चम्पावत। उत्तराखंड के चम्पावत जिले में एक 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। भाजपा मंडल उपाध्यक्ष पूरन सिंह रावत समेत तीन लोगों पर नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने तत्काल 10 सदस्यीय SIT गठित कर जाँच शुरू कर दी है।
यह घटना मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विधानसभा क्षेत्र में होने के कारण राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर हलचल मचा गई है।
घटना की पूरी कहानीर 5 मई की वो रात
पीड़िता अपने बीमार पिता का इलाज कराने के लिए गाँव से चम्पावत आई थी। 5 मई 2026 की शाम विनोद सिंह रावत नामक युवक उसे शादी के बहाने सल्ली ले गया।
देर रात जब पीड़िता घर नहीं लौटी तो परिवार ने खोजबीन शुरू की। 6 मई को 112 नंबर पर सूचना दी गई।
पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से चलाए गए सर्च अभियान में अगली सुबह करीब 4 बजे नाबालिग को एक डेयरी के कमरे में बंधी हुई हालत में बरामद किया गया।
पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि तीन लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद पुलिस ने तुरंत पीड़िता को जिला अस्पताल ले जाकर चिकित्सा और मेडिकल जाँच कराई।
तीन आरोपी कौन हैं
पीड़िता के पिता की तहरीर के आधार पर कोतवाली चम्पावत में तत्काल POCSO Act के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
तीन आरोपियों में से एक पूरन सिंह रावत भाजपा मंडल उपाध्यक्ष हैं। अब तक एक आरोपी गिरफ्तार हो चुका है जबकि दो फरार हैं। पुलिस तेजी से छापेमारी कर रही है।
पुलिस की कार्रवाई 10 सदस्यीय SIT गठित
पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी चम्पावत के पर्यवेक्षण में 10 सदस्यीय SIT का गठन किया। उन्होंने खुद पीड़िता से बातचीत की और घटनास्थल पर जाकर स्थानीय लोगों से जानकारी ली।
घटनास्थल को संरक्षित कर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए गए। तकनीकी और मैनुअल दोनों तरीकों से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
आरोपी के पिता का दावा राजनीतिक साजिश
इस मामले ने एक नया और मोड़ लिया है। एक आरोपी के पिता राम सिंह ने अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए पूरे मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया है। उन्होंने न्याय के देवता गोल्ज्यू महाराज के दरबार में भी बेटे के लिए प्रार्थना की। उनका कहना है कि उनका बेटा अग्निवीर योजना के तहत सेना में भर्ती हुआ है और उसका भविष्य उज्ज्वल है लेकिन राजनीतिक दुर्भावना के चलते उसे इस मामले में घसीटा जा रहा है।
उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से निष्पक्ष जाँच की अपील की है। पुलिस ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि जाँच पूरी निष्पक्षता से हो रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
राजनीतिक प्रतिक्रिया सरकार पर सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अपने विधानसभा क्षेत्र में ऐसी घटना बेहद शर्मनाक है। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने सरकार से आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और फास्ट ट्रैक ट्रायल की माँग की है।
POCSO Act — क्या है यह कानून
यह मामला POCSO Act यानी Protection of Children from Sexual Offences Act के तहत दर्ज हुआ है। इस कानून के तहत 18 साल से कम उम्र के किसी भी बच्चे के साथ यौन अपराध करने पर कम से कम 7 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। गैंगरेप के मामले में सजा और कड़ी होती है। फास्ट ट्रैक कोर्ट में यह मामला सुनवाई के लिए जाएगा।
जाँच जारी
अभी तक एक आरोपी गिरफ्तार है और दो की तलाश जारी है। SIT साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने स्पष्ट किया है कि चम्पावत पुलिस महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
यह मामला अब सामाजिक और सियासी दोनों हलकों में हलचल बढ़ा चुका है। पूरे उत्तराखंड की नजर इस जाँच के अंतिम निष्कर्ष पर टिकी है।