मॉस्को/स्टारोबिल्स्क: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच पूर्वी यूक्रेन के रूसी-नियंत्रित क्षेत्र लुहान्स्क (Luhansk) से एक बड़ा और गंभीर घटनाक्रम सामने आया है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने लुहान्स्क के स्टारोबिल्स्क में एक छात्र छात्रावास (Student Dorm) पर हुए ड्रोन हमले को लेकर यूक्रेन के खिलाफ कड़ी जवाबी सैन्य कार्रवाई करने के आदेश अपनी सेना को जारी कर दिए हैं. रूसी अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं, जबकि मलबे में दबे 15 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. इस गंभीर स्थिति को देखते हुए न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) की एक आपातकालीन बैठक भी बुलाई गई है.
तीन लहरों में आए 16 यूक्रेनी ड्रोन, पुतिन ने कहा यह कोई दुर्घटना नहीं
रूसी सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक आधिकारिक बयान में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दावा किया कि यह हमला पूरी तरह से सुनियोजित था और कीव की सेना को अच्छी तरह पता था कि उनका निशाना क्या है. पुतिन के मुताबिक, घटना स्थल के आस-पास कोई भी सैन्य ठिकाना, खुफिया एजेंसी या संबंधित सेवाएं मौजूद नहीं थीं. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह हमला किसी हवाई रक्षा प्रणाली (Air Defence) या इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों के प्रभाव से भटक कर नहीं हुआ, बल्कि यूक्रेन की तरफ से तीन लहरों में कुल 16 ड्रोनों के जरिए सीधे तौर पर इस आवासीय इमारत को निशाना बनाकर किया गया है. इसके मद्देनजर रूसी सेना को मॉस्को की तरफ से जवाबी कार्रवाई के विकल्प तैयार करने का आदेश दिया गया है.
यूक्रेन का दावों से इनकार, कहा- हमने एलीट ड्रोन कमांड यूनिट को बनाया निशाना
दूसरी तरफ, यूक्रेन की सेना ने रूसी दावों और नागरिकों को निशाना बनाने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. यूक्रेनी सैन्य कमांड की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उनके बलों ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून (International Humanitarian Law) का पूरी तरह पालन करते हुए केवल संबंधित क्षेत्र में सक्रिय रूस की एक एलीट ड्रोन कमांड यूनिट (Elite Drone Command Unit) को निशाना बनाया था. हालांकि, समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने स्पष्ट किया है कि संघर्ष क्षेत्र की संवेदनशीलता के कारण दोनों पक्षों के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है. गौरतलब है कि लुहान्स्क उन चार क्षेत्रों में शामिल है, जिन्हें रूस ने साल 2022 में एकतरफा रूप से अपना हिस्सा घोषित किया था, जिसे यूक्रेन अवैध कब्जा मानता है.
मलबे में फंसे हो सकते हैं 18 बच्चे, स्थानीय लोगों ने बयां किया मंजर
रूस के मानवाधिकार आयुक्त याना लांत्रातोवा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जिस समय यह हमला हुआ, उस समय लुहान्स्क पेडागॉजिकल यूनिवर्सिटी के स्टारोबिल्स्क कॉलेज से संबद्ध हॉस्टल के भीतर 14 से 18 वर्ष की आयु के लगभग 86 किशोर सो रहे थे. रूस के बाल अधिकार आयुक्त मारिया लवोवा-बेलोवा ने बताया कि अस्पताल में भर्ती कुछ बच्चों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है और आशंका है कि मलबे में अभी भी 18 बच्चे फंसे हो सकते हैं. स्थानीय निवासी ल्युबोव याकोवलेवना ने बताया कि रात के समय रॉकेट और ड्रोनों के लगातार विस्फोटों से पूरा इलाका दहल उठा था, जिसके कारण हॉस्टल की इमारत के ऊपरी तीन फ्लोर पूरी तरह ध्वस्त हो गए और भीषण आग लग गई.
क्रेमलिन ने बताया क्रूर अपराध यूएन में उठा मुद्दा
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे एक 'क्रूर और जघन्य अपराध' (Monstrous Crime) करार दिया है और जिम्मेदार ताकतों को दंडित करने की बात कही है. रूस के विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों, राष्ट्रीय सरकारों और वैश्विक समुदाय से इस हमले का निष्पक्ष मूल्यांकन करने की अपील की है. उल्लेखनीय है कि यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पिछले ही सप्ताह यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कीव की एक आवासीय इमारत पर हुए रूसी मिसाइल हमले (जिसमें तीन बच्चों सहित 24 लोग मारे गए थे) का बदला लेने की कसम खाई थी, जिससे दोनों देशों के बीच हमले और प्रतिशोध का यह सिलसिला और घातक होता जा रहा है.
Input: DDNEWS