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पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर बड़ा अपडेट: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, क्या वाकई बढ़ेंगे दाम?

पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर बड़ा अपडेट: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, क्या वाकई बढ़ेंगे दाम?

वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी के बीच भारतीय उपभोक्ताओं की नजरें इस समय पेट्रोल और डीजल के दामों पर टिकी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल (Crude Oil) लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है, जिसके चलते घरेलू तेल विपणन कंपनियों (OMCs) पर वित्तीय दबाव बढ़ता जा रहा है। हालांकि, आज यानी 24-25 अप्रैल को भी देश के प्रमुख महानगरों में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।

इस बीच, सोशल मीडिया और कुछ ब्रोकरेज रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों के संपन्न होते ही पेट्रोल-डीजल के दाम 25 से 28 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ सकते हैं। लेकिन सरकार ने इन खबरों को पूरी तरह से 'अफवाह' करार दिया है।

महानगरों में आज क्या है पेट्रोल-डीजल का भाव ?

शहर पेट्रोल की कीमत  डीजल की कीमत 
दिल्ली 94.77 87.67
मुंबई 103.54 90.03
कोलकाता 105.45 92.02
चेन्नई 100.80 92.39
बेंगलुरु 102.92 90.99
भोपाल 106.52 91.89
पटना 105.18  92.04

देश की प्रमुख तेल कंपनियों—इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)—ने शनिवार सुबह ईंधन के ताजा रेट जारी कर दिए हैं। दिल्ली से लेकर बेंगलुरु तक आज भी कीमतों में कोई फेरबदल नहीं किया गया है।

क्या वाकई 28 रुपये तक बढ़ने वाले हैं दाम? अफवाह और हकीकत

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पिछले कुछ दिनों से कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज जैसी संस्थाओं के हवाले से यह खबर फैल रही है कि 29 अप्रैल को चुनाव खत्म होने के बाद देश में ईंधन की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल आ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती लागत का बोझ अब तेल कंपनियों के लिए उठाना मुश्किल हो रहा है।

सरकार का रुख: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने इन अटकलों पर विराम लगाते हुए स्पष्ट किया है कि कीमतों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी का कोई भी प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि जनता को ऐसी खबरों से पैनिक होने की जरूरत नहीं है। सरकार फिलहाल वैश्विक अस्थिरता के बीच घरेलू कीमतों को स्थिर रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

तेल कंपनियों को हो रहा है भारी नुकसान

भले ही पंप पर कीमतें न बढ़ी हों, लेकिन पर्दे के पीछे तेल रिफाइनरियों की स्थिति चिंताजनक है। पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल संकट) में बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें जो पहले 72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थीं, अब बढ़कर 103 डॉलर के पार निकल गई हैं।

जानकारों के मुताबिक, इस समय सरकारी तेल कंपनियों को:

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पेट्रोल पर: लगभग 20 रुपये प्रति लीटर का घाटा हो रहा है।

डीजल पर: यह घाटा लगभग 100 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है।

अनुमान है कि आयात की बढ़ती लागत के कारण रिफाइनरियों पर हर महीने लगभग 270 अरब रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें इसी तरह 80-100 डॉलर के बीच बनी रहती हैं, तो लंबे समय तक कीमतों को स्थिर रखना कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती होगी।

ग्लोबल मार्केट का भारत पर असर

भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में वैश्विक बाजार में होने वाली कोई भी हलचल सीधे तौर पर देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती है।

मुद्रा विनिमय दर: डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी भी तेल के आयात को महंगा बना रही है।

आयात बिल में बढ़ोत्तरी: कम मात्रा में आयात करने के बावजूद, ऊंची कीमतों की वजह से भारत का विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से खर्च हो रहा है।

महंगाई का खतरा: डीजल की कीमतों में स्थिरता इसलिए जरूरी है क्योंकि यह माल ढुलाई का मुख्य ईंधन है। यदि डीजल के दाम बढ़ते हैं, तो सब्जी, फल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी भारी उछाल आ सकता है।

घर बैठे कैसे चेक करें अपने शहर के रेट ?

अगर आप अपने शहर के सटीक रेट जानना चाहते हैं, तो तेल कंपनियां SMS के जरिए यह सुविधा देती हैं:

Indian Oil: मोबाइल पर 'RSP <Space> शहर का कोड' लिखकर 9224992249 पर भेजें।

BPCL: RSP <Space> शहर का कोड' लिखकर 9223112222 पर भेजें।

HPCL: HPPRICE <Space> शहर का कोड' लिखकर 9222201122 पर भेजें।

चुनाव बाद तेल कंपनियों के मार्जिन को दुरुस्त करने के लिए मामूली बदलाव की संभावनाओं को विशेषज्ञ पूरी तरह खारिज नहीं कर रहे हैं। आम आदमी के लिए सलाह यही है कि वे आधिकारिक घोषणाओं पर ही भरोसा करें।

Admin Desk

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