नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' (Ramayana) का टीज़र आने के बाद से ही इसके VFX को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बहस छिड़ी हुई है। जहां कुछ लोग इसकी तुलना कार्टून से कर रहे हैं, वहीं अब बॉलीवुड के 'सुपरहीरो' ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) इस फिल्म के समर्थन में उतर आए हैं। ऋतिक ने एक लंबा नोट लिखकर मेकर्स का बचाव किया है और आलोचकों को "विजुअल इफेक्ट्स" का असली मतलब समझाया है।
"बुरा VFX दर्दनाक होता है, लेकिन..."
ऋतिक ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट की शुरुआत काफी ईमानदारी से की। उन्होंने माना कि खराब VFX देखना वाकई मुश्किल होता है, खासकर तब जब वह खुद उस फिल्म का हिस्सा हों। उन्होंने अपने बचपन का किस्सा साझा करते हुए बताया कि कैसे 11 साल की उम्र में 'बैक टू द फ्यूचर' देखने के बाद वह स्पेशल इफेक्ट्स के दीवाने हो गए थे।
फिल्म मेकर्स की हिम्मत की तारीफ
ऋतिक ने 'कल्कि', 'बाहुबली' और 'रामायण' जैसी फिल्मों के मेकर्स को अपना "हीरो" बताया। उन्होंने कहा:
"इन मेकर्स के पास वो विजन और हिम्मत है जो पहले कभी नहीं किया गया। वे करोड़ों रुपये और सालों की मेहनत सिर्फ इसलिए दांव पर लगाते हैं ताकि दर्शक कुछ नया अनुभव कर सकें।"
फोटो-रियलिज्म बनाम आर्टिस्टिक स्टाइल
आलोचना का जवाब देते हुए ऋतिक ने एक बहुत ही तकनीकी और जरूरी बात कही। उन्होंने समझाया कि हर फिल्म का VFX 'असली' दिखने के लिए नहीं होता।
फोटो-रियलिज्म: जहां सब कुछ असली दुनिया जैसा दिखना चाहिए।
स्टोरीबुक स्टाइल: जहां फिल्म को एक पेंटिंग या कलाकृति की तरह दिखाया जाता है।
ऋतिक का कहना है कि 'रामायण' को एक खास स्टाइल (Storybook style) में बनाया गया है। ऐसे में उसे 'असली नहीं दिख रहा' कहकर खारिज करना गलत है, क्योंकि उसे वैसा बनाया ही नहीं गया है।
दर्शकों से खास अपील
आर्टिकल के अंत में ऋतिक ने फैंस से अपील की कि किसी फिल्म को सिर्फ इसलिए 'बुरा' न कहें क्योंकि उसका स्टाइल आपकी पसंद से अलग है। उन्होंने कहा, "अगली बार यह न पूछें कि 'क्या यह असली है?', बल्कि यह पूछें कि 'क्या यह कहानी के लिए सही है?' बहस जरूर करें, लेकिन जानकारी के साथ।"