वजह
राजस्थान रॉयल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बोर्ड पर 159 रन लगाए थे। इकाना की पिच को देखते हुए यह एक चुनौतीपूर्ण लेकिन हासिल करने लायक लक्ष्य था। सलामी बल्लेबाज मिचेल मार्श ने एक छोर संभाले रखा और 41 गेंदों में 55 रनों की जुझारू पारी खेली। लेकिन विडंबना देखिए, दूसरे छोर से उन्हें किसी का साथ नहीं मिला।
मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट तब आया जब आयुष बडोनी दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट होकर पवेलियन लौटे। उनके बाद मैदान पर आए कप्तान ऋषभ पंत से उम्मीद थी कि वह पारी को संभालेंगे और अनुभव का इस्तेमाल करेंगे। लेकिन हुआ इसके बिल्कुल उलट। इकाना की पिच पर शुरुआत में गेंद स्विंग हो रही थी और हवा में हरकत कर रही थी। पहली दो गेंदों पर बीट होने के बावजूद पंत ने संयम नहीं दिखाया। तीसरी गेंद पर उन्होंने क्रीज से बाहर निकलकर एक बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर सीधे विकेटकीपर के दस्तानों में समा गई। पंत बिना खाता खोले शून्य पर आउट हो गए।
पंत के अलावा एडन मार्क्रम भी खाता नहीं खोल पाए। जब टीम के सीनियर खिलाड़ी इस तरह 'गैर-जिम्मेदाराना' तरीके से विकेट फेंकेंगे, तो जीत की उम्मीद करना बेमानी हो जाता है।
जवाब बाहर नहीं अपने अंदर ढूंढना होगा पंत का बयान
मैच खत्म होने के बाद जब पंत से पूछा गया कि आखिर लखनऊ की टीम कहां पिछड़ रही है, तो उनके पास भी कोई ठोस बहाना नहीं था। उन्होंने बेहद ईमानदारी से अपनी गलती स्वीकार की।
पंत ने कहा:
"सच कहूं तो मेरे पास इस हार का कोई सीधा जवाब नहीं है। आज हमारी बल्लेबाजी ने हमें बहुत ज्यादा निराश किया है। एक टीम और एक ग्रुप के तौर पर हम इस प्रदर्शन से दुखी हैं। हमें अपनी हार का कारण बाहर तलाशने के बजाय अपने अंदर ही ढूंढना होगा। बल्लेबाजी के दौरान हमारे पास क्रीज पर सेट होने का पर्याप्त समय था, लेकिन हमने गलतियां कीं। इसमें मैं भी शामिल हूं। हमें जिम्मेदारी लेनी होगी।"
पंत का यह बयान दर्शाता है कि टीम के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। लगातार हार ने खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को हिला दिया है। हालांकि, पंत ने उम्मीद नहीं छोड़ी है। उन्होंने आगे कहा कि टीम को सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान देना होगा और सीजन में वापसी करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकनी होगी।
प्लेऑफ का समीकरण
लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए अब राहें बेहद कठिन हो चुकी हैं। टीम ने अब तक 7 मैच खेले हैं, जिनमें से केवल 2 में जीत मिली है, जबकि 5 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। फिलहाल लखनऊ के पास सिर्फ 4 अंक हैं और उनका नेट रन रेट (-1.277) भी काफी खराब है।
आगे क्या अब
प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए लखनऊ को अपने बाकी बचे 7 मैचों में से कम से कम 6 मैच जीतने ही होंगे। आईपीएल जैसे टूर्नामेंट में जहां हर टीम एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दे रही है, वहां लगातार 6 मैच जीतना किसी चमत्कार से कम नहीं होगा।
क्या पंत की कप्तानी पर उठेंगे सवाल ?
ऋषभ पंत एक मैच जिताऊ खिलाड़ी हैं, इसमें कोई शक नहीं। लेकिन एक कप्तान के तौर पर उनकी बल्लेबाजी शैली पर सवाल उठना लाजमी है। जब टीम मुश्किल में हो, तो कप्तान से उम्मीद की जाती है कि वह अंत तक मैच को लेकर जाए। लेकिन पहली ही गेंद से 'करो या मरो' वाली मानसिकता कभी-कभी टीम को भारी नुकसान पहुंचा देती है।
लखनऊ के फैंस अब बस यही उम्मीद कर रहे हैं कि टीम अपनी गलतियों से सीखेगी। अगर अगले कुछ मैचों में टीम का बैटिंग ऑर्डर नहीं सुधरा, तो लखनऊ सुपर जायंट्स का इस सीजन का सफर ग्रुप स्टेज पर ही खत्म हो सकता है।