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टेनेरिफ पहुंचा हॉन्टावायरस शिप समुद्र में 1 महीने की दहशत WHO अलर्ट पर आखिर कितना खतरनाक है Andes Virus ?

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अटलांटिक महासागर की लहरों पर तैरता MV Hondius क्रूज़ शिप पिछले कई हफ्तों से एक खौफनाक सफर तय कर रहा था। जहाज़ पर सवार सैकड़ों यात्री और क्रू मेंबर एक दुर्लभ और घातक वायरस की चपेट में थे  हैंटावायरस का एंडीज़ स्ट्रेन। अब, करीब एक महीने की अनिश्चितता और डर के बाद, यह जहाज़ स्पेन के कैनरी द्वीप समूह के टेनेरिफ़ की ओर बढ़ रहा है, जहाँ 23 देशों के सहयोग से एक अभूतपूर्व बचाव और चिकित्सा अभियान तैयार किया गया है।

पहली मौत से शुरू हुआ संकट

यह संकट तब शुरू हुआ जब MV Hondius पर पहले यात्री की हैंटावायरस से मौत हुई। जहाज़ अर्जेंटीना के सुदूर दक्षिणी छोर पर स्थित एक लैंडफिल साइट के पास गया था, जो पक्षी प्रेमियों में काफी लोकप्रिय है। यह वायरस वहाँ के कृंतक जीवों (rodents) द्वारा फैलाया जाता है। धीरे-धीरे जहाज़ पर मामले बढ़ते गए और अब तक तीन यात्रियों की मौत हो चुकी है। इस दुखद घटना ने पूरी दुनिया का ध्यान एंडीज़ हैंटावायरस की तरफ खींचा, जो अब तक सामान्यतः एक क्षेत्रीय और दुर्लभ बीमारी मानी जाती थी।

MV Hondius (pictured on 4 May) was not allowed to dock in Cape Verde

 

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जहाज़ को पहले केप वर्डे में रोकने की कोशिश हुई, लेकिन उसे वहाँ डॉक करने की अनुमति नहीं मिली। अंततः स्पेन ने टेनेरिफ़ के ग्रैनडिला बंदरगाह को इस ऑपरेशन के लिए चुना।

टेनेरिफ़ में तैयारियाँ अभूतपूर्व सुरक्षा घेरा

स्पेन की स्वास्थ्य मंत्री मोनिका गार्सिया ने इस पूरे ऑपरेशन को "अभूतपूर्व" बताया। ग्रैनडिला का औद्योगिक बंदरगाह, जो टेनेरिफ़ के दक्षिणी हिस्से में स्थित है, एक किले की तरह तैयार किया गया। स्पेन की सैन्य पुलिस और आपदा प्रतिक्रिया टीमों ने बड़े-बड़े स्वागत तंबू लगाए। बंदरगाह तक आम जनता की पहुँच पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई।

जहाज़ के किनारे पहुँचने से पहले ही उसके चारों तरफ एक नॉटिकल मील का सुरक्षा घेरा बनाया गया। शिप को बंदरगाह पर लंगर डालने की अनुमति नहीं दी गई, बल्कि उसे समुद्र में ही एंकर करवाया गया ताकि वायरस के प्रसार को रोका जा सके।

रविवार सुबह करीब सात बजे जब जहाज़ अपनी जगह पर आ गया, तो मेडिकल टीमें उस पर सवार हुईं। हर यात्री और क्रू मेंबर की वायरस के लक्षणों के लिए जाँच की गई। ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार, अब कोई और व्यक्ति लक्षण नहीं दिखा रहा था — यह राहत की खबर थी।

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निकासी की प्रक्रिया छोटी नावें चार्टर विमान और अनिवार्य क्वारंटीन

