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बरेली में घरेलू गैस के अवैध इस्तेमाल पर प्रशासन का कड़ा प्रहार: होटल और ढाबा संचालकों पर कसेगा शिकंजा

घरेलू एलपीजी का व्यावसायिक उपयोग न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा भी है। सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी का लाभ जरूरतमंदों तक पहुँचना चाहिए, न कि व्यावसायिक लाभ के लिए उसका दुरुपयोग होना चाहिए। प्रशासन की यह सख्ती सुरक्षा और पारदर्शिता की दिशा में एक सराहनीय कदम है।
बरेली में घरेलू गैस के अवैध इस्तेमाल पर प्रशासन का कड़ा प्रहार: होटल और ढाबा संचालकों पर कसेगा शिकंजा

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा घरेलू एलपीजी सिलिंडरों के दुरुपयोग को रोकने के लिए जिला प्रशासन और पूर्ति विभाग ने अब तक का सबसे सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। पिछले कुछ दिनों से शहर के विभिन्न हिस्सों और हाईवे किनारे स्थित ढाबों से मिल रही शिकायतों के बाद जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। अब केवल जुर्माना लगाकर खानापूर्ति नहीं की जाएगी बल्कि सीधे तौर पर एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने की तैयारी है।

क्यों हो रही है यह कार्रवाई

घरेलू एलपीजी सिलिंडर पर सरकार द्वारा आम जनता को राहत देने के लिए सब्सिडी दी जाती है जबकि व्यावसायिक सिलिंडर की कीमतें बाजार दर पर आधारित होती हैं। व्यावसायिक प्रतिष्ठान अपना मुनाफा बढ़ाने के चक्कर में सस्ते घरेलू सिलिंडरों का इस्तेमाल करते हैं। इससे न केवल सरकारी राजस्व को भारी चूना लग रहा है बल्कि यह सुरक्षा के लिहाज से भी एक बड़ा खतरा है। घरेलू सिलिंडर की बनावट और उसकी क्षमता व्यावसायिक उपयोग के दबाव को झेलने के लिए नहीं बनी होती जिससे अक्सर आग लगने या सिलिंडर फटने की घटनाएं सामने आती रहती हैं।

आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत होगा एक्शन

जिला पूर्ति विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग करना आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 का खुला उल्लंघन है। विभाग अब इस मामले में धारा 3/7 के तहत केस दर्ज कराएगा। यह एक गैर-जमानती धारा मानी जाती है जिसमें दोषी को जेल की सजा के साथ-साथ भारी आर्थिक दंड का भी प्रावधान है। प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि इस बार जांच का दायरा केवल छोटे दुकानदारों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि बड़े होटलों और मैरिज हॉल तक इसकी जद में आएंगे।

शादी-ब्याह के सीजन में बुकिंग कराने वाले भी सावधान

इस बार की कार्रवाई में एक नया और बड़ा बदलाव किया गया है। अक्सर मैरिज हॉल के संचालक सारा दोष कैटरिंग वालों या ग्राहकों पर डाल देते थे। लेकिन अब पूर्ति विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी मैरिज गार्डन या बारातघर में घरेलू सिलिंडर का उपयोग होता पाया गया तो केवल संचालक ही नहीं बल्कि उस कार्यक्रम की बुकिंग कराने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

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इसका सीधा अर्थ यह है कि अगर आप अपने घर के किसी समारोह के लिए कोई हॉल बुक कर रहे हैं तो आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि वहां खाना बनाने के लिए केवल नीले रंग के व्यावसायिक सिलिंडरों का ही उपयोग हो। यदि जांच के दौरान वहां लाल रंग के घरेलू सिलिंडर मिलते हैं तो आप पर भी कानूनी गाज गिर सकती है।

पूर्ति विभाग की 'कुंडली' और खुफिया जांच

विभागीय सूत्रों के अनुसार पूर्ति निरीक्षकों की एक विशेष टीम बनाई गई है जो सादे कपड़ों में भी इन दिनों बाजारों और होटलों की रेकी कर रही है। विभाग उन कारोबारियों की पूरी लिस्ट यानी 'कुंडली' तैयार कर रहा है जिनके पास कमर्शियल कनेक्शन कम हैं लेकिन वहां ग्राहकों की भीड़ ज्यादा रहती है। विभाग यह आंकलन कर रहा है कि संबंधित प्रतिष्ठान की खपत कितनी है और वह कितना गैस रीफिल करा रहा है। यदि खपत और रिकॉर्ड में अंतर मिलता है तो उस दुकान पर तत्काल छापा मारा जाएगा।

