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LPG सिलेंडर डिलीवरी के नियम बदले और पाम ऑयल का बढ़ता संकट: आम आदमी की जेब पर दोहरी मार

LPG सिलेंडर डिलीवरी के नियम बदले और पाम ऑयल का बढ़ता संकट: आम आदमी की जेब पर दोहरी मार

भारत में आम आदमी की रसोई पर इस वक्त दोहरी मार पड़ती दिख रही है। एक तरफ जहां घरेलू गैस सिलेंडर (LPG) प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूरी तरह बदल दिया गया है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक राजनीति और ईरान युद्ध के चलते पाम ऑयल (Palm Oil) की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है। यदि आप भी गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं या बाजार के बने बिस्किट, नमकीन और साबुन-शैम्पू का उपयोग करते हैं, तो यह खबर आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण है।

इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि सरकार ने सिलेंडर डिलीवरी के नियमों में क्या बदलाव किए हैं और कैसे इंडोनेशिया की एक नई नीति भारत के 'समोसा प्रेमियों' और गृहिणियों का बजट बिगाड़ने वाली है।

 LPG सिलेंडर डिलीवरी का नया DAC सिस्टम

अब वह समय बीत गया जब डिलीवरी बॉय आता था और आप सीधे सिलेंडर ले लेते थे। अब भारत की प्रमुख तेल कंपनियों (Indane, HP, Bharat Gas) ने सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए Delivery Authentication Code (DAC) सिस्टम को अनिवार्य कर दिया है।

क्या है DAC कोड और इसकी जरूरत क्यों है इसकी जरूरत 

DAC एक डिजिटल सुरक्षा कोड है जो गैस की कालाबाजारी को रोकने के लिए बनाया गया है। अक्सर शिकायतें आती थीं कि कमर्शियल उपयोग के लिए घरेलू सिलेंडरों की चोरी हो जाती थी या बुकिंग किसी और के नाम पर होती थी और डिलीवरी कहीं और। इस 'लीकेज' को रोकने के लिए अब OTP आधारित सिस्टम लागू किया गया है।

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कैसे काम करता है यह नया नियम ?

जब भी आप सिलेंडर बुक करेंगे, आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक 4 या 6 अंकों का DAC कोड भेजा जाएगा। जब डिलीवरी बॉय आपके घर सिलेंडर लेकर आएगा, तो आपको उसे वह कोड बताना होगा। वह अपने मोबाइल ऐप में उस कोड को फीड करेगा, जिसके बाद ही सिलेंडर की डिलीवरी आधिकारिक तौर पर पूरी मानी जाएगी।

बिना मोबाइल नंबर अपडेट किए क्यों नहीं मिलेगा सिलेंडर ?

अगर आपका गैस कनेक्शन से जुड़ा मोबाइल नंबर बंद हो चुका है, तो आपके पास कोड नहीं आएगा। बिना कोड के डिलीवरी बॉय सिस्टम में एंट्री नहीं कर पाएगा और नियमों के अनुसार, उसे सिलेंडर वापस ले जाना होगा। इसलिए, सिलेंडर पाने के लिए एक्टिव मोबाइल नंबर का लिंक होना अब अनिवार्य शर्त है।

घर बैठे मोबाइल नंबर अपडेट करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

अगर आपका नंबर पुराना है या आप उसे बदलना चाहते हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप नीचे दिए गए तरीकों से इसे मिनटों में अपडेट कर सकते हैं:

• गैस कंपनी के आधिकारिक ऐप से (जैसे IndianOil One)

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• सबसे पहले अपनी गैस कंपनी का ऐप डाउनलोड करें और रजिस्टर करें।

• लॉगिन करने के बाद होमपेज पर जाएं और 'Other Services' या 'Profile' सेक्शन को चुनें।

• यहाँ आपको 'Change Mobile Number' का विकल्प मिलेगा।

• अपना नया 10 अंकों का नंबर दर्ज करें और आपके नंबर पर आए OTP के जरिए उसे वेरिफाई करें।

MyLPG.in पोर्टल के माध्यम से

• वेब ब्राउज़र पर www.mylpg.in खोलें।

• स्क्रीन पर दिख रहे तीन सिलेंडरों (Indane, HP, Bharat Gas) में से अपनी कंपनी पर क्लिक करें।

