चेन्नई/नई दिल्ली: साल 2019 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का हिस्सा रहे तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर विजय शंकर ने भारतीय घरेलू क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से तत्काल प्रभाव से संन्यास की घोषणा कर दी है. 35 वर्षीय इस खिलाड़ी ने स्पष्ट किया है कि वे अब अपने करियर के अगले पड़ाव की ओर बढ़ रहे हैं, जहां वे विदेशी फ्रेंचाइजी लीगों में एक स्वतंत्र खिलाड़ी के रूप में भाग ले सकेंगे. विजय शंकर के इस फैसले के बाद यह लगभग साफ हो गया है कि वे आगामी जुलाई-अगस्त में होने वाली लंका प्रीमियर लीग (LPL 2026) में खेलते नजर आ सकते हैं. आईपीएल 2026 के हालिया सीजन में अनकैप्ड खिलाड़ी के रूप में रजिस्ट्रेशन कराने के बाद भी उनके अनसोल्ड रहने के कुछ ही महीनों बाद यह बड़ा फैसला आया है.

संन्यास की घोषणा करते हुए विजय शंकर ने कहा कि भारतीय क्रिकेट में लगभग 15 साल बिताने के बाद उन्हें लगा कि अब एक नई चुनौती का सामना करने और विदेशी मैदानों पर हाथ आजमाने का सही समय आ गया है. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने बल्ला थामा था, तब उनका एकमात्र सपना तमिलनाडु की कैप पहनना था, लेकिन वहां से सफर शुरू कर देश के लिए दो प्रारूपों में खेलना एक बेहद खूबसूरत यात्रा रही. उन्होंने अपने कोच एस. बालाजी और अपने परिवार को उनके निरंतर सहयोग के लिए धन्यवाद दिया. विजय शंकर ने लंबे समय तक तमिलनाडु टीम की कप्तानी की और अपनी अगुवाई में टीम को विजय हजारे ट्रॉफी, देवधर ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के खिताब जिताए. घरेलू क्रिकेट में उनका आखिरी सीजन 2025-26 त्रिपुरा की टीम के साथ रहा, जहां उन्होंने फरवरी में गुजरात के खिलाफ नाबाद 151 रनों की मैच जिताऊ पारी खेलकर प्रथम श्रेणी क्रिकेट को अलविदा कहा.
अंबाती रायडू के साथ वो 3D विवाद और सोशल मीडिया की ट्रोलिंग का सच
विजय शंकर का अंतरराष्ट्रीय करियर जितना छोटा रहा, उससे कहीं ज्यादा वह विवादों और चर्चाओं में रहा. साल 2019 के वनडे वर्ल्ड कप से ठीक पहले भारतीय टीम नंबर-4 के बल्लेबाज की समस्या से जूझ रही थी. तत्कालीन मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने सबको चौंकाते हुए अनुभवी बल्लेबाज अंबाती रायडू की जगह विजय शंकर को वर्ल्ड कप टीम में चुन लिया था. चयनकर्ता ने इस फैसले को सही ठहराते हुए कहा था कि विजय शंकर एक 'थ्री-डायमेंशनल' (3D) खिलाड़ी हैं जो बल्लेबाजी, मध्यम तेज गेंदबाजी और बेहतरीन फील्डिंग तीनों कर सकते हैं. इस बयान पर तीखा पलटवार करते हुए अंबाती रायडू ने एक मशहूर ट्वीट किया था कि उन्होंने वर्ल्ड कप देखने के लिए '3D ग्लासेस' का नया सेट ऑर्डर किया है.
इस एक बयान के बाद विजय शंकर को सोशल मीडिया पर अत्यधिक नफरत और ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था. विजय शंकर ने स्वीकार किया कि रायडू के उस कमेंट के बाद इंटरनेट पर उन्हें बिना वजह निशाना बनाया गया जिससे निपटना काफी कठिन था. हालांकि, उन्होंने अपने रिटायरमेंट पोस्ट में इस कड़वाहट को भुलाते हुए मजाकिया अंदाज में खुद को 'आपका 3D क्रिकेटर' (Your 3D Cricketer) लिखकर साइन-ऑफ किया, जो दिखाता है कि वे अब उस विवाद से काफी आगे बढ़ चुके हैं. वर्ल्ड कप 2019 में पाकिस्तान के खिलाफ मैच में पहली ही गेंद पर विकेट लेना उनके करियर का सबसे यादगार पल रहा, लेकिन दुर्भाग्य से नेट प्रैक्टिस में जसप्रीत बुमराह का एक यॉर्कर पैर पर लगने से उनका अंगूठा टूट गया और वे टूर्नामेंट से बाहर हो गए, जिसके बाद वे कभी टीम इंडिया में वापसी नहीं कर सके.
