जिनेवा/मैड्रिड/प्राइया। अटलांटिक महासागर में भ्रमण कर रहे डच क्रूज जहाज एमवी हॉन्डियस पर हैंटावायरस के प्रकोप ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिन्ता उत्पन्न कर दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन को इस संक्रमण की सूचना 2 मई 2026 को प्राप्त हुई। जहाज पर सवार 147 यात्रियों एवं चालक दल के सदस्यों में से सात व्यक्ति इस वायरस से संक्रमित पाये गये हैं, जिनमें से तीन की मृत्यु हो चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि जहाज पर मानव-से-मानव संचरण की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
विश्व स्वास्थ्य संगठन का बयान
जिनेवा में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में विश्व स्वास्थ्य संगठन की महामारी एवं महामारी तैयारी विभाग की प्रमुख मारिया वान केरखोव ने कहा कि स्थिति अभी भी परिवर्तनशील है तथा इसकी सघन निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि एक संक्रमित रोगी दक्षिण अफ्रीका में गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती है, किन्तु उसकी दशा में सुधार हो रहा है। दो अन्य रोगी, जो अभी भी जहाज पर हैं, उन्हें उपचार के लिए नीदरलैंड्स ले जाने की तैयारी की जा रही है।
वान केरखोव ने कहा कि इन दोनों रोगियों को चिकित्सकीय आधार पर निकालना सर्वोच्च प्राथमिकता है ताकि उन्हें आवश्यक उपचार मिल सके। एहतियात के तौर पर जहाज पर सवार समस्त यात्रियों को अपने-अपने कक्षों में रहने का निर्देश दिया गया है, जबकि जहाज का विसंक्रमण एवं अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय युद्धस्तर पर किये जा रहे हैं।
संक्रमण का सम्भावित स्रोत
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार प्रारम्भिक रोगी एक दम्पती थे जो अर्जेंटीना से जहाज पर सवार हुए थे। वान केरखोव ने बताया कि हैंटावायरस की उद्भवन अवधि एक से छह सप्ताह तक होती है। इस आधार पर संगठन का अनुमान है कि यह दम्पती जहाज पर चढ़ने से पूर्व ही संक्रमित हो चुके थे। तथापि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एक ही कक्ष में रहने वाले पति-पत्नी तथा अन्य निकट सम्पर्क में रहने वाले व्यक्तियों के मध्य मानव-से-मानव संचरण की सम्भावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हैंटावायरस का मानव-से-मानव संचरण सामान्यतः नहीं होता, किन्तु एण्डीज वायरस नामक हैंटावायरस के एक प्रकार में पूर्व के प्रकोपों के दौरान निकट सम्पर्कों के बीच सीमित संचरण प्रमाणित हो चुका है।
हैंटावायरस क्या है
हैंटावायरस एक ऐसा विषाणु है जो मुख्यतः कृन्तकों अर्थात चूहों एवं अन्य छोटे स्तनधारी प्राणियों द्वारा वाहित होता है। मनुष्य में यह संक्रमण प्रायः संक्रमित कृन्तकों के मूत्र, मल अथवा लार के सम्पर्क में आने से फैलता है। प्रतिवर्ष विश्व भर में इस वायरस के हजारों संक्रमण के मामले सामने आते हैं। इस वायरस का कोई विशेष उपचार उपलब्ध नहीं है। संक्रमित व्यक्ति में मुख्यतः श्वसन सम्बन्धी लक्षण उत्पन्न होते हैं, इसलिए श्वसन सहायता उपचार की प्रमुख विधि है। वान केरखोव ने कहा कि संक्रमितों को श्वसन सहायता प्रदान करना अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है।
केप वर्डे का निर्णय
केप वर्डे की राष्ट्रीय स्वास्थ्य निदेशक एंजेला गोम्स ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि तीन रोगियों को आगामी कुछ घंटों में वायु एम्बुलेंस द्वारा जहाज से निकाला जायेगा। उन्होंने बताया कि तीनों रोगी स्थिर दशा में हैं और शेष यात्रियों एवं चालक दल में कोई नया मामला सामने नहीं आया है। निकासी के लिए दो विशेष वायु एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है जिनमें से एक केप वर्डे पहुँच चुकी है तथा दूसरी शीघ्र आने की सम्भावना है।
गोम्स ने स्पष्ट किया कि केप वर्डे के लिए जोखिम अत्यल्प है क्योंकि कोई भी यात्री जहाज से नहीं उतरा और किसी का भी देश के भूभाग से कोई सम्पर्क नहीं हुआ है।
स्पेन करेगा जहाज को स्वीकार
स्पेन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि स्पेन अंतरराष्ट्रीय कानून एवं मानवीय भावना के अनुरूप एमवी हॉन्डियस को कैनरी द्वीप समूह में स्वीकार करेगा। बयान के अनुसार विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यूरोपीय संघ के समन्वय से स्पेन सरकार से यह अनुरोध किया था।
यूरोपीय रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केन्द्र जहाज पर उपस्थित सभी व्यक्तियों की व्यापक समीक्षा कर रहा है ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि किन्हें तत्काल निकासी की आवश्यकता है। शेष यात्री एवं चालक दल कैनरी द्वीप की ओर आगे बढ़ेंगे जहाँ उनके तीन से चार दिनों में पहुँचने की सम्भावना है। बन्दरगाह का अभी निर्धारण नहीं हुआ है।
स्पेन सरकार ने स्पष्ट किया कि जहाज के पहुँचने पर समस्त यात्रियों एवं चालक दल के सदस्यों की चिकित्सीय जाँच की जायेगी। इस प्रक्रिया को इस प्रकार संचालित किया जायेगा कि स्थानीय जनसंख्या से किसी प्रकार का सम्पर्क न हो। समस्त उपाय विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं यूरोपीय रोग नियंत्रण केन्द्र द्वारा संयुक्त रूप से तैयार प्रोटोकॉल के अनुसार किये जायेंगे।
डच क्रूज संचालक की पुष्टि
डच क्रूज संचालन कम्पनी ओशनवाइड एक्सपेडिशन्स ने मंगलवार देर रात पुष्टि की कि एमवी हॉन्डियस के दो चालक दल सदस्य जिनमें हैंटावायरस संदिग्ध है तथा शनिवार को मृत्यु होने वाले यात्री से जुड़े एक अन्य व्यक्ति को नीदरलैंड्स भेजा जायेगा। हालाँकि इसकी निश्चित समय-सारणी की घोषणा अभी नहीं की गई है।
अंतरराष्ट्रीय चिन्ता का कारण
यह प्रकरण इसलिए विशेष रूप से चिन्ताजनक है क्योंकि हैंटावायरस का मानव-से-मानव संचरण दुर्लभ माना जाता रहा है। यदि जहाज पर इस प्रकार का संचरण हुआ है, तो यह इस वायरस के व्यवहार के विषय में नई जानकारी प्रदान करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सभी सम्बन्धित देशों के स्वास्थ्य अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। जहाज के कैनरी द्वीप पहुँचने के पश्चात स्पेन एवं यूरोपीय संघ मिलकर पूर्ण महामारी-विज्ञान सम्बन्धी जाँच एवं जहाज का सम्पूर्ण विसंक्रमण सुनिश्चित करेंगे।