• अपने कंज्यूमर अकाउंट में लॉगिन करें।

• Personal Details या Profile Update में जाकर मोबाइल नंबर बदलें।

• WhatsApp का इस्तेमाल करें

आजकल अधिकांश गैस एजेंसियां WhatsApp चैटबॉट की सुविधा दे रही हैं। आप अपनी एजेंसी के रजिस्टर्ड नंबर पर 'Hi' भेजकर मेन्यू से 'Update Mobile Number' चुन सकते हैं।

पाम ऑयल का बढ़ता संकट – समोसे से लेकर साबुन तक सब निशाने पर

रसोई गैस के नियमों के अलावा, एक और बड़ी आफत अंतरराष्ट्रीय बाजार से आ रही है। ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारत की खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी है।

1. इंडोनेशिया की B50 पॉलिसी क्या है ?

इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा पाम ऑयल उत्पादक है। हाल ही में इंडोनेशियाई सरकार ने घोषणा की है कि वे अपनी B50 पॉलिसी लागू करने जा रहे हैं। इसके तहत वे अपने देश में बिकने वाले डीजल में 50% पाम ऑयल मिलाएंगे।

इसका मतलब क्या है? इसका सीधा मतलब यह है कि इंडोनेशिया अब पाम ऑयल को दुनिया को बेचने (निर्यात) के बजाय खुद 'बायो-डीजल' बनाने में इस्तेमाल करेगा। चूंकि इंडोनेशिया भारत का सबसे बड़ा सप्लायर है, इसलिए वहां से सप्लाई कम होने का मतलब है भारत में भारी किल्लत।

भारत की 90% निर्भरता और पाम ऑयल का महत्व

भारत अपनी जरूरत का लगभग 95 लाख टन पाम ऑयल आयात करता है। यह हमारे कुल खाद्य तेल खपत का 40% है।

सस्ता विकल्प: पाम ऑयल अन्य तेलों (जैसे सूरजमुखी या सोयाबीन) से काफी सस्ता पड़ता है।

लंबी लाइफ: यह तेल जल्दी खराब नहीं होता, इसलिए कंपनियां इसे प्राथमिकता देती हैं।

किन किन चीजों के दाम बढ़ेंगे ?

अगर पाम ऑयल महंगा होता है, तो केवल खाना पकाने का तेल ही नहीं, बल्कि निम्नलिखित उत्पादों की कीमतें भी बढ़ेंगी:

फास्ट फूड: समोसे, कचौड़ी, चिप्स, कुरकुरे और भुजिया।

बेकरी आइटम: बिस्किट, केक, पेस्ट्री और कुकीज।

कॉस्मेटिक्स: साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट, लोशन और लिपस्टिक (इनमें झाग बनाने और गाढ़ापन देने के लिए पाम ऑयल का उपयोग होता है)।

रेडी-टू-ईट: इंस्टेंट नूडल्स, सॉस और फ्रोजन फूड।

 ईरान युद्ध और समुद्री रास्तों का संकट

पाम ऑयल के संकट को ईरान युद्ध ने और जटिल बना दिया है। समुद्र के जरिए माल भेजने का खर्च (Freight Cost) बढ़ गया है। जहाजों को अब लंबे रास्तों से आना पड़ रहा है, जिससे बीमा और ईंधन की लागत बढ़ गई है। भारत के पास फिलहाल 4 लाख टन से भी कम घरेलू उत्पादन है, जो हमारी भारी भरकम मांग के सामने ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।

डिजिटल अपडेट: सबसे पहले अपने गैस कनेक्शन का नंबर अपडेट करें ताकि सिलेंडर की किल्लत न हो।

बचत की आदत: आने वाले त्योहारों और महीनों में खाद्य तेलों और पैकेट बंद सामानों की कीमतों में 15-20% की तेजी देखी जा सकती है। अपने मासिक बजट को इसी अनुसार प्लान करें।

स्वदेशी विकल्प: यदि संभव हो, तो स्थानीय स्तर पर उत्पादित सरसों या मूंगफली के तेल का उपयोग बढ़ाएं, ताकि पाम ऑयल पर निर्भरता कम हो सके।

विशेष नोट: सरकार इस संकट से निपटने के लिए अन्य देशों (जैसे मलेशिया और थाईलैंड) से बातचीत कर रही है, लेकिन युद्ध की स्थिति और इंडोनेशिया की नई ऊर्जा नीति को देखते हुए सावधानी रखे।

स्रोत: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, ग्लोबल ट्रेड रिपोर्ट्स 2026.

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