जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित बरगी बांध जलाशय में गुरुवार शाम हुए क्रूज हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। शनिवार को रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दो और बच्चों के शव बरामद होने के बाद प्रशासन ने अब अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इस मामले में क्रूज के कप्तान सहित तीन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
घटना का विस्तृत विवरण और कारण
गुरुवार शाम करीब 5:16 बजे 'नर्मदा क्रूज' पर्यटकों को लेकर जलाशय के चक्कर लगाने निकला था। शुरुआती 20 मिनट तक मौसम सामान्य था, लेकिन लौटते समय अचानक हवा की गति तेज हो गई।
क्रूज की स्थिति: कप्तान महेश पटेल के अनुसार, जब नाव तट से मात्र 50-60 मीटर की दूरी पर थी, तभी तेज लहरों और हवा के दबाव के कारण वह पलट गई।
लाइफ जैकेट का विवाद: जांच में यह बात सामने आई है कि क्रूज पर लाइफ जैकेट उपलब्ध थे, लेकिन यात्रियों ने उन्हें पहन नहीं रखा था। अधिकारियों का तर्क है कि 'ग्लास केबिन' वाला बंद जहाज होने के कारण जैकेट पहनना अनिवार्य नहीं किया गया था, जिसे एक बड़ी तकनीकी चूक माना जा रहा है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी की वजह यात्रियों का गलत आंकड़ा
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हादसे के बाद राहत कार्य में देरी का एक मुख्य कारण यात्रियों की सही संख्या का पता न होना था।
रिकॉर्ड बनाम वास्तविकता: काउंटर से कुल 29 टिकट जारी किए गए थे। हालांकि, इनके साथ 10 बच्चे 'कॉम्पलीमेंट्री' (नि:शुल्क) सवार थे।
सूचना का अभाव: हादसे के तुरंत बाद तैनात कर्मचारियों ने प्रशासन को केवल 29 यात्रियों की जानकारी दी। जब बचाव दल ने 28 लोगों को निकाल लिया, तो उन्हें लगा कि ऑपरेशन लगभग पूरा हो गया है।
CCTV से खुलासा: बाद में जब सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, तब पता चला कि नाव पर वास्तव में 39 लोग सवार थे। इस जानकारी के अभाव में कई घंटों तक लापता बच्चों की तलाश शुरू ही नहीं हो सकी थी।
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच के बिंदु
जिला प्रशासन ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए निम्नलिखित कार्रवाई की है:
बर्खास्तगी: क्रूज कप्तान महेश पटेल, सहायक छोटेलाल गोंड और टिकट प्रभारी बृजेंद्र को कर्तव्य में लापरवाही और जानकारी छिपाने के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है।
मैकेनिकल जांच: हालांकि शुरुआती रिपोर्ट में किसी तकनीकी खराबी से इनकार किया गया है, लेकिन एक उच्च स्तरीय समिति इस बात की जांच कर रही है कि क्या क्रूज का 'मेंटेनेंस प्रोटोकॉल' सही ढंग से पालन किया जा रहा था।
हताहतों का विवरण
मृतकों में अधिकांश महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इनमें से एक परिवार तमिलनाडु के तिरुप्पुर का रहने वाला है, जो जबलपुर में कार्यरत अपने रिश्तेदार से मिलने आया था। शनिवार को मिले दोनों शव इन्हीं के परिवार के बच्चों के हैं। फिलहाल एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें 2 अन्य लापता व्यक्तियों की तलाश में जुटी हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और जवाबदेही
इस हादसे ने प्रदेश की राजनीति में भी उबाल ला दिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर निशाना साधते हुए इसे 'सिस्टम की विफलता' बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में जल परिवहन के लिए कोई ठोस सुरक्षा नियमावली नहीं है और निजी ऑपरेटरों को बिना कड़े निरीक्षण के अनुमति दी जा रही है।
रिपोर्ट कार्ड बरगी क्रूज संचालन की खामियां
क्षमता प्रबंधन: नि:शुल्क श्रेणी के यात्रियों का आधिकारिक लॉग बुक में दर्ज न होना।
सुरक्षा निर्देश: खराब मौसम की स्थिति में यात्रियों को समय रहते लाइफ जैकेट न पहनाना।
आपातकालीन प्रतिक्रिया: दुर्घटना के बाद यात्रियों की सही संख्या बताने में स्टाफ की विफलता।
नियमों की अस्पष्टता: बंद केबिन वाले जहाजों में लाइफ जैकेट की अनिवार्यता पर स्पष्ट दिशा-निर्देशों का अभाव।