घरेलू क्रिकेट और आईपीएल के शानदार आंकड़े और श्रीलंका से नया बुलावा
लगातार लगने वाली चोटों ने विजय शंकर के अंतरराष्ट्रीय करियर को काफी हद तक सीमित कर दिया. भारत के लिए खेले 12 वनडे मैचों में उन्होंने 31.85 की औसत से 223 रन बनाए और 9 टी20 मैचों में 101 रन जोड़े. हालांकि, भारतीय घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में उनका रिकॉर्ड बेहद मजबूत रहा है. उन्होंने 77 प्रथम श्रेणी (First-Class) मैचों में 46.73 की बेहतरीन औसत के साथ 4,253 रन बनाए. वहीं लिस्ट ए क्रिकेट में उनके नाम 2,790 रन दर्ज हैं. आईपीएल में उन्होंने साल 2014 से 2025 के बीच कुल 78 मैच खेले, जिसमें उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स, सनराइजर्स हैदराबाद, दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात टाइटंस जैसी बड़ी टीमों का प्रतिनिधित्व किया.
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के नियमों के अनुसार, कोई भी भारतीय खिलाड़ी सक्रिय रहते हुए विदेशी टी20 लीग में नहीं खेल सकता. अब घरेलू क्रिकेट और आईपीएल से संन्यास लेने के बाद विजय शंकर को बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिल जाएगा. खेल जगत के सूत्रों के मुताबिक, श्रीलंका क्रिकेट द्वारा आयोजित होने वाली लंका प्रीमियर लीग (LPL 2026) की फ्रेंचाइजी ने उनसे संपर्क किया है. एलपीएल का यह सीजन 17 जुलाई से 8 अगस्त 2026 के बीच कोलंबो, दांबुला और कैंडी के मैदानों पर खेला जाना है, जहां विजय शंकर एक विदेशी ऑलराउंडर के रूप में अपनी नई पारी की शुरुआत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
क्यों खास है यह रिटायरमेंट?
विजय शंकर का संन्यास भारतीय क्रिकेट के एक बेहद अनोखे दौर की याद दिलाता है. सोशल मीडिया और खेल प्रेमियों के बीच इस खबर के आते ही 2019 वर्ल्ड कप की यादें ताजा हो गई हैं. खेल विश्लेषकों का मानना है कि विजय शंकर एक बेहद प्रतिभावान खिलाड़ी थे, लेकिन '3D' टैग के कारण उन पर प्रदर्शन का जो मानसिक दबाव बना, उसने उनके स्वाभाविक खेल को प्रभावित किया. इसके बावजूद, तमिलनाडु क्रिकेट को कई घरेलू खिताब जिताने वाले कप्तान के रूप में उनकी विरासत हमेशा याद रखी जाएगी. सोशल मीडिया पर अब क्रिकेट फैंस उनके प्रति सम्मान जता रहे हैं और रायडू विवाद को पीछे छोड़कर उनकी नई विदेशी पारी के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं.
ग्लोबल टी20 लीग्स में बढ़ेगी भारतीय खिलाड़ियों की मांग
विजय शंकर का यह कदम भारतीय क्रिकेट में एक नए चलन को दर्शाता है. हाल के दिनों में अंबाती रायडू, रॉबिन उथप्पा और सुरेश रैना जैसे कई खिलाड़ियों ने आईपीएल और घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेकर विदेशी लीग्स का रुख किया है. 35 वर्ष की उम्र में विजय शंकर के पास अभी भी 3-4 साल की सक्रिय क्रिकेट बची हुई है. आईपीएल में जगह न मिलने के बाद टीम इंडिया के इस पूर्व ऑलराउंडर ने बेंच पर बैठने के बजाय दुनिया भर की लीग्स (जैसे एलपीएल, आईएलटी20 या एमएलसी) में खेलकर अपनी उपयोगिता साबित करने का बेहतरीन फैसला लिया है. आने वाले समय में कई और सीनियर भारतीय खिलाड़ी इस राह पर चलते दिखाई दे सकते हैं.
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