मई 2026 को जहां दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और मध्य पूर्व में ईरान-इज़राइल तनाव के कारण अनिश्चितता बनी हुई है, वहीं भारत के उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। देश की प्रमुख तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई की कीमतों में 5% से 8% तक की बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद भारत के प्रमुख शहरों में ईंधन के दाम स्थिर बने हुए हैं।
शहरों के अनुसार आज के पेट्रोल-डीज़ल के दाम
नई दिल्ली: पेट्रोल ₹94.72 प्रति लीटर, डीज़ल ₹87.62 प्रति लीटर
मुंबई: पेट्रोल ₹104.21 प्रति लीटर, डीज़ल ₹92.15 प्रति लीटर
पटना: पेट्रोल ₹107.24 प्रति लीटर, डीज़ल ₹94.02 प्रति लीटर
कोलकाता: पेट्रोल ₹103.94 प्रति लीटर, डीज़ल ₹90.76 प्रति लीटर
बेंगलुरु: पेट्रोल ₹101.94 प्रति लीटर, डीज़ल ₹87.89 प्रति लीटर
कुछ छोटे शहरों में स्थानीय करों के कारण मामूली अंतर देखा गया है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर कीमतें स्थिर हैं।
ATF पर बड़ी राहत
ईरान संकट के कारण विमानन क्षेत्र पर दबाव बढ़ रहा था। एयरलाइंस ने सरकार से एटीएफ की कीमतें न बढ़ाने की मांग की थी। सरकार ने इस पर फैसला लेते हुए फिलहाल एटीएफ की कीमतों को स्थिर रखा है। यदि एटीएफ महंगा होता, तो हवाई टिकट 15% तक महंगे हो सकते थे। इस फैसले से यात्रियों को खासकर गर्मी की छुट्टियों में राहत मिली है।
तेल कंपनियों की रणनीति उपभोक्ताओं को राहत
भारतीय तेल कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम फिलहाल नुकसान सहकर कीमतों को नियंत्रित कर रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनियां पिछले मुनाफे का उपयोग कर रही हैं ताकि महंगाई पर नियंत्रण रखा जा सके। ईंधन की कीमत बढ़ने से अन्य जरूरी चीजों की कीमत भी बढ़ जाती है।
आगे क्या बढ़ सकते हैं दाम ?
विश्लेषकों का कहना है कि यदि ईरान-इज़राइल तनाव और बढ़ता है और सप्लाई बाधित होती है, तो आने वाले समय में दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, भारत के पास पर्याप्त भंडार और रूस से मिलने वाला सस्ता तेल फिलहाल स्थिति को संभाले हुए है। अगले 15-20 दिनों तक बड़े बदलाव की संभावना कम है।
ईंधन अर्थव्यवस्था को समझें
भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है। वैश्विक कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी भी देश पर बड़ा आर्थिक असर डालती है। लेकिन एथेनॉल मिश्रण (20%) घरेलू उत्पादन में वृद्धि ऊर्जा स्रोतों का विविधीकरण इन सबके कारण भारत को आर्थिक लाभ मिला है और आम जनता को स्थिर कीमतों का फायदा मिल रहा है।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी जानकारी
पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें रोज सुबह 6 बजे अपडेट होती हैं। आप अपने शहर का रेट मोबाइल ऐप या एसएमएस के जरिए जांच सकते हैं। अगले एक हफ्ते तक कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद है।
वैश्विक संकट के बीच भारत ने ईंधन की कीमतों को स्थिर रखकर आम लोगों को राहत दी है।यह सरकार और तेल कंपनियों की संतुलित रणनीति को दर्शाता है। हालांकि, भविष्य में स्थिति बदल सकती है, इसलिए वैश्विक बाजार पर नजर रखना जरूरी है। फिलहाल, उपभोक्ता बिना चिंता के अपनी जरूरत का ईंधन भरवा सकते हैं।
Note
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीज़ल के दाम नहीं बढ़े।
दिल्ली, मुंबई और पटना सहित बड़े शहरों में आज (1 मई) के रेट जारी।
ईरान-इज़राइल तनाव के बीच एयरलाइंस की मांग पर एटीएफ (विमान ईंधन) की कीमतें भी स्थिर रखी गईं।
तेल कंपनियों ने वैश्विक महंगाई का बोझ खुद उठाया, आम लोगों को राहत मिली।