नई दिल्ली: दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सूरज के कड़े तेवर ने आम जनजीवन को पूरी तरह से झुलसा दिया है। अप्रैल के महीने में ही राजधानी किसी जलती हुई भट्टी की तरह तप रही है। आलम यह है कि दोपहर होते-होते सड़कें सूनी हो रही हैं और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। हालांकि, इस झुलसा देने वाली गर्मी के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक राहत भरी खबर दी है। उत्तर भारत की ओर बढ़ रहे एक नए 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbance) के कारण जल्द ही मौसम का मिजाज बदलने वाला है, जिससे दिल्लीवासियों को तपती लू से राहत मिल सकती है।
44 डिग्री के करीब पहुंचा पारा लू का येलो अलर्ट
पिछले कुछ दिनों से दिल्ली और उससे सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में तापमान लगातार कुलांचे मार रहा है। शुक्रवार को सफदरजंग मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। वहीं, मुंगेशपुर, नजफगढ़ और पीतमपुरा जैसे इलाकों में पारा 43 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच झूल रहा है। मौसम विभाग ने आज यानी 25 अप्रैल के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है, जिसका सीधा मतलब है कि दिन के समय लू (Heatwave) का प्रकोप अपने चरम पर रहेगा। उत्तर-पश्चिमी दिशा से आने वाली गर्म और शुष्क हवाएं 25-35 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं, जो त्वचा को झुलसाने वाली जलन का अहसास कराएंगी।
सिर्फ दिन ही नहीं अब रातें भी होने लगीं बेचैन
दिल्ली वालों के लिए मुसीबत सिर्फ सूरज की रोशनी तक सीमित नहीं है। अब रातें भी उतनी ही गर्म और उमस भरी हो गई हैं। आंकड़ों के मुताबिक, न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग 3 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। इसका मुख्य कारण यह है कि दिन भर की भीषण तपन के बाद रात में कंक्रीट की इमारतें गर्मी छोड़ रही हैं, जिससे पंखे और कूलर भी अब बेअसर साबित हो रहे हैं। रात का तापमान 26-27 डिग्री के आसपास बना हुआ है, जिससे लोगों की नींद और सुकून दोनों प्रभावित हो रहे हैं। उमस बढ़ने के कारण बिजली की मांग में भी रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी देखी जा रही है।
26 अप्रैल से बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली-NCR को इस भीषण गर्मी से 26 अप्रैल (रविवार) की शाम से राहत मिलने की उम्मीद है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों से होते हुए मैदानी इलाकों की तरफ बढ़ रहा है।
इसके प्रभाव से दिल्ली के आसमान पर बादलों का डेरा डलना शुरू होगा। यह बदलाव सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विक्षोभ इस सीजन का सबसे प्रभावी सिस्टम हो सकता है जो अप्रैल की विदाई थोड़ी नमी के साथ कराएगा।
आंधी और बारिश का अलर्ट शुरू होंगी प्री-मानसून' गतिविधियां
विशेषज्ञों का अनुमान है कि 27 और 28 अप्रैल से दिल्ली-NCR में प्री-मानसून (Pre-Monsoon) गतिविधियां सक्रिय हो जाएंगी। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार क्षेत्र में निम्नलिखित बदलाव देखने को मिल सकते हैं:
धूल भरी आंधी: 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो विजिबिलिटी को कम कर सकती हैं।
गर्जना और चमक: 27 अप्रैल की शाम से थंडरस्टॉर्म (गर्जन के साथ तूफान) की संभावना बनी हुई है।
हल्की बारिश: 28 से 30 अप्रैल के बीच दिल्ली के अलग-अलग पॉकेट्स में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
यह सिलसिला अप्रैल के अंत तक रुक-रुक कर जारी रहने की संभावना है, जिससे अधिकतम तापमान लुढ़क कर 38 डिग्री सेल्सियस के नीचे आ सकता है।
क्यों खास है इस बार का पश्चिमी विक्षोभ ?
आमतौर पर अप्रैल के अंतिम सप्ताह में उत्तर भारत भीषण 'हीट वेव' की चपेट में रहता है। लेकिन इस बार का पश्चिमी विक्षोभ भौगोलिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। जब मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं (Middle Tropospheric Westerlies) के साथ नमी का संगम होता है, तो मैदानी इलाकों की गर्म हवाओं से टकराकर बादलों का निर्माण होता है।
इस प्रक्रिया से न केवल तापमान गिरता है, बल्कि वायुमंडल में मौजूद धूल के कण भी नीचे बैठ जाते हैं, जिससे वायु गुणवत्ता (AQI) में भी सुधार होता है। जानकारों का कहना है कि यह समय पर मानसून के आगमन के लिए भी एक सकारात्मक वातावरण तैयार करता है।
गर्मी का कृषि और बिजली ग्रिड पर असर
इस प्रचंड गर्मी का सीधा असर कृषि और बिजली आपूर्ति पर भी पड़ रहा है। बढ़ती गर्मी के कारण दिल्ली के बिजली ग्रिड पर दबाव बढ़ गया है, जिससे कई इलाकों में अघोषित बिजली कटौती की खबरें आ रही हैं। वहीं, ग्रामीण इलाकों में सब्जियों की फसलें समय से पहले पक रही हैं या झुलस रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में सब्जी मंडी में कीमतों में उछाल आने की आशंका है। दिल्ली-NCR के प्रमुख जलाशयों में भी पानी का स्तर तेजी से नीचे गिर रहा है, जिससे कई कॉलोनियों में पानी की किल्लत पैदा हो गई है।
सेहत का रखें खास ख्याल डॉक्टरों की सलाह
जब तक मौसम में ठंडक नहीं आती, तब तक स्वास्थ्य विशेषज्ञ विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। अस्पतालों में 'हीट स्ट्रोक' और गंभीर डिहाइड्रेशन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
तरल पदार्थों का सेवन: पानी, छाछ, नींबू पानी और ओआरएस (ORS) का लगातार इस्तेमाल करें। प्यास न लगने पर भी हर 20 मिनट में पानी पीते रहें।
दोपहर की धूप से बचें: सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। यदि निकलना जरूरी हो, तो सिर को कपड़े या छतरी से ढंक कर रखें।
खान-पान: तरबूज, खीरा, ककड़ी और संतरा जैसे पानी से भरपूर फलों को अपनी डाइट में शामिल करें। बासी भोजन और अत्यधिक चाय-कॉफी से परहेज करें।
क्या है आगे की तस्वीर ?
फिलहाल, आज यानी 25 अप्रैल को दिल्लीवासियों को अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि हवा की रफ्तार धीमी रहने और सूरज की सीधी तपिश के कारण पारा 44 डिग्री को छू सकता है। हालांकि, रविवार शाम से शुरू होने वाली 'राहत की आहट' निश्चित रूप से इस सप्ताह की सबसे बड़ी राहत होगी। मौसम विभाग लगातार सैटेलाइट इमेजरी के जरिए विक्षोभ की गति पर नजर रखे हुए है। दिल्ली नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को भी संभावित आंधी-तूफान को देखते हुए अलर्ट पर रखा गया है ताकि पेड़ गिरने या बिजली के खंभों को नुकसान होने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। आने वाला हफ्ता दिल्ली वालों के लिए 'उम्मीद की फुहार' लेकर आने वाला है।