फुटबॉल के सबसे बड़े महाकुंभ, फीफा वर्ल्ड कप (FIFA World Cup) के शुरू होने में अब महज कुछ ही दिन बचे हैं, लेकिन इससे ठीक पहले एक बहुत बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ईरान के फुटबॉल महासंघ (FFIRI) ने मंगलवार को एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा है कि टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले उनके देश का टिकट एलोकेशन (टिकटों का आधिकारिक कोटा) अचानक वापस ले लिया गया है। इस औचक फैसले ने उन हजारों ईरानी समर्थकों को गहरे संकट में डाल दिया है, जिन्होंने महीनों पहले ही अमेरिका और अन्य मैच वेन्यूज के लिए अपनी यात्रा और होटल की बुकिंग पूरी कर ली थी। ईरान का पहला मैच 15 जून को लॉस एंजिल्स में होना है, और टूर्नामेंट की शुरुआत गुरुवार से होने जा रही है, ऐसे में इस फैसले से फैंस के बीच भारी निराशा और आक्रोश का माहौल है।
क्या है पूरा मामला और ईरान फुटबॉल फेडरेशन का क्या है स्टैंड?
ईरानी फुटबॉल फेडरेशन (FFIRI) द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, महासंघ ने अपने फैंस के लिए टिकटों की बिक्री प्रक्रिया को आधिकारिक तौर पर शुरू भी कर दिया था, लेकिन अब वे अपने समर्थकों को ये टिकट उपलब्ध कराने की स्थिति में नहीं हैं। फेडरेशन ने साफ तौर पर कहा कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय खेल भावना के पूरी तरह खिलाफ है। प्रत्येक भाग लेने वाले देश को फीफा के नियमों के मुताबिक कुल स्टेडियम क्षमता का 8% टिकट कोटा मिलता है, ताकि वे अपने फैंस को मैच देखने का मौका दे सकें। ईरान के इस कोटे को अचानक रोक दिया गया है।
ईरानी महासंघ ने अपने कड़े बयान में कहा:
“यह कदम उन हजारों ईरानी फुटबॉल प्रशंसकों के साथ सरासर नाइंसाफी है, जिन्होंने आधिकारिक तौर पर घोषित प्रक्रिया पर भरोसा करके मैचों में शामिल होने के लिए अपनी पूरी प्लानिंग और यात्रा के इंतजाम कर लिए थे। ईरानी समर्थकों को उनके वैध और आधिकारिक टिकट आवंटन से वंचित करना अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को संचालित करने वाली भावना और भाग लेने वाले देशों के बीच समानता के सिद्धांत के बिल्कुल विपरीत है। यह घटनाक्रम दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल आयोजन में गैर-खेल और राजनीतिक विचारों के हस्तक्षेप पर गंभीर सवाल खड़े करता है।”
हालिया तनाव और ईरान टीम का पिछला बैकग्राउंड
ईरान की वर्ल्ड कप यात्रा पिछले कुछ महीनों से लगातार विवादों और अनिश्चितताओं के साए में रही है। इस साल फरवरी के उत्तरार्ध में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों के बाद से ही मध्य पूर्व (Middle East) में क्षेत्रीय तनाव चरम पर है। इस भू-राजनीतिक (Geopolitical) संकट का सीधा असर खेल पर भी देखने को मिला है। सुरक्षा कारणों और वीजा को लेकर असमंजस की स्थिति के चलते ईरान की टीम को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।
शुरुआती योजना के तहत ईरान की टीम को अमेरिका के एरिजोना (Arizona) प्रांत में अपना बेस कैंप बनाना था। लेकिन अमेरिकी वीजा मिलने की अनिश्चितता और ईरान के भीतर इस बात को लेकर बढ़ते विरोध के कारण कि टीम की मौजूदगी अमेरिका में कम से कम रखी जाए, फेडरेशन ने बातचीत करके अपने बेस कैंप को अमेरिका से हटाकर मेक्सिको (Mexico) शिफ्ट कर लिया। हफ्तों की माथापच्ची के बाद, पिछले हफ्ते ही (मैच से महज 10 दिन पहले) अमेरिकी प्रशासन ने ईरान के सभी खिलाड़ियों को वीजा जारी किया था, हालांकि उनके सपोर्ट स्टाफ के कई सदस्यों को अब भी वीजा नहीं मिल पाया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने भी पुष्टि की थी कि उन्होंने ईरान को वर्ल्ड कप में प्रतिस्पर्धा करने के लिए आवश्यक वीजा जारी कर दिए हैं।
वर्ल्ड कप में ईरान का शेड्यूल और आम फैंस पर इसका असर
ईरान की टीम को इस बार वर्ल्ड कप के ग्रुप-जी (Group G) में रखा गया है, जहां उसके शुरुआती मुकाबले बेहद हाई-प्रोफाइल हैं। टिकट एलोकेशन रद्द होने का सबसे बड़ा झटका उन फैंस को लगा है जो इन शहरों में पहुंचने वाले थे:
- लॉस एंजिल्स (Los Angeles) मैच पर असर: ईरान को अपना पहला मुकाबला 15 जून को न्यूजीलैंड के खिलाफ और दूसरा मुकाबला 21 जून को बेल्जियम के खिलाफ लॉस एंजिल्स में खेलना है। कैलिफोर्निया में बड़ी संख्या में ईरानी मूल के लोग रहते हैं, जो इस मैच का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। अब टिकट न मिलने से उनका सपना टूटता नजर आ रहा है।
- सिएटल (Seattle) मुकाबला: ग्रुप स्टेज का आखिरी मैच ईरान को 26 जून को मिस्र (Egypt) के खिलाफ सिएटल में खेलना है। दूर-दराज के देशों से टिकट बुक करा चुके फैंस के पैसे अब एयरलाइंस और होटल्स की कैंसिलेशन पॉलिसी की वजह से फंसने की कगार पर हैं।
- समानता के अधिकार का हनन: खेल प्रशंसकों का मानना है कि मैदान के बाहर की राजनीति की सजा उन आम नागरिकों और फुटबॉल प्रेमियों को मिल रही है, जिनका किसी भी विवाद से कोई लेना-देना नहीं है।
4. आगे क्या होगा और फीफा (FIFA) का इस पर क्या रुख है?
