
भारतीय क्रिकेट में कुछ खिलाड़ी ऐसे होते हैं जिनका खेल तो मैदान पर बोलता ही है, लेकिन जब वे अपनी ज़ुबान खोलते हैं, तो पूरी दुनिया उन्हें सुनने को मजबूर हो जाती है। टीम इंडिया के विकेटकीपर-बल्लेबाज और आरसीबी (RCB) के 'संकटमोचक' जितेश शर्मा ने हाल ही में 'द रणवीर शो' (TRS) में शिरकत की। करीब एक घंटे की इस बातचीत में जितेश ने वो सब कुछ कह दिया, जो क्रिकेट के गलियारों में दबी ज़ुबान में कहा जाता था। 18 साल के सूखे के बाद आरसीबी की पहली जीत से लेकर पाकिस्तान टीम की 'असलियत' तक, जितेश ने हर मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय रखी।
विराट कोहली: 18 साल का वनवास और वो जादुई मुस्कान
पॉडकास्ट की शुरुआत में जितेश काफी भावुक नज़र आए जब उन्होंने विराट कोहली के बारे में बात की। जितेश ने बताया कि आरसीबी के लिए 18 साल तक एक भी ट्रॉफी न जीत पाना किसी टॉर्चर (मानसिक कष्ट) से कम नहीं था।
"एक खिलाड़ी एक ही टीम के लिए 18 साल खेलता है, हर साल उम्मीदें लेकर आता है और फिर टूटता है। कई बार फाइनल हारने के बाद आदमी चिढ़ जाता है, लेकिन विराट भाई का ज़ज्बा अलग ही है। मैंने कैंप के पहले दिन ही लिख दिया था कि मुझे इस साल इस महान खिलाड़ी के लिए कुछ करना है। जब हम जीते और उनकी वो मुस्कान देखी, तो लगा कि मेरी मेहनत सफल
जितेश ने आगे बताया कि विराट के चेहरे पर जो सुकून उस दिन दिखा, वैसा उन्होंने उनके पूरे करियर में कभी नहीं देखा था। विराट की मेंटालिटी पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि 'बोरिंग प्रोसेस' को रोज़ाना फॉलो करना ही उन्हें 'किंग' बनाता है।
पाकिस्तान क्रिकेट पर बड़ा हमला: "हम उन्हें भाव ही नहीं देते"
रणवीर अल्लाहबादिया ने जब जितेश से पूछा कि क्या पाकिस्तान के खिलाफ मैच में सबसे ज्यादा प्रेशर होता है, तो जितेश का जवाब हर भारतीय फैन को खुश कर देगा। जितेश ने बड़ी ही मासूमियत लेकिन कड़ाई से कहा:
"ईमानदारी से कहूं तो हम (खिलाड़ी) पाकिस्तान टीम को इतनी इम्पोर्टेंस (महत्व) ही नहीं देते। फैंस के लिए ये एक जंग हो सकती है, लेकिन तकनीकी रूप से देखें तो ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका जैसी टीमें हमारे लिए कहीं ज्यादा बड़ी चुनौती हैं। वे बेहतर क्रिकेट खेलते हैं, बेहतर प्रेशर हैंडल करते हैं। पाकिस्तान फिलहाल उस लेवल की क्रिकेट नहीं खेल रहा कि हम उनके बारे में दिन-रात सोचें।"
गॉड गिफ्टेड' रोहित शर्मा और धोनी का भविष्य
रोहित शर्मा के बारे में बात करते हुए जितेश ने उन्हें 'ईश्वर का दिया हुआ टैलेंट' बताया। उन्होंने कहा कि रोहित के पास गेंद को देखने के लिए दूसरों से ज्यादा समय (Fraction of second extra) होता है। वहीं, एमएस धोनी पर जितेश ने कहा कि लोग 5 साल से उनके रिटायरमेंट की बातें कर रहे हैं, लेकिन उनकी फिटनेस देखकर लगता है कि वो 2026 में भी आईपीएल खेलते नज़र आएंगे। धोनी का इस उम्र में खेलना ये दिखाता है कि वो चेन्नई की टीम को कुछ 'गिव-बैक' (वापस देना) करना चाहते हैं।
संघर्ष की कहानी: 10/10 के कमरे से करोड़ों के कॉन्ट्रैक्ट तक
जितेश का अपना सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि वे अमरावती के पास एक छोटे से गांव से आते हैं। एक दौर वो था जब वे 10x10 के किराए के कमरे में 6 लोग एक साथ सोते थे।
क्रेजी फैक्ट: जितेश को 16 साल की उम्र तक प्रोफेशनल क्रिकेट में कोई दिलचस्पी नहीं थी। वे गलियों में 'गारगोटी' (कंचे) और गिल्ली-डंडा खेलते थे।
मोड़: उन्होंने प्रोफेशनल क्रिकेट खेलना सिर्फ इसलिए शुरू किया क्योंकि महाराष्ट्र बोर्ड में स्पोर्ट्स कोटे से 4% एक्स्ट्रा मार्क्स मिलते थे। वहां से जो सफर शुरू हुआ, उसने उन्हें आज करोड़ों का खिलाड़ी बना दिया।
गौतम गंभीर का खौफ और विजन
गौतम गंभीर (GG) की कोचिंग को लेकर जितेश ने कहा कि लोग उन्हें देखकर डरते हैं, लेकिन असल में वे एक विजनरी इंसान हैं। जितेश ने बताया कि गंभीर रिस्क लेने से नहीं डरते क्योंकि उनका एकमात्र लक्ष्य भारत के लिए आईसीसी ट्रॉफी जीतना है। वे 'इमोशन्स' से ज्यादा 'रिजल्ट' पर यकीन रखते हैं और यही बात उनकी टीम के प्रदर्शन में दिखती है।
'छोटा हल्क' वैभव सूर्यवंशी
जितेश ने उभरते हुए सितारे वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की। उन्होंने उसे 'छोटा हल्क' करार दिया। जितेश ने बताया कि वैभव 15 साल की उम्र में 150 की रफ़्तार वाले गेंदबाजों की ऐसे धुलाई करता है जैसे वे नेट्स पर बॉलिंग कर रहे हों। इसके अलावा उन्होंने आयुष म्हात्रे को भी आने वाले समय का बड़ा सुपरस्टार बताया।
अर्शदीप सिंह: वो गहरा राज़ जो कोई नहीं जानता
अपने खास दोस्त अर्शदीप सिंह के बारे में बात करते हुए जितेश ने कहा कि लोग अर्शदीप का सिर्फ फनी साइड देखते हैं, लेकिन वो असल में बहुत गहरे और दार्शनिक इंसान हैं। अर्शदीप ने अपनी लाइफ में बहुत स्ट्रगल देखा है, इसीलिए वो दूसरों को हंसाना पसंद करते हैं। जितेश ने कहा कि अर्शदीप जैसा दिल का साफ इंसान मिलना बहुत मुश्किल है।
क्रिकेट अब सिर्फ खेल नहीं, भावनाओं का समुंदर है
जितेश शर्मा के इस इंटरव्यू ने साफ़ कर दिया है कि आईपीएल में जो चकाचौंध दिखती है, उसके पीछे खिलाड़ियों का भारी मानसिक दबाव, त्याग और संघर्ष छुपा होता है। जितेश ने अपनी सफलता का श्रेय दिनेश कार्तिक (DK) को भी दिया, जिन्होंने उन्हें मेंटली स्ट्रॉन्ग बनाया। आज जितेश विदर्भा के हर उस बच्चे के लिए मिसाल हैं जो छोटे गांव से निकलकर नेशनल टीम का सपना देखता है।