अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए आईपीएल 2026 के 25वें मुकाबले में गुजरात टाइटंस ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 5 विकेट से हराकर अपनी स्थिति और भी मजबूत कर ली है। यह मैच केकेआर के लिए बहुत महत्वपूर्ण था क्योंकि वे इस सीजन में अब तक एक भी जीत दर्ज नहीं कर पाए हैं लेकिन शुभमन गिल की शानदार बल्लेबाजी के सामने केकेआर के गेंदबाजों की एक न चली। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी कोलकाता की टीम ने 20 ओवर में 180 रन बनाए थे जिसे गुजरात ने 19.4 ओवर में हासिल कर लिया। इस जीत के साथ गुजरात टाइटंस अब अंक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गई है जबकि केकेआर की टीम सबसे नीचे 10वें पायदान पर संघर्ष कर रही है। मैच की शुरुआत से ही गुजरात का पलड़ा भारी नजर आ रहा था और गिल ने अपनी कप्तानी पारी से यह साबित कर दिया कि क्यों उन्हें इस समय का सबसे बेहतरीन बल्लेबाज माना जाता है।
केकेआर की खराब शुरुआत और टॉप ऑर्डर का पूरी तरह फ्लॉप होना
कोलकाता नाइट राइडर्स ने इस मैच में अपने ओपनिंग कॉम्बिनेशन में बड़ा बदलाव किया था और फिन एलन की जगह टिम सीफर्ट को मौका दिया गया था। हालांकि यह दांव भी टीम के काम नहीं आया क्योंकि मोहम्मद सिराज ने अपने पहले ही ओवर में केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे को केवल 3 रन के स्कोर पर पवेलियन भेज दिया। रहाणे के आउट होने के बाद आए अंक्रिश रघुवंशी भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और कगिसो रबाडा की उछाल भरी गेंद पर विकेटकीपर को कैच दे बैठे। पावरप्ले के छह ओवरों में केकेआर ने अपने तीन मुख्य विकेट खो दिए थे और स्कोर केवल 37 रन था। यह इस सीजन का पांचवां सबसे कम पावरप्ले स्कोर था जो केकेआर की बल्लेबाजी की गहराई पर सवाल खड़े करता है। टिम सीफर्ट ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए और 14 गेंदों में 19 रन बनाए लेकिन वे अपनी पारी को बड़े स्कोर में तब्दील करने में नाकाम रहे।
कैमरून ग्रीन की सबसे अजीबोगरीब पारी और रनों का सूखा
केकेआर की पारी का सबसे अनोखा हिस्सा कैमरून ग्रीन की बल्लेबाजी रही। ग्रीन की इस पारी को विशेषज्ञों ने तीन हिस्सों में बांटा है। उन्होंने अपनी शुरुआती 29 गेंदों में केवल 27 रन बनाए थे और गेंद को बाउंड्री के पार भेजने में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ रहा था। लेकिन अचानक 12वें ओवर के बाद ग्रीन ने अपना गियर बदला और अगली 13 गेंदों में ताबड़तोड़ 48 रन कूट दिए। इस दौरान उन्होंने राशिद खान और अशोक शर्मा जैसे गेंदबाजों को निशाने पर लिया और मैदान के चारों ओर छक्के लगाए। हालांकि जब टीम को अंत में बड़े फिनिश की जरूरत थी तब ग्रीन फिर से शांत हो गए और अपनी आखिरी 11 गेंदों में केवल 4 रन बना सके। केकेआर ने अपने आखिरी 5 विकेट केवल 22 गेंदों के भीतर खो दिए जिससे वे 200 के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाए। ग्रीन 55 गेंदों में 79 रन बनाकर नाबाद रहे लेकिन उनकी पारी के अंत ने केकेआर को कम से कम 20 रन पीछे छोड़ दिया।
शुभमन गिल और साई सुदर्शन की धमाकेदार ओपनिंग पार्टनरशिप
