भारत में कल यानी 1 अप्रैल 2026 से एक नए डिजिटल युग की शुरुआत होने जा रही है। रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण के अनुसार, देश की पहली 'कागज-रहित' (Paperless) जनगणना का पहला चरण कल से शुरू होगा। यह पूरी प्रक्रिया 30 सितंबर तक चलेगी, जिसमें मुख्य रूप से मकानों की स्थिति और परिवारों के रहन-सहन की विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी।
यह जनगणना पिछली बार की तुलना में बहुत अलग और आसान होने वाली है। आइए जानते हैं इससे जुड़ी हर वो बारीक जानकारी जो आपके लिए जानना बेहद जरूरी है।
सेल्फ-एन्यूमरेशन (Self-Enumeration): अब खुद भरें अपना डेटा
इस बार सरकार ने नागरिकों को एक विशेष शक्ति दी है। अब आपको जनगणना अधिकारी के घर आने का इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं है। आप घर बैठे आधिकारिक पोर्टल पर अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकते हैं।
यह सुविधा 16 प्रमुख भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराई गई है। परिवार का कोई भी सदस्य मोबाइल नंबर और बेसिक डिटेल के साथ रजिस्ट्रेशन कर सकता है। जानकारी जमा करने के बाद आपको 16 अंकों की एक यूनिक आईडी मिलेगी। जब जनगणना अधिकारी सत्यापन (Verification) के लिए आपके घर आएगा, तो आपको बस यह आईडी दिखानी होगी और आपका काम मिनटों में पूरा हो जाएगा।
तैयार रखें जवाब: इन 33 सवालों की पूरी सूची
जनगणना के पहले चरण (Houselisting) के दौरान आपसे ये सवाल पूछे जाएंगे:
भवन और जनगणना मकान नंबर की जानकारी
मकान के फर्श, दीवार और छत में इस्तेमाल मुख्य सामग्री
मकान का वर्तमान उपयोग और उसकी स्थिति (अच्छी, औसत या जर्जर)
परिवार का क्रमांक और सदस्यों की कुल संख्या
परिवार के मुखिया का नाम और उनका लिंग
मुखिया की जाति (SC/ST/अन्य) का विवरण
मकान के स्वामित्व की स्थिति (अपना या किराए का)
रहने के लिए उपलब्ध कमरों की कुल संख्या
परिवार में रहने वाले विवाहित दंपतियों की संख्या
पेयजल का मुख्य स्रोत और घर के भीतर उसकी उपलब्धता
रोशनी/बिजली का मुख्य जरिया
शौचालय की सुविधा और उसका प्रकार
गंदे पानी की निकासी और स्नानगृह की उपलब्धता
रसोई घर की स्थिति और LPG/PNG कनेक्शन
खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाला मुख्य ईंधन
रेडियो, ट्रांजिस्टर और टेलीविजन की जानकारी
इंटरनेट की सुविधा और लैपटॉप या कंप्यूटर का उपयोग
टेलीफोन, मोबाइल और स्मार्टफोन का विवरण
साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल या मोपेड की संख्या
कार, जीप और वैन जैसे वाहनों की उपलब्धता
परिवार द्वारा उपभोग किया जाने वाला मुख्य अनाज
जनगणना संबंधी सूचनाओं के लिए मोबाइल नंबर
डेटा प्राइवेसी: आपकी जानकारी कितनी सुरक्षित है?
जनगणना आयुक्त ने आश्वासन दिया है कि नागरिकों का व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा। जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत यह डेटा किसी भी अदालत में सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। यह जानकारी केवल सांख्यिकीय आंकड़ों (Statistical Data) के लिए है ताकि सरकार भविष्य की कल्याणकारी योजनाएं सही ढंग से बना सके।
राज्यों का शेड्यूल: कब कहाँ होगी जनगणना?
भारत की विशालता को देखते हुए इसे अलग-अलग समय पर बांटा गया है:
10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अप्रैल से काम शुरू होगा।
उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे 15 राज्यों में मई से प्रक्रिया शुरू होगी।
शेष राज्यों में जून के बाद अधिसूचना जारी की जाएगी।