जाँच के बाद यात्रियों को उनकी राष्ट्रीयता के आधार पर अलग-अलग समूहों में बाँटा गया। छोटी नावों से उन्हें किनारे लाया गया, जहाँ चार्टर विमान उनका इंतज़ार कर रहे थे। स्पेन के गृह मंत्री के अनुसार, यूके, अमेरिका और कई यूरोपीय देशों ने अपने-अपने विमान भेजे थे।

जिन यात्रियों को ज़रूरत पड़ी, उनके लिए चिकित्सा-सुसज्जित विमान भी तैयार थे। स्पेनिश नागरिकों को मैड्रिड के गोमेज़ उला मिलिट्री हॉस्पिटल भेजा गया, जहाँ उन्हें अनिवार्य क्वारंटीन में रखा जाएगा।

यह क्वारंटीन आसान नहीं होगी। एंडीज़ वायरस की ऊष्मायन अवधि (incubation period) नौ हफ्तों तक हो सकती है, यानी लोगों को कई हफ्तों तक अलग-थलग रहना पड़ सकता है। जहाज़ के करीब 30 क्रू मेंबर शिप पर ही बने रहे, ताकि उसे वापस नीदरलैंड ले जाया जा सके।

WHO प्रमुख और डॉ. सौम्या स्वामीनाथन की बात

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस खुद टेनेरिफ़ पहुँचे और इस ऑपरेशन की निगरानी की। उन्होंने स्पेनिश अधिकारियों की "ठोस और प्रभावी" प्रतिक्रिया की सराहना की।

घबराहट से भरे स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए टेड्रोस ने कहा, "आपकी चिंता जायज है, क्योंकि कोविड का वह आघात अभी भी हमारे दिमाग में ताज़ा है।" लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि "वायरस के काम करने के तरीके और स्पेनिश सरकार की तैयारियों की वजह से" व्यापक प्रसार का खतरा अभी बहुत कम है।

WHO की पूर्व उप महानिदेशक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने वायरस की प्रकृति पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने बताया, "एंडीज़ स्ट्रेन संभवतः एकमात्र हैंटावायरस है जो इंसान से इंसान में फैल सकता है।" लेकिन उन्होंने यह भी ज़ोर देकर कहा कि यह संचरण केवल "लंबे समय तक घनिष्ठ शारीरिक संपर्क" से ही होता है।

MV Hondius पर वायरस उन्हीं यात्रियों में फैला जो एक ही केबिन साझा कर रहे थे या जोड़ों के रूप में करीबी संपर्क में थे। डॉ. स्वामीनाथन ने बताया कि वायरस लार, रक्त और संभवतः वीर्य में भी पाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने एरोसोल ट्रांसमिशन की भी संभावना जताई, क्योंकि यह वायरस फेफड़ों को प्रभावित करता है।

हालांकि, उन्होंने इसकी तुलना कोविड-19, SARS या खसरे जैसे अत्यंत संक्रामक वायरसों से करते हुए कहा, "यह वायरस उनकी तुलना में बहुत कम संक्रामक है। इसीलिए इसके लिए करीबी और लंबे समय तक का शारीरिक संपर्क ज़रूरी है, महज़ आकस्मिक संपर्क नहीं।" यह कम संक्रामकता ही इस प्रकोप को नियंत्रित करने की उम्मीद जगाती है।

CDC और भारत की तैयारी

अमेरिकी सेंटर फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने 2 मई 2026 को इस प्रकोप की पुष्टि की। CDC अमेरिकी विदेश विभाग और अन्य अमेरिकी सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर जहाज़ पर मौजूद अमेरिकी नागरिकों को जल्द से जल्द और सुरक्षित तरीके से घर वापस लाने में लगी है।

कुछ अमेरिकी यात्री प्रकोप की पहचान होने से पहले ही जहाज़ से उतर चुके थे और अमेरिका लौट गए थे। CDC ने उनके राज्यों के स्वास्थ्य विभागों को सूचित किया और उनके परिवारों व समुदायों की सुरक्षा के लिए दिशानिर्देश जारी किए।