181 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस की शुरुआत किसी आंधी की तरह थी। शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने पहले ही ओवर से केकेआर के गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। गिल ने अपनी पारी में कुल 86 रन बनाए और इसके लिए उन्होंने केवल 50 गेंदों का सामना किया। गिल ने पावरप्ले के दौरान ही 15 गेंदों में 34 रन बना लिए थे और टीम का स्कोर 5.1 ओवर में 57 रन तक पहुंचा दिया था। साई सुदर्शन ने भी अपनी भूमिका बखूबी निभाई और 9 गेंदों में 17 रन बनाकर आउट हुए लेकिन तब तक गुजरात को वह मंच मिल चुका था जिसकी उन्हें जरूरत थी। केकेआर के मिस्ट्री स्पिनर सुनील नारायण भी इस जोड़ी को रोकने में नाकाम रहे और उनके खिलाफ भी गिल ने शानदार कवर ड्राइव और पुल शॉट लगाए। बल्लेबाजी के दौरान गिल का कंट्रोल 85 प्रतिशत से ज्यादा था जो उनकी क्लास को दर्शाता है।
जोस बटलर की वापसी
साई सुदर्शन के आउट होने के बाद मैदान पर आए जोस बटलर ने अपनी पुरानी लय में लौटने के संकेत दिए। बटलर ने 24 गेंदों में 38 रनों की साझेदारी गिल के साथ की जिससे मैच केकेआर की पकड़ से पूरी तरह बाहर हो गया। हालांकि जब टीम जीत की ओर बढ़ रही थी तब वरुण चक्रवर्ती ने बटलर को आउट करके केकेआर की उम्मीदें जगाईं। यह वरुण का आईपीएल 2026 का पहला विकेट था और केकेआर के लिए उनका 100वां विकेट भी था। इसके बाद वाशिंगटन सुंदर भी 13 रन बनाकर चलते बने लेकिन गिल दूसरे छोर पर मजबूती से खड़े रहे। शुभमन गिल ने 27 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और टीम को जीत के करीब ले गए। जब वे आउट हुए तब गुजरात को बहुत कम रनों की जरूरत थी। अंत में राहुल तवेतिया और इम्पैक्ट प्लेयर शाहरुख खान ने सूझबूझ से बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट से टीम को यादगार जीत दिला दी।
गुजरात की गेंदबाजी का कमाल और रबाडा की रफ्तार
गुजरात टाइटंस की जीत में उनके गेंदबाजों का भी अहम योगदान रहा। कगिसो रबाडा ने 4 ओवर में 3 विकेट लेकर केकेआर के मध्यक्रम को झकझोर दिया। उन्होंने न केवल विकेट लिए बल्कि रनों की गति पर भी अंकुश लगाया। मोहम्मद सिराज ने शुरुआत में आउटस्विंग गेंद से रहाणे को परेशान किया और उनकी रफ्तार भी 145 के आसपास रही। अशोक शर्मा ने अपनी स्लोअर गेंदों का बेहतरीन इस्तेमाल किया और रोवमैन पॉवेल जैसे बड़े हिटर को अपने जाल में फंसाया। राशिद खान ने हालांकि शुरुआत में रन लुटाए थे लेकिन उन्होंने आखिरी ओवर में कैमरून ग्रीन को आउट करके अपनी उपयोगिता साबित की। गुजरात की इस अनुशासित गेंदबाजी की वजह से ही केकेआर एक बड़ा स्कोर बनाने में विफल रही जो अंत में हार का मुख्य कारण बना।
निष्कर्ष और अंक तालिका में टीमों की स्थिति
इस मैच के नतीजे ने यह साफ कर दिया है कि गुजरात टाइटंस इस बार फिर से खिताब की प्रबल दावेदार है। शुभमन गिल की कप्तानी और उनकी खुद की बल्लेबाजी टीम के लिए सबसे बड़ा प्लस पॉइंट है। वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए अब हर मैच करो या मरो वाला बन गया है। अगर वे अगले दो मैचों में जीत दर्ज नहीं कर पाते हैं तो वे प्लेऑफ की दौड़ से आधिकारिक तौर पर बाहर हो जाएंगे। अजिंक्य रहाणे को अपनी बल्लेबाजी के साथ-साथ कप्तानी में भी कुछ कड़े फैसले लेने होंगे ताकि टीम फिर से जीत की पटरी पर लौट सके।