गुजरात के एक श्रद्धालु, दिलीप भाई माली, की यात्रा शुरू होने के कुछ ही समय बाद हार्ट अटैक से मौत हो गई। 22 अप्रैल 2026 को केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने के बाद यह घटना हुई। ऑनलाइन दावों के मुताबिक, उनके बेटे हेमंत माली ने कई बार हेलीकॉप्टर से अपने पिता के शव को वहां से लाने की मांग की।
जहां व्यक्ति का कहना है

उनका कहना है कि मेरे मां और पापा दोनों यात्रा के लिए आए थे जहां व्यक्ति का कहना है कि उनके पापा को हार्ट के कारण चाकर आने पर ओ गिर गए तत्काल व्यक्ति ने 100 पर कॉल किया और मेडिकल टीम को बुलाया
जहां व्यक्ति का कहना है कि 5- 10 मिनट कहने पर नहीं आए
आखिर मैं हार मानकर व्यक्ति ने खुद हॉस्पिटल लाया जहां उनके पापा को मृत घोषित कर दिया गया
लेकिन बताया जा रहा है कि स्थानीय प्रशासन ने यह मांग खारिज कर दी, क्योंकि DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) का NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) नहीं था, जो नई हेलीकॉप्टर सुरक्षा नियमों के तहत जरूरी है। इसके बाद विवाद बढ़ गया, क्योंकि आरोप है कि उसी समय कुछ अधिकारियों, जिनमें रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी भी शामिल हैं, ने हेलीकॉप्टर सेवाओं का इस्तेमाल किया।
इस घटना के बाद बहस छिड़ गई है कि क्या सख्त एविएशन नियमों को सब पर बराबर लागू किया जा रहा है और क्या केदारनाथ यात्रा जैसे जोखिम भरे आयोजनों में बेहतर इमरजेंसी व्यवस्था की जरूरत है।