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भीषण गर्मी के बीच पावर ग्रिड फेल होने का खतरा! दिल्ली-नोएडा में रात का ब्लैकआउट शुरू ऊर्जा मंत्रालय की बड़ी अपील

भीषण गर्मी के बीच पावर ग्रिड फेल होने का खतरा! दिल्ली-नोएडा में रात का ब्लैकआउट शुरू ऊर्जा मंत्रालय की बड़ी अपील

 

नई दिल्ली: अल नीनो (El Nino) मौसम प्रणाली के प्रभाव के कारण देश के बड़े हिस्से में जारी भीषण हीटवेव (लू) ने भारत के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को चरमरा दिया है. चालू सीजन में अत्यधिक तापमान और उमस के चलते देश में बिजली की कुल मांग (Peak Power Demand) इतिहास में पहली बार 270 गीगावॉट (GW) के सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर को पार कर गई है. मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर को देखते हुए केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने आम उपभोक्ताओं से बिजली का विवेकपूर्ण और सीमित इस्तेमाल करने की अपील जारी की है. इस बीच, उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत के तकनीकी और मैन्युफैक्चरिंग हब तक बिजली कटौती का सिलसिला तेज हो गया है.

रात के समय गहरा रहा है बिजली संकट ग्रिड-इंडिया ने जारी किए आंकड़े

राष्ट्रीय नियामक ग्रिड-इंडिया (Grid-India) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि देश में बिजली की भारी किल्लत मुख्य रूप से रात के घंटों के दौरान हो रही है. हालिया आंकड़ों के मुताबिक, देर शाम और रात के समय देश में पीक पावर डेफिसिट (बिजली की कुल कमी) लगभग 2.57 गीगावॉट दर्ज की गई है. ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, दिन के समय बिजली की मांग का एक बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा (Solar Generation) से आसानी से पूरा हो जाता है. लेकिन सूर्य ढलने के बाद ग्रिड पूरी तरह से थर्मल (कोयला आधारित) और हाइड्रोपावर (जल विद्युत) स्रोतों पर निर्भर हो जाता है, जिससे लोड अचानक बढ़ जाता है. यही कारण है कि देश के रिहायशी इलाकों में रात के समय बार-बार ट्रिपिंग और अघोषित बिजली कटौती देखने को मिल रही है.

चेन्नई से लेकर दिल्ली-नोएडा तक अघोषित कटौती वर्क फ्रॉम होम प्रभावित

इस संकट का सीधा असर आम जनजीवन और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ने लगा है. दक्षिण भारत के प्रमुख औद्योगिक और आईटी हब चेन्नई के प्रभावित निवासियों ने बताया कि शहर के दक्षिणी हिस्सों में पिछले दो दिनों से 40 मिनट से लेकर एक घंटे तक की कटौती छोटे-छोटे अंतरालों पर की जा रही है, जिससे रात के समय 'वर्क फ्रॉम होम' करने वाले पेशेवरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसी तरह की शिकायतें देश की राजधानी नई दिल्ली, दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा और गाजियाबाद से भी सामने आ रही हैं, जहां उपभोक्ताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर रात के समय होने वाले ब्लैकआउट के खिलाफ रोष दर्ज कराया है.

पूर्वी भारत में भी बढ़ा तनाव, ओडिशा में दिन-रात की कटौती से बढ़े हीटस्ट्रोक के मामले

बिजली की यह किल्लत केवल मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूर्वी तटीय राज्य ओडिशा में भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ओडिशा के कई ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में दिन और रात दोनों समय लंबी बिजली कटौती की जा रही है. स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, एक तरफ जहां तापमान लगातार बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ बिजली की अनुपलब्धता के कारण पूरे देश में अब तक 300 से अधिक संदिग्ध हीटस्ट्रोक (लू लगने) के मामले दर्ज किए जा चुके हैं. मौसम विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर और पूर्वी भारत में अगले 27 मई तक 'भीषण से अत्यधिक भीषण हीटवेव' का अलर्ट जारी रखा है, जिससे आने वाले दिनों में ग्रिड पर दबाव और ज्यादा बढ़ने की संभावना है.

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बैटरी स्टोरेज सिस्टम को तेजी से लागू करने की जरूरत: CEEW

ऊर्जा और पर्यावरण थिंक-टैंक 'काउंसिल ऑन एनर्जी, एंवायरमेंट एंड वॉटर' (CEEW) के वरिष्ठ विश्लेषकों का कहना है कि यह संकट केवल गर्मियों की एक सामान्य समस्या नहीं है, बल्कि यह बदलते जलवायु पैटर्न और लगातार गर्म होती रातों का नतीजा है. विशेषज्ञों का सुझाव है कि भारत को दिन के समय उत्पन्न होने वाली सरप्लस (अतिरिक्त) सौर ऊर्जा को रात में इस्तेमाल करने के लिए 'बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम' (BESS) को तेजी से चालू करना होगा. वर्तमान थर्मल और हाइड्रो क्षमताएं रात के समय अचानक बढ़ने वाले घरेलू लोड को संभालने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हो रही हैं, जिसके लिए ग्रिड के आधुनिकरण को और तेज करना होगा.

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