महाराष्ट्र के वर्ली इलाके में पिछले महीने एक ऐसी घटना सामने आई जो पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई। मुंबई की रहने वाली टीना चौधरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। इस वीडियो में वह BJP नेता और महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन से सड़क पर जाकर भिड़ती नज़र आईं। अब टीना ने खुद सामने आकर बताया है कि आखिर उस दिन क्या-क्या हुआ था।
क्या था पूरा मामला ?
21 अप्रैल 2026 की शाम टीना चौधरी अपनी बेटी को संगीत की कक्षा से लेने के लिए निकली थीं। शाम चार बजे उन्होंने बेटी को क्लास में छोड़ा था और साढ़े चार बजे तक वापस आने की योजना थी। लेकिन महिंद्रा ताज के पास पहुंचते ही उनकी गाड़ी जाम में फंस गई।
दरअसल उस दिन BJP ने Women's Reservation Bill को लेकर एक बड़ी रैली निकाली थी। रैली के कारण दो बसें सड़क पर ही खड़ी कर दी गई थीं जिससे पूरा रास्ता बंद हो गया था। सैकड़ों गाड़ियां घंटों से वहीं खड़ी थीं।
पच्चीस मिनट गाड़ी में बैठकर किया इंतज़ार
टीना ने बताया कि वह पूरे पच्चीस मिनट तक अपनी गाड़ी में बैठकर इंतज़ार करती रहीं। जब कोई हलचल नहीं हुई तो वह खुद गाड़ी से उतर गईं और देखने निकलीं कि आखिर जाम क्यों नहीं खुल रहा। जब उन्हें पता चला कि दो बसें हटाने से सभी गाड़ियां U-टर्न लेकर निकल सकती हैं तो उन्होंने पुलिस से मदद माँगनी शुरू की।
उन्होंने कहा : अगले डेढ़ घंटे तक मैं वहाँ मौजूद हर एक पुलिसकर्मी के पास गई। मेरी एक ही गुज़ारिश थी कि बस ये दो बसें हटा दो, लोग U-टर्न लेकर निकल जाएंगे।"
पुलिस ने नहीं सुनी एक भी बात
यही इस पूरी घटना का सबसे बड़ा दर्दनाक पहलू है। टीना का कहना है कि डेढ़ घंटे तक उन्होंने एक-एक पुलिसकर्मी से विनती की लेकिन किसी ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया। न कोई जवाब मिला, न कोई आश्वासन।
उन्होंने अपने बयान में कहा — मुझे कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कोई जवाब नहीं। किसी ने नहीं सुना।
इसी निराशा और बेबसी में उन्होंने एक पानी की बोतल ज़मीन पर दे मारी। यही वह पल था जिसे किसी ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और वीडियो वायरल हो गया। हालांकि टीना ने साफ कहा कि वह बोतल किसी व्यक्ति की तरफ नहीं बल्कि पुलिस का ध्यान खींचने के लिए ज़मीन पर फेंकी गई थी क्योंकि उनके सामने एक डिवाइडर था और वह पुलिस तक सीधे नहीं पहुँच पा रही थीं।
शाम 6 बजे जब टूट गया धैर्य
टीना ने बताया कि जब वह मंत्री गिरीश महाजन तक पहुंचीं तब शाम के छह बजकर पंद्रह मिनट हो चुके थे। उनकी बेटी संगीत कक्षा में अकेली बैठी उनका इंतज़ार कर रही थी। दो घंटे से ज़्यादा समय बीत चुका था और उन्हें यह तक नहीं पता था कि वह कब बाहर निकल पाएंगी।
उन्होंने कहा — मुझे नहीं पता था कि मैं अपने बच्चे तक कब पहुँच पाऊंगी।
यही वह भावनात्मक क्षण था जिसने उनकी आवाज़ को और तेज़ कर दिया।
महाजन ने सुनी बात खुला रास्ता
टीना ने अपने बयान में मंत्री गिरीश महाजन की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि उस पूरी रैली में महाजन अकेले ऐसे इंसान थे जिन्होंने उनकी बात सुनी। महाजन के कहने पर दोनों बसें हटाई गईं और घंटों से फंसी सभी गाड़ियां U-टर्न लेकर मुख्य सड़क पर निकल सकीं।
उन्होंने कहा — मिस्टर महाजन उस पूरी रैली में एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने कम से कम मेरी बात सुनने की कोशिश की।
महाजन ने भी पहले खेद जताते हुए कहा था कि बड़ी रैलियों में यातायात की समस्या अनजाने में हो जाती है और उन्होंने महिला की परेशानी को दूर करने की पूरी कोशिश की।
वर्दी पर उठाए सवाल
टीना चौधरी का परिवार सेना से जुड़ा रहा है। उनके दादा, पिता समेत परिवार के आठ लोगों ने भारतीय सेना में सेवा दी है। इसी पृष्ठभूमि से उन्होंने पुलिस के रवैये पर सीधा सवाल उठाया।
उन्होंने कहा — वर्दी पहनने का मतलब है कि आप जनता की सेवा में हैं। इसका मतलब यह नहीं कि आप किसी के साथ भी अपमानजनक या दबंगई भरा व्यवहार करें।
राजनीतिक पार्टियों को दिया करारा जवाब
वायरल होने के बाद कई राजनीतिक दलों ने इस घटना को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। लेकिन टीना ने इसे सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि सभी पार्टियां एक जैसी हैं और आम जनता की परवाह किसी को नहीं है।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा — मुझे अपना मोहरा मत बनाइए। आप सभी एक जैसे हैं। जनता के प्रति उदासीनता सबमें बराबर है।
देशभर से मिला समर्थन
टीना ने बताया कि वायरल होने के बाद उन्हें देशभर से हज़ारों संदेश मिले। लोगों ने उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। इस पर उन्होंने कहा — मैं ठीक हूं और सबकी चिंता के लिए शुक्रगुज़ार हूं।