नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 19वें 'रोजगार मेला' (Rozgar Mela) के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश भर के विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में नवनियुक्त 51,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए. इस अवसर पर देश के औद्योगिक और तकनीकी विकास का एक व्यापक खाका प्रस्तुत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक समुदाय भारत की युवा जनसांख्यिकी और तकनीकी प्रगति को लेकर बेहद उत्साहित है. उन्होंने स्पष्ट किया कि साल 2047 तक 'विकसित भारत' (Viksit Bharat) के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए देश के भीतर सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक निवेश किए जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार सृजित कर रहे हैं.
भारत में तैयार हो रही पूरी सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन जल्द स्थापित होंगी 10 बड़ी इकाइयां
देश के औद्योगिक विकास पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि भारत वर्तमान में एक संपूर्ण सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन (Semiconductor Supply Chain) का निर्माण कर रहा है. उन्होंने बताया कि बहुत जल्द 10 बड़ी घरेलू सेमीकंडक्टर इकाइयां (Semiconductor Units) वैश्विक बाजार में भारत की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तैयार हो रही हैं. इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ने समुद्री और एयरोस्पेस क्षेत्रों में किए जा रहे रणनीतिक निवेशों का विवरण देते हुए बताया कि जहाज निर्माण (Shipbuilding), जहाज मरम्मत (Ship Repair) और विमानन रखरखाव (MRO - एविएशन मेंटेनेंस) इकोसिस्टम के विकास के लिए लगभग 75,000 करोड़ रुपये का भारी निवेश किया जा रहा है. यह निवेश देश के इंजीनियरों, तकनीशियनों और कुशल श्रमिकों के लिए बड़े पैमाने पर नए अवसर पैदा करेगा.
पीएलआई (PLI) योजना से इलेक्ट्रॉनिक्स का बड़ा हब बना भारत घरेलू स्तर पर बढ़ा रोजगार
उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (Production Linked Incentive - PLI) योजना का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इन नीतियों के कारण भारत एक प्रमुख वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरा है. इलेक्ट्रॉनिक्स की पूरी वैल्यू चेन (Value Chain) अब तेजी से देश के भीतर ही विकसित की जा रही है, जिससे न केवल आयात पर निर्भरता कम हुई है बल्कि बड़े पैमाने पर औपचारिक रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं. उन्होंने बताया कि बुनियादी ढांचे के विकास को विनिर्माण से जोड़ने के कारण ही भारत आज 'इनोवेट, बिल्ड और डिलीवर' के वैश्विक पैमाने पर तेजी से आगे बढ़ रहा है.
ग्रामीण भारत का कायाकल्प कनेक्टिविटी से किसानों और छात्रों को सीधा लाभ
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में सड़कों, रेलवे, हवाई अड्डों, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल बुनियादी ढांचे (Digital Infrastructure) में किए गए व्यापक निवेश के कारण ग्रामीण भारत में आ रहे तीव्र बदलावों को भी रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी के चलते गांवों के किसानों, छोटे व्यापारियों और छात्रों के लिए प्रगति के नए रास्ते खुल रहे हैं. इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छता अभियान, हर घर बिजली और नल से जल जैसी कल्याणकारी योजनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में आम नागरिकों के जीवन स्तर (Quality of Life) में अभूतपूर्व सुधार किया है.
2.3 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स के साथ भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा इकोसिस्टम
उद्यमिता और नवाचार (Entrepreneurship and Innovation) पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने साझा किया कि भारत आज 2.3 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स के साथ दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह बदलाव केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवा इसमें बढ़-चढ़कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रहे हैं. इसके साथ ही, पीएम मुद्रा योजना (PM Mudra Yojana) और पीएम स्वनिधि (PM SVANidhi) जैसी वित्तीय सहायता योजनाओं के माध्यम से महिला उद्यमियों की भागीदारी देश के आर्थिक विकास में लगातार बढ़ रही है.
पब्लिक सर्विस को राष्ट्र सेवा का माध्यम बनाएं नए कर्मचारी पीएम मोदी
नवनियुक्त युवाओं को सीधे संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने उनसे सार्वजनिक सेवा (Public Service) को महज एक नौकरी न मानकर राष्ट्र सेवा का माध्यम मानने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि रेलवे, बैंकिंग, रक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल हो रहे इन युवाओं को सहानुभूति (Empathy), कार्यकुशलता (Efficiency) और निरंतर सीखने (Continuous Learning) की भावना के साथ काम करना चाहिए ताकि आम जनता के बीच सरकारी प्रणालियों के प्रति विश्वास और मजबूत हो सके. प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा, "विकसित भारत का निर्माण उन युवाओं के प्रयासों से होगा जो अपने काम को देश और समाज की सेवा का साधन मानते हैं.
Input: DDNEWS