औचक निरीक्षण और प्रवर्तन दल की सक्रियता

आज से ही जिले के विभिन्न तहसीलों जैसे फरीदपुर, नवाबगंज, बहेड़ी और आंवला में भी पूर्ति निरीक्षकों ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। कल देर शाम भी कुछ मिठाई की दुकानों पर प्रारंभिक जांच की गई थी जहां से साक्ष्य जुटाए गए हैं। आने वाले 24 से 48 घंटों में शहर के मुख्य बाजारों जैसे कोहड़ापीर, बड़ा बाजार, सिविल लाइंस और चौपुला के आसपास के होटलों में बड़े स्तर पर छापेमारी की संभावना है।

सुरक्षा का पहलू और व्यापारियों को चेतावनी

प्रशासन का कहना है कि व्यावसायिक सिलिंडर में सुरक्षा वाल्व और उसकी क्षमता व्यावसायिक चूल्हों के दबाव को सहने के अनुकूल होती है। घरेलू सिलिंडर का लगातार घंटों तक इस्तेमाल करने से उसका तापमान बढ़ जाता है जिससे रिसाव का खतरा पैदा होता है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में इस तरह की लापरवाही सैकड़ों लोगों की जान जोखिम में डाल सकती है।

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जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने व्यापारियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के अवैध कारोबार में संलिप्त न हों। उन्होंने कहा है कि जो भी दुकानदार वैध रूप से कमर्शियल कनेक्शन लेना चाहते हैं वे तत्काल गैस एजेंसियों से संपर्क करें।

मुख्य बिंदु जो आपको ध्यान रखने चाहिए

1  घरेलू सिलिंडर केवल घरेलू खाना पकाने के लिए है इसका होटल या दुकान में उपयोग अवैध है

2   बिना वैध अनुमति के कमर्शियल सिलिंडर रखना या उनका स्टॉक करना भी अपराध की श्रेणी में आता है

3   मैरिज हॉल संचालकों को अपने परिसर में होने वाली हर गतिविधि की निगरानी करनी होगी

4   आम नागरिक भी यदि कहीं घरेलू गैस का व्यावसायिक इस्तेमाल देखें तो उसकी सूचना विभाग को दे सकते हैं

इस पूरे अभियान का उद्देश्य बाजार में पारदर्शिता लाना और दुर्घटनाओं को रोकना है। प्रशासन की इस सख्ती से उन ब्लैक मार्केटियर्स पर भी लगाम लगेगी जो घरेलू सिलिंडरों की रिफिलिंग कर उन्हें ऊंचे दामों पर होटलों में सप्लाई करते हैं। आने वाले दिनों में यह अभियान और भी उग्र रूप ले सकता है क्योंकि प्रशासन इस बार किसी भी दबाव में झुकने को तैयार नहीं है।

व्यापारिक संगठनों ने भी अपने सदस्यों को चेतावनी जारी की है कि वे विभाग की गाइडलाइंस का पालन करें ताकि उन्हें किसी भी कानूनी पचड़े में न पड़ना पड़े। जिले भर में शुरू हुए इस अभियान ने मिलावटखोरों और नियम तोड़ने वालों की नींद उड़ा दी है। अब देखना यह होगा कि विभाग की यह सख्ती जमीन पर कितनी कारगर साबित होती है और क्या इससे घरेलू उपभोक्ताओं को मिलने वाली गैस किल्लत में कोई सुधार आता है।

 

Disclaimer 
यह लेख समाचार रिपोर्टों और जिला पूर्ति विभाग द्वारा जारी निर्देशों पर आधारित है। किसी भी कानूनी कार्यवाही या नियमों की विस्तृत जानकारी के लिए कृपया आधिकारिक सरकारी विभाग या संबंधित गैस एजेंसी से संपर्क करें।

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