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मिट्टी से उठकर चमके सपने: यूपी बोर्ड 2026 में बेटियों का दबदबा, झांसी के ऋषभ की कहानी ने जीता दिल

मिट्टी से उठकर चमके सपने: यूपी बोर्ड 2026 में बेटियों का दबदबा, झांसी के ऋषभ की कहानी ने जीता दिल

यूपी बोर्ड 2026 के रिजल्ट ने इस बार सिर्फ नंबर नहीं दिए, बल्कि कई ऐसी कहानियां सामने लाईं जिनमें संघर्ष, उम्मीद और मेहनत की असली तस्वीर दिखती है। लाखों छात्रों का इंतजार जब खत्म हुआ, तो नतीजों के साथ-साथ कुछ चेहरे भी चर्चा में आ गए—ऐसे चेहरे, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी उपलब्धि हासिल की।

इनमें सबसे ज्यादा ध्यान खींचा झांसी के छोटे से गांव उलदन के रहने वाले ऋषभ साहू ने। 97.33% अंक हासिल कर उन्होंने पूरे प्रदेश में तीसरा स्थान पाया। पहली नजर में ये सिर्फ एक आंकड़ा लग सकता है, लेकिन इसके पीछे जो कहानी है, वो किसी भी इंसान को सोचने पर मजबूर कर देती है।

संघर्ष से निकली सफलता की कहानी

ऋषभ एक किसान परिवार से आते हैं। गांव का जीवन आसान नहीं होता—कभी खेत का काम, कभी घर की जिम्मेदारी, और इन सबके बीच पढ़ाई के लिए समय निकालना। कई बार बिजली की कमी, सीमित संसाधन और पढ़ाई का दबाव… लेकिन इन सबके बीच ऋषभ ने हार नहीं मानी।

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रात की हल्की रोशनी में पढ़ाई करना, सुबह जल्दी उठकर काम में हाथ बंटाना—ये उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य को कभी नजर से ओझल नहीं होने दिया। यही वजह है कि आज उनका नाम टॉपर्स की लिस्ट में चमक रहा है।

रिजल्ट आने के बाद गांव में जश्न का माहौल देखने को मिला। मिठाइयां बंटी, लोग बधाई देने पहुंचे, और हर चेहरे पर गर्व साफ झलक रहा था। ये सिर्फ ऋषभ की जीत नहीं थी, बल्कि पूरे गांव की खुशी थी।

खुद ऋषभ ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया। उनका कहना है कि अगर मेहनत सच्ची हो, तो हालात कितने भी कठिन क्यों न हों, रास्ता निकल ही आता है।

लड़कियों का शानदार प्रदर्शन

इस बार के यूपी बोर्ड रिजल्ट की एक और खास बात रही—लड़कियों का दबदबा। 10वीं और 12वीं दोनों में छात्राओं ने टॉपर्स लिस्ट में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।

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10वीं की बात करें तो सीतापुर की कशिश वर्मा और बाराबंकी की अंशिका वर्मा ने 97.83% अंकों के साथ संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया। दूसरे स्थान पर बाराबंकी की अदिति रहीं, जबकि तीसरे स्थान पर अर्पिता (सीतापुर) और परी वर्मा (बाराबंकी) ने जगह बनाई।

यानी टॉप 3 रैंक में लड़कियों का ही कब्जा रहा। ये सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि बदलते समाज की झलक भी है जहां लड़कियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।

12वीं के रिजल्ट में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। सीतापुर की शिखा वर्मा ने 97.6% अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया। दूसरे स्थान पर नंदिनी गुप्ता और श्रेया वर्मा रहीं, जबकि तीसरे स्थान पर सुरभि यादव और पूजा पाल ने जगह बनाई।

स्पष्ट है कि इस साल भी छात्राओं ने अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा है।

10वीं में  लड़कियों का शानदार प्रदर्शन 

इस साल हाई स्कूल (10वीं) के नतीजों में लड़कियों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। टॉप 3 रैंक में बेटियों का दबदबा साफ नजर आया।

 कशिश वर्मा (सीतापुर) – 97.83%

अंशिका वर्मा (बाराबंकी) – 97.83%

 अदिति (बाराबंकी) – 97.50%

अर्पिता (सीतापुर) – 97.33%

परी वर्मा (बाराबंकी) – 97.33%

12वीं में भी छात्राओं का जलवा

इंटरमीडिएट (12वीं) के नतीजों में भी लड़कियों का शानदार प्रदर्शन

शिखा वर्मा (सीतापुर) – 97.6%

नंदिनी गुप्ता (बरेली) – 97.20%

श्रेय वर्मा (बाराबंकी) – 97.20%

सुरभि यादव (बरेली) – 97%

 पूजा पाल (बाराबंकी) – 97%

पास प्रतिशत भी रहा मजबूत

अगर कुल नतीजों की बात करें, तो इस बार पास प्रतिशत भी अच्छा रहा। 10वीं में लगभग 90.42% छात्र पास हुए, जबकि 12वीं में 80.38% छात्रों ने सफलता हासिल की।

यह आंकड़े बताते हैं कि इस बार परीक्षा का स्तर संतुलित रहा और छात्रों ने भी बेहतर तैयारी के साथ परीक्षा दी।

सरकार की ओर से प्रोत्साहन

टॉपर्स के लिए सरकार की तरफ से इनाम भी तय है। राज्य स्तर पर टॉप करने वाले छात्रों को ₹1 लाख नकद, लैपटॉप और सम्मान पत्र दिया जाता है। वहीं जिला स्तर पर टॉपर्स को ₹21,000 और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया जाता है।

इस तरह के प्रोत्साहन से छात्रों का मनोबल बढ़ता है और वे आगे और बेहतर करने के लिए प्रेरित होते हैं।

एक जरूरी बात जो समझनी चाहिए

हर साल रिजल्ट के बाद हम टॉपर्स की बातें करते हैं, लेकिन जरूरी ये भी है कि जो छात्र थोड़ा पीछे रह जाते हैं, वे खुद को कम न आंकें। एक परीक्षा जिंदगी का आखिरी पैमाना नहीं होती।

कई बार कुछ नंबरों से फर्क पड़ जाता है, लेकिन असली मायने ये रखते हैं कि आप आगे क्या करते हैं। आज के समय में स्किल, लगातार सीखना और धैर्य—ये तीन चीजें किसी भी नंबर से ज्यादा जरूरी हो चुकी हैं।

रिजल्ट कैसे देखें?

जो छात्र अपना रिजल्ट देखना चाहते हैं, वे यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट या भरोसेमंद न्यूज पोर्टल्स पर जाकर आसानी से चेक कर सकते हैं। बस रोल नंबर डालते ही मार्कशीट स्क्रीन पर आ जाती है, जिसे डाउनलोड भी किया जा सकता है।

यूपी बोर्ड 2026 का रिजल्ट इस बार कई मायनों में खास रहा। एक तरफ बेटियों ने अपनी ताकत दिखाई, तो दूसरी तरफ ऋषभ जैसे छात्रों ने ये साबित कर दिया कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती।

Admin Desk

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