देहरादून: उत्तराखंड की शांत वादियों वाली राजधानी देहरादून उस वक्त दहल गई, जब सोमवार सुबह राजपुर थाना क्षेत्र के जौहरी गांव में सड़क पर सरेआम खूनी खेल खेला गया। दो गुटों की आपसी रंजिश और वर्चस्व की जंग में एक बेगुनाह पूर्व सैन्य अधिकारी को अपनी जान गंवानी पड़ी। इस घटना ने शहर की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा घटनाक्रम?

जानकारी के मुताबिक, 30 March सोमवार सुबह करीब 6:50 बजे रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी अपने साथियों के साथ मसूरी रोड पर मॉर्निंग वॉक कर रहे थे। उसी दौरान मालसी के पास दिल्ली नंबर की एक फॉर्च्यूनर और एक स्कॉर्पियो-एन के बीच फिल्मी स्टाइल में पीछा और फायरिंग शुरू हो गई।
शुरुआती जांच में यह मामला 'रोड रेज' लग रहा था, लेकिन पुलिस जांच में पता चला कि विवाद की जड़ मसूरी रोड स्थित 'Zen-G' नाइट क्लब में बिल को लेकर हुआ झगड़ा था स्कॉर्पियो सवार युवकों ने क्लब मालिक की फॉर्च्यूनर का पीछा किया और चलती गाड़ी की सनरूफ से बाहर निकलकर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। इसी दौरान एक 'भटकती हुई गोली' सीधे ब्रिगेडियर जोशी के सीने में जा लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
चश्मदीद की जुबानी: "आंखों के सामने साथी चला गया"
ब्रिगेडियर जोशी के साथ वॉक कर रहे उनके मित्र एसपी शर्मा ने खौफनाक मंजर बयां करते हुए बताया,

"हम रोज की तरह बातें करते हुए टहल रहे थे कि अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी। एक पल में सब बदल गया। वो गोली मुझे भी लग सकती थी, लेकिन मेरी आंखों के सामने मेरा साथी लहूलुहान होकर गिर पड़ा।"
वार्ड पार्षद सागर लामा के अनुसार, हमलावर बेहद आक्रामक थे। फायरिंग के दौरान उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई, जिसके बाद दूसरी कार से उतरे युवकों ने लोहे की रॉड और डंडों से हमला करना शुरू कर दिया।
पुलिस की बड़ी कामयाबी: 4 आरोपी गिरफ्तार

घटना के बाद एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के नेतृत्व में देहरादून पुलिस ने तत्काल नाकेबंदी की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महज कुछ ही घंटों के भीतर 4 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी दिल्ली के रहने वाले हैं:
• संदीप कुमार (43 वर्ष) — दिल्ली (नाइट क्लब मालिक)
• निखिल मल्होत्रा (23 वर्ष) — दिल्ली
• रोहित कुमार (20 वर्ष) — दिल्ली
• आदित्य चौधरी (20 वर्ष) — दिल्ली
पुलिस अन्य फरार साथियों (शांतनु त्यागी, समीर चौधरी आदि) की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
प्रशासन का कड़ा रुख और उठते सवाल
इस वारदात के बाद पुलिस प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। लापरवाही बरतने के आरोप में कुठाल गेट चौकी इंचार्ज अशोक कुमार को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही, विवाद का केंद्र रहे नाइट क्लब को सील करने की तैयारी की जा रही है।
गंभीर सवाल: एक जांबाज अफसर, जिसने सीमाओं पर देश की रक्षा की, उसे अपने ही शहर की सड़कों पर इस तरह की गुंडागर्दी का शिकार होना पड़ा। क्या देहरादून में नाइट कल्चर और बाहरी तत्वों की बढ़ती सक्रियता स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है?