ईरान के फुटबॉल महासंघ ने हालांकि अपने बयान में सीधे तौर पर किसी देश या संगठन का नाम नहीं लिया है कि यह टिकट किसने रोके हैं, लेकिन उन्होंने सीधे तौर पर फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा (FIFA) से इस मामले में दखल देने की मांग की है। FFIRI ने फीफा से अपील की है कि वह खेल के स्थापित नियमों, निष्पक्षता और तटस्थता (Neutrality) के सिद्धांतों का पालन करे और यह सुनिश्चित करे कि मैदान के बाहर के राजनीतिक मुद्दे इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट पर अपनी छाया न डाल सकें।
दूसरी तरफ, इस पूरे मामले पर फीफा की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक और विस्तृत स्पष्टीकरण नहीं आया है। हालांकि, मंगलवार को ही फीफा ने बताया था कि उनके महासचिव मथियास ग्राफस्ट्रोम (Mattias Grafstrom) ने ईरान के फेडरेशन अध्यक्ष मेहदी ताज (Mehdi Taj) के साथ एक 'सकारात्मक बातचीत' की है। टीम के मेक्सिको कैंप पहुंचने पर ग्राफस्ट्रोम ने कहा था कि फीफा ईरानी फेडरेशन के साथ लगातार संवाद बनाए रखेगा ताकि टीम और उनके प्रतिनिधिमंडल का अनुभव वर्ल्ड कप में बेहतर रहे। अब देखना यह होगा कि क्या फीफा हस्तक्षेप करके ईरान के फैंस को उनके टिकट वापस दिलवा पाता है या यह वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे बड़े कूटनीतिक विवादों में दर्ज हो जाएगा।
5. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सवाल 1: ईरान फुटबॉल फेडरेशन ने क्या आरोप लगाया है? जवाब 1: ईरान के फेडरेशन का आरोप है कि वर्ल्ड कप शुरू होने से ठीक पहले उनके फैंस के लिए आरक्षित 8% आधिकारिक टिकट एलोकेशन को अचानक वापस ले लिया गया है, जो कि राजनीतिक हस्तक्षेप और फीफा के निष्पक्षता नियमों के खिलाफ है।
सवाल 2: वर्ल्ड कप में ईरान के मैच कब और कहां होने वाले हैं? जवाब 2: ईरान को अपने शुरुआती दो मैच लॉस एंजिल्स में न्यूजीलैंड (15 जून) और बेल्जियम (21 जून) के खिलाफ खेलने हैं, जबकि तीसरा मैच 26 जून को सिएटल में मिस्र के खिलाफ होना है।
सवाल 3: ईरान की टीम का बेस कैंप अमेरिका से मेक्सिको क्यों बदला गया? जवाब 3: अमेरिका और ईरान के बीच हालिया भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी वीजा मिलने में हुई अत्यधिक देरी और अनिश्चितता के कारण ईरान ने अपना बेस कैंप एरिजोना से हटाकर मेक्सिको शिफ्ट कर लिया था।
सवाल 4: क्या ईरान के खिलाड़ियों को वर्ल्ड कप खेलने के लिए वीजा मिल गया है? जवाब 4: हां, अमेरिकी प्रशासन ने पिछले हफ्ते ईरान के सभी मुख्य खिलाड़ियों को वीजा जारी कर दिया था, जिससे उनके खेलने का रास्ता साफ हो गया था, हालांकि उनके कुछ कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ को वीजा नहीं मिल सका है।