भारत के लिए भी यह मामला चिंता का विषय बन गया क्योंकि जहाज़ पर भारतीय क्रू मेंबर भी सवार थे। भारत के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MOHFW) ने बंदरगाहों और हवाई अड्डों पर निगरानी बढ़ा दी है। यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है और लक्षण दिखाने वाले संपर्कों को क्वारंटीन की सलाह दी जा रही है।

वायरस की जानकाइल लक्षण खतरा और इलाज

एंडीज़ वायरस हैंटावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम (HPS) का कारण बनता है  एक गंभीर और संभावित रूप से जानलेवा बीमारी जो फेफड़ों को प्रभावित करती है। CDC के अनुसार, एक्सपोज़र के 4 से 42 दिनों के भीतर लक्षण प्रकट हो सकते हैं।

शुरुआती लक्षणों में थकान, बुखार, और मांसपेशियों में दर्द  खासकर जाँघों, कूल्हों, पीठ और कंधों में  शामिल हैं। करीब आधे मरीज़ों को सिरदर्द, चक्कर, ठंड लगना और पेट की समस्याएँ जैसे मतली, उल्टी और दस्त भी होते हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि श्वसन लक्षण विकसित करने वाले 38% मरीज़ों की मौत हो सकती है।

इस वायरस का कोई विशेष उपचार नहीं है। मरीज़ों को सहायक देखभाल दी जाती है आराम, पर्याप्त हाइड्रेशन और लक्षणों का उपचार। गंभीर मामलों में मरीज़ों को सांस लेने में मदद के लिए इंट्यूबेशन की ज़रूरत पड़ सकती है।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया और अस्पताल की तैयारी

टेनेरिफ़ के कैनडेलारिया अस्पताल में दर्जनों गहन देखभाल विशेषज्ञ तैनात थे। अस्पताल की प्रमुख ICU डॉक्टर मार मार्टिन ने कहा, हम पूरी तरह तैयार हैं। हमने पहले कभी हैंटावायरस नहीं देखा, लेकिन यह एक वायरस है जटिलताओं के साथ  जैसा हम रोज़ देखते हैं। हम इसके लिए पूरी तरह प्रशिक्षित हैं।

कैनरी द्वीप के राष्ट्रपति ने कहा कि जब तक सभी यात्री और क्रू द्वीप छोड़ नहीं देते, वे चैन से नहीं बैठेंगे। शुरुआत में स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा था, लेकिन जब ऑपरेशन की पूरी जानकारी सामने आई तो माहौल शांत हुआ।

स्थानीय निवासी जेनिफर ने कहा, "वायरस खतरनाक है, बिल्कुल। लेकिन वे कहते हैं कि इसके लिए बहुत करीबी संपर्क चाहिए। अगर हम सावधान रहें तो उम्मीद है यह बहुत गंभीर नहीं होगा।" एस्तेबान और उनकी पार्टनर इसाबेल ने भी इसी भावना को दोहराया — अगर उचित उपाय किए गए हों, तो घबराने की ज़रूरत नहीं।

आगे का रास्ता

अब जब जहाज़ पर सवार अधिकांश लोगों का निकासी अभियान पूरा हो रहा है, सबसे कठिन चरण  लंबी क्वारंरास्शु रू होती है। हफ्तों की समुद्री अनिश्चितता के बाद अब हफ्तों की ज़मीनी एकांत का सामना करना होगा।

लेकिन विशेषज्ञों की राय है कि अगर संपर्क अनुरेखण और अलगाव की प्रक्रिया सही रही, तो यह प्रकोप नियंत्रण में आ सकता है। डॉ. स्वामीनाथन के शब्दों में, "इस वायरस से प्रकोप को रोकना संभव है।" और शायद यही उम्मीद इस पूरे ऑपरेशन की सबसे बड़ी ताकत है

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