आईपीएल में सोमवार को खेले गए मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद के युवा गेंदबाज प्रफुल्ल हिंगे ने अपने पहले ही मैच में शानदार प्रदर्शन करके सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उन्होंने मैच की शुरुआत में ही राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाजों पर दबाव बना दिया और टीम को 57 रनों से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
अपने डेब्यू मैच में प्रफुल्ल हिंगे ने प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड जीता।
उन्होंने अपने पहले ओवर की दूसरी गेंद पर खतरनाक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को आउट कर दिया। इसके बाद उसी ओवर में ध्रुव जुरेल को भी पवेलियन भेज दिया, जो पिछले कुछ मैचों में अच्छी फॉर्म में नजर आ रहे थे। प्रफुल्ल यहीं नहीं रुके, उन्होंने उसी ओवर में लुआन-ड्रे प्रीटोरियस को भी आउट कर दिया। इस तरह उन्होंने अपने पहले ही ओवर में तीन विकेट लेकर मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। बाद में उन्होंने रियान पराग का विकेट लेकर कुल चार विकेट पूरे किए।
राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए इस मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 216 रन बनाए। राजस्थान रॉयल्स की टीम को देखते हुए यह लक्ष्य मुश्किल नहीं लग रहा था, लेकिन प्रफुल्ल हिंगे की घातक गेंदबाजी के सामने उनकी पूरी बल्लेबाजी बिखर गई।
मैच के बाद प्रफुल्ल हिंगे ने अपने बयान में कहा
उन्होंने पहले ही सोच लिया था कि वह अपने डेब्यू मैच में 4 या 5 विकेट लेंगे। उन्होंने कहा कि वह पावरप्ले में दबाव बनाने की योजना के साथ मैदान पर उतरे थे। प्रफुल्ल ने यह भी कहा कि वह मानते हैं कि अगर इंसान कुछ ठान ले तो वह सच हो सकता है।
उन्होंने अपने क्रिकेट सफर के बारे में भी बात की
उन्होंने 13 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था। उस समय उन्हें लेदर बॉल क्रिकेट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। उन्होंने अपने पिता से क्लब जॉइन करने की इच्छा जताई, लेकिन शुरुआत में उन्हें छोटा कहकर मना कर दिया गया। बाद में उनके पिता उन्हें क्लब लेकर गए और वहीं से उनका क्रिकेट करियर आगे बढ़ा।
वैभव सूर्यवंशी के विकेट को खास बताते हुए प्रफुल्ल हिंगे ने कहा
उन्होंने पहले ही तय कर लिया था कि वह उन्हें बाउंसर गेंद पर आउट करेंगे। उन्होंने अपने साथियों से भी यह बात कही थी और आखिरकार उन्होंने अपने प्लान को सफल कर दिखाया। उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना को तैयार करने में टीम के बॉलिंग कोच ने उनकी काफी मदद की।
प्रफुल्ल हिंगे ने अपना प्लेयर ऑफ द मैच अवार्ड अपने परिवार को समर्पित किया और कहा कि उनके परिवार के सहयोग के बिना यह संभव नहीं था।