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प्रधानमंत्री मुद्रा योजना: वित्तीय समावेशन और सूक्ष्म-उद्यम क्रांति के 11 वर्ष

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) ने अपने सफल 11 वर्ष पूरे कर लिए हैं। 8 अप्रैल 2015 को शुरू हुई इस योजना ने फंडिंग द अनफंडेड के मंत्र के साथ देश के 57 करोड़ से अधिक छोटे उद्यमियों को ₹40 लाख करोड़ से ज्यादा का ऋण प्रदान किया है। अब नई तरुण प्लस श्रेणी के साथ उद्यमी ₹20 लाख तक का लोन बिना किसी गारंटी के प्राप्त कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना: वित्तीय समावेशन और सूक्ष्म-उद्यम क्रांति के 11 वर्ष

पीएमएमवाई (PMMY) आज सशक्तिकरण का एक प्रमुख स्तंभ बन चुकी है, जिसके तहत 57 करोड़ से अधिक ऋण खातों के माध्यम से 40.07 लाख करोड़ रुपये की भारी राशि वितरित की जा चुकी है।

योजना में ऋण को चार श्रेणियों—शिशु, किशोर, तरुण और तरुण प्लस—में विभाजित किया गया है, ताकि हर स्तर के उद्यमी की जरूरत पूरी हो सके।

विनिर्माण, व्यापार और कृषि से जुड़ी गतिविधियों के लिए 20 लाख रुपये तक के बिना गारंटी (Collateral-free) वाले ऋण दिए जाते हैं।

वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 60% ऋण महिलाओं को और 21% नए उद्यमियों को देकर वित्तीय समावेशन को नई मजबूती मिली है।

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बीते दशक में यह योजना एक अत्याधुनिक, प्रौद्योगिकी-आधारित और टिकाऊ ऋण ढांचे के रूप में निखर कर सामने आई है।

"गैर-वित्तपोषित को वित्त": एक नया   दृष्टिकोण 

भारत के छोटे शहरों और गांवों में लाखों छोटे व्यवसायी जैसे दुकानदार, मरम्मत करने वाले और लघु निर्माता स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। ये सूक्ष्म उद्यम न केवल आजीविका देते हैं बल्कि रोजगार के अवसर भी पैदा करते हैं। हालांकि, पहले बैंकों तक पहुंच न होने के कारण इन्हें साहूकारों या मित्रों पर निर्भर रहना पड़ता था। औपचारिक दस्तावेजों और जमानत के अभाव में इनकी प्रगति रुकी हुई थी।

8 अप्रैल 2015 को शुरू हुई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने इस बाधा को दूर किया। "फंडिंग द अनफंडेड" के लक्ष्य के साथ, यह योजना 20 लाख रुपये तक का आसान ऋण सुनिश्चित करती है। मार्च 2026 तक के आंकड़े बताते हैं कि 40.07 लाख करोड़ रुपये का वितरण 57 करोड़ खातों के माध्यम से हुआ है, जिनमें 12 करोड़ से ज्यादा नए उद्यमी शामिल हैं।

ऋण वितरण का त्रि-स्तरीय ढांचा

यह योजना 'मुद्रा' (MUDRA), सदस्य ऋणदाता संस्थानों (MLI) और लाभार्थियों के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में कार्य करती है। 'मुद्रा' एक सहायक संस्था है जो बैंकों, एनबीएफसी और माइक्रो-फाइनेंस संस्थानों को पुनर्वित्त (Refinance) प्रदान करती है। ये संस्थान सीधे उद्यमियों को ऋण देते हैं, जिससे अंतिम व्यक्ति तक मदद पहुंचती है।

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विशेष तथ्य: वित्त वर्ष 2024-25 में 'मुद्रा लिमिटेड' ने 827 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक मुनाफा कमाया है, जो इसकी आत्मनिर्भरता और सफलता का प्रमाण है।

योजना का विस्तार और श्रेणियां

मुद्रा ऋण विभिन्न कार्यों के लिए उपलब्ध हैं, जैसे वेंडर्स के लिए व्यावसायिक ऋण, मुद्रा कार्ड द्वारा कार्यशील पूंजी, मशीनरी के लिए वित्त और व्यावसायिक वाहन। ऋण की चार श्रेणियां इस प्रकार हैं:

शिशु: ₹50,000 तक (छोटे और नए उद्यमों के लिए)।

किशोर: ₹50,000 से ₹5 लाख तक (स्थापित हो रहे व्यवसायों के लिए)।

तरुण: ₹5 लाख से ₹10 लाख तक (विस्तार चाहने वाले उद्यमों के लिए)।

तरुण प्लस (2024 में शुरू): ₹10 लाख से ₹20 लाख तक (सफल और पुराने कर्जदारों के लिए)।

समावेशी विकास के आंकड़े

पीएमएमवाई ने देश के सामाजिक-आर्थिक ढांचे में गहरा बदलाव किया है:

शीर्ष राज्य: उत्तर प्रदेश (₹58,111 करोड़) वितरण में पहले, बिहार दूसरे और महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर रहा।

महिला सशक्तिकरण: कुल खातों में महिलाओं की भागीदारी लगभग 60% रही।

सामाजिक न्याय: एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग की ऋण खातों में हिस्सेदारी 45.52% रही।

डिजिटल सशक्तिकरण और 'जनसमर्थ' पोर्टल

योजना को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटलीकरण और जनसमर्थ पोर्टल का उपयोग किया गया है। यह पोर्टल 14 सरकारी ऋण योजनाओं और 200 से अधिक ऋणदाताओं को एक मंच पर जोड़ता है, जिससे आवेदन प्रक्रिया सरल हो गई है।

सफलता की प्रेरक कहानियां

पूनम कुमारी (बिहार): ₹8 लाख के ऋण से बीज व्यवसाय शुरू किया और आज ₹60,000 प्रति माह कमाकर आर्थिक रूप से स्वतंत्र हैं।

मुदस्सिर नक़्शबंदी (कश्मीर): 'बेक माय केक' के जरिए 42 लोगों को रोजगार दिया। उनका करोड़ों का टर्नओवर डिजिटल क्रांति का उदाहरण है।

लवकुश मेहरा (भोपाल): ₹5 लाख के पहले ऋण से अपना फार्मा व्यवसाय ₹50 लाख तक पहुँचाया और अपना घर भी बनाया।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ने बिना जमानत के ऋण देकर भारत में उद्यमिता का लोकतंत्रीकरण किया है। भविष्य में इसका ध्यान ऋण की गुणवत्ता, उद्यमों के स्थायित्व और उन्हें बड़े व्यावसायिक स्तर पर ले जाने पर केंद्रित रहेगा, ताकि आज के सूक्ष्म उद्यम कल के बड़े ब्रांड बन सकें।

 

Disclaimer 
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत ऋण की पात्रता, ब्याज दर और आवेदन प्रक्रिया बैंक दर बैंक और सरकारी नियमों के आधार पर भिन्न हो सकती है। ऋण के लिए आवेदन करने से पहले कृपया अपने नजदीकी बैंक या आधिकारिक 'मुद्रा' पोर्टल (mudra.org.in) पर जाकर नियमों की पूरी जाँच कर लें। DeshTV24 किसी भी प्रकार के ऋण की गारंटी या वित्तीय लेनदेन का दावा नहीं करता है।

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