New Delhi IPL : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के सीजन में दिल्ली कैपिटल्स (DC) की नाव एक बार फिर भंवर में फंसी नजर आ रही है। मंगलवार को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ मिली करारी हार ने न केवल दिल्ली के प्लेऑफ के समीकरण बिगाड़ दिए हैं, बल्कि टीम के भीतर चल रही कशमकश को भी दुनिया के सामने लाकर खड़ा कर दिया है। मैच के बाद कोच हेमंत बदानी की प्रेस कॉन्फ्रेंस और कप्तान अक्षर पटेल के बयानों ने दिल्ली के फैंस की चिंता बढ़ा दी है।
स्पिन की बिसात पर खुद ही मात खा गई दिल्ली
अरुण जेटली स्टेडियम (कोटला) की पिच अपनी धीमी प्रकृति और स्पिन के अनुकूल होने के लिए जानी जाती है। टॉस जीतकर दिल्ली कैपिटल्स ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, यह उम्मीद करते हुए कि मैच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, पिच और धीमी होगी और उनके स्पिनर दूसरी पारी में कहर बरपाएंगे। लेकिन कहानी इसके ठीक उलट रही।
चेन्नई के स्पिनरों ने अपनी फिरकी के जाल में दिल्ली के टॉप-ऑर्डर को ऐसा फंसाया कि टीम महज 70 रन पर 5 विकेट गंवा चुकी थी। बदानी ने स्वीकार किया कि खेल वहीं खत्म हो गया था। उन्होंने कहा, "आप 70 पर 5 होकर मैच जीतने की उम्मीद नहीं कर सकते, चाहे पिच कितनी भी मुश्किल क्यों न हो।"
कुलदीप यादव मिस्ट्री
दिल्ली की इस हार का सबसे बड़ा विलेन उनकी सबसे बड़ी ताकत—कुलदीप यादव—का खराब प्रदर्शन रहा। जहाँ एक तरफ जडेजा और तीक्षणा ने अपनी उंगलियों के जादू से रनों पर अंकुश लगाया, वहीं कुलदीप यादव असहाय नजर आए। उन्होंने अपने 3 ओवरों में बिना किसी सफलता के 34 रन लुटाए।
कुलदीप की फॉर्म अब टीम मैनेजमेंट के लिए एक गंभीर सिरदर्द बन चुकी है। 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो कुलदीप यादव इस सीजन के सबसे महंगे स्पिनर साबित हो रहे हैं। 21 प्रमुख स्पिनरों में उनका इकोनॉमी रेट सबसे खराब (10.36) है। बदानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में माना कि कुलदीप अपनी उस गति (Speed) से गेंदबाजी नहीं कर पा रहे हैं जिसके लिए वो जाने जाते हैं, लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि टीम मैनेजमेंट अभी भी उन पर पूरा भरोसा जता रहा है।
कप्तान की निराशा और तालमेल की कमी
मैच के बाद कप्तान अक्षर पटेल का बयान चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने अनौपचारिक रूप से कहा, *"जब हम गेंदबाजी कर रहे थे, तो मुझे अपने पार्टनर (कुलदीप) की कमी महसूस हुई।"* यह बयान सीधे तौर पर कुलदीप की फॉर्म पर प्रहार था। कोच और कप्तान के बीच इस 'कम्युनिकेशन गैप' और मैदान पर खिलाड़ियों के बीच की कुंठा यह बताती है कि दिल्ली कैपिटल्स के ड्रेसिंग रूम में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।
पिच पर सवाल और कोच का बचाव
क्या दिल्ली ने टॉस जीतकर गलत फैसला लिया? इस सवाल पर हेमंत बदानी ने सीधा जवाब देने के बजाय 'पिच' को ढाल बनाया। उन्होंने कहा कि घरेलू मैदान होने के बावजूद कोच या टीम के पास पिच तैयार करने का कोई कंट्रोल नहीं होता। उनके अनुसार, "हमारे लिए यह समझना मुश्किल हो रहा है कि दिल्ली की पिच कैसा बर्ताव करेगी। एक मैच में यहाँ 265 रन बनते हैं और दूसरे में गेंद रुककर आती है।"
अक्षर पटेल और टीम का सामूहिक फेलियर
सिर्फ कुलदीप ही नहीं, बल्कि खुद कप्तान अक्षर पटेल का बल्ला भी इस सीजन खामोश रहा है। मध्यक्रम में अक्षर की विफलता टीम को भारी पड़ रही है। हालांकि बदानी ने कहा कि वे किसी एक खिलाड़ी पर उंगली नहीं उठाएंगे, लेकिन हकीकत यह है कि सीनियर खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन ने यंग ब्रिगेड पर दबाव बढ़ा दिया है।
प्लेऑफ की राह: अब कोई गलती नहीं चलेगी
दिल्ली कैपिटल्स फिलहाल अंक तालिका में सातवें स्थान पर है। 10 मैचों में केवल 4 जीत के साथ उनके पास 8 अंक हैं। अब प्लेऑफ की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए दिल्ली को एक असंभव सा दिखने वाला काम करना होगा।
बाकी बचे सभी 4 मैच जीतने होंगे किसी भी एक हार का मतलब होगा टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता।नेट रन-रेट में सुधार दिल्ली का रन-रेट भी नेगेटिव में है, जिसे बड़ी जीत के जरिए सुधारना होगा। कुलदीप की वापसी अगर कुलदीप अगले मैचों में विकेट नहीं निकालते, तो दिल्ली के लिए बीच के ओवरों में विपक्षी टीम को रोकना मुश्किल हो जाएगा।
दिल्ली कैपिटल्स के लिए IPL 2026 अब 'करो या मरो' की स्थिति में है। कोच बदानी ने भले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में खिलाड़ियों का बचाव किया हो, लेकिन मैदान पर उन्हें कड़े फैसले लेने होंगे। क्या कुलदीप अपनी लय हासिल कर पाएंगे? क्या अक्षर पटेल अपनी टीम को मुश्किल घड़ी से बाहर निकाल पाएंगे? दिल्ली के फैंस इन्हीं सवालों के जवाब ढूँढ रहे हैं। आने वाले चार मुकाबले दिल्ली कैपिटल्स की तकदीर का फैसला करेंगे।
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