नई दिल्ली: ईस्ट ऑफ कैलाश' से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने न सिर्फ दिल्ली बल्कि पूरे देश के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। एक रसूखदार IRS अफसर के घर में घुसकर उनकी 22 साल की होनहार बेटी की हत्या कर दी गई। चौंकाने वाली बात यह है कि इस खौफनाक वारदात को किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उसी शख्स ने अंजाम दिया जिसे परिवार ने अपनी सेवा के लिए घर में रखा था।
क्या है पूरा मामला ?
वारदात दिल्ली के पॉश इलाके ईस्ट ऑफ कैलाश की है। यहाँ रहने वाले एक सीनियर ब्यूरोक्रेट (IRS अधिकारी) की 22 वर्षीय बेटी घर में अकेली थी। पूरा परिवार जब घर लौटा, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बेटी का शव घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। आनन-फानन में पुलिस को खबर दी गई। शुरुआती जांच में जो सच सामने आया, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। जांच में पता चला कि युवती की न सिर्फ गला घोंटकर हत्या की गई, बल्कि उसके साथ दरिंदगी (रेप) भी की गई थी।
आखिर कैसे पकड़ा गया कातिल राहुल
पुलिस ने तहकीकात शुरू की तो सबसे पहले घर के पुराने नौकरों की लिस्ट खंगाली गई। शक की सुई 19 साल के राहुल पर जाकर रुकी, जिसे ठीक एक महीने पहले ही नौकरी से निकाला गया था। सीसीटीवी फुटेज (CCTV) खंगाली गई तो राहुल सुबह करीब 6:28 बजे घर से बाहर निकलता दिखाई दिया।
पुलिस की कई टीमों ने राहुल का पीछा किया और आखिरकार उसे द्वारका के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया गया, जहाँ वह छिपकर बैठा था। राहुल मूल रूप से राजस्थान के अलवर का रहने वाला है।
वारदात से पहले क्यों निकला था राहुल को घर से ?
ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस विजय कुमार ने बताया कि राहुल को घर से निकालने की वजह उसकी बुरी आदतें थीं। राहुल को ऑनलाइन गेम खेलने की लत थी। इस लत को पूरा करने के लिए वह आस-पास के घरों में काम करने वाले नौकरों से पैसे उधार लेता था और कभी वापस नहीं करता था। उसकी इन्हीं हरकतों और पैसों की हेराफेरी की वजह से IRS अफसर के परिवार ने उसे एक महीने पहले काम से हटा दिया था। इसी बात का बदला लेने और लूटपाट के इरादे से वह उस दिन घर में दाखिल हुआ
चाबी से घर में ली एंट्री
पुलिस के मुताबिक, राहुल ने घर में जबरदस्ती एंट्री नहीं की थी। चूंकि वह पहले वहां काम करता था, उसके पास घर की एक 'स्पेयर चाबी' (Extra Key) थी। वह रात में ही अलवर से दिल्ली आया और उसी चाबी का इस्तेमाल कर घर के अंदर घुस गया। उसे पता था कि युवती घर में अकेली है। आरोपी ने पहले उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर पकड़े जाने के डर से फोन के चार्जर से गला घोंटकर उसकी जान ले ली।
सपनों से भरा था आशियाना,पल भर में उजड़ गया
पीड़ित युवती कोई मामूली छात्रा नहीं थी। वह दिल्ली के नामी स्कूल DPS आरके पुरम की छात्रा रही थी और उसने हाल ही में IIT दिल्ली से ग्रेजुएशन पूरा किया था। वह अपने पिता की तरह ही एक बड़ा अधिकारी बनने का सपना देख रही थी और UPSC की तैयारी में जुटी थी। पढ़ाई के साथ-साथ वह एक बेहतरीन डांसर भी थी और उसने कई पुरस्कार जीते थे।
परिवार में उसके बड़े भाई एक मल्टीनेशनल कंपनी में सीनियर पद पर हैं और माँ एक डॉक्टर हैं। जिस बेटी को माता-पिता ने बड़े नाजों से पालकर काबिल बनाया था, उसकी जिंदगी का अंत एक सनकी और लालची नौकर ने कर दिया।
पुलिस वेरिफिकेशन पर बड़े सवाल
इस घटना ने एक बार फिर 'डोमेस्टिक हेल्प वेरिफिकेशन' (Domestic Help Verification) की अहमियत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में पता चला कि राहुल का पिछला रिकॉर्ड भी खराब था और अलवर में उस पर पहले से ही छेड़छाड़ का एक मामला दर्ज था। हैरानी की बात यह है कि राहुल को IRS अफसर के ऑफिस में तैनात एक सुपरिटेंडेंट के रेफरेंस पर रखा गया था, जिसकी वजह से शायद परिवार ने उस पर ज्यादा भरोसा कर लिया।
दिल्ली जैसी जगहों पर जहाँ लोग अपनी सुरक्षा के लिए भारी-भरकम गेट और गार्ड्स रखते हैं, वहाँ घर के अंदर मौजूद शख्स ही काल बन जाए, यह वाकई डराने वाला है। पुलिस ने राहुल पर हत्या, रेप और लूटपाट की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।