नई दिल्ली (National Desk): भारत सरकार के 'कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय' (Ministry of Skill Development and Entrepreneurship - MSDE) ने देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना, 'स्किल लोन स्कीम' (Skill Loan Scheme) को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है। आज के समय में केवल डिग्री काफी नहीं है, बल्कि 'हुनर' (Skill) ही रोजगार की असली चाबी है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने जुलाई 2015 में इस योजना की शुरुआत की थी, ताकि पैसे की कमी किसी भी छात्र के सपनों के बीच बाधा न बने।
क्या है स्किल लोन स्कीम? (What is Skill Loan Scheme?)
स्किल लोन स्कीम एक ऐसी पहल है जिसके तहत उन युवाओं को संस्थागत ऋण (Institutional Credit) प्रदान किया जाता है जो नेशनल ऑक्यूपेशन स्टैंडर्ड्स (National Occupation Standards) और क्वालिफिकेशन पैक्स (Qualification Packs) के अनुरूप स्किल डेवलपमेंट कोर्स करना चाहते हैं। इस योजना का उद्देश्य उन छात्रों की मदद करना है जो ITI, पॉलिटेक्निक या अन्य मान्यता प्राप्त संस्थानों से सर्टिफिकेट
ऋण की राशि और ब्याज दर (Quantum of Finance and Interest Rate)
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी लचीली ऋण सीमा है। छात्र अपनी जरूरत के अनुसार ₹5,000 से लेकर ₹1,50,000 (डेढ़ लाख रुपये) तक का लोन ले सकते हैं।
•ब्याज की दर: बैंक अपनी 'बेस रेट' (MCLR) के ऊपर आमतौर पर 1.5% का 'एड-ऑन' जोड़कर ब्याज लेते हैं। यह अन्य कमर्शियल लोन के मुकाबले काफी सस्ता पड़ता है।
•मोराटोरियम पीरियड (Moratorium): छात्र को कोर्स की अवधि के दौरान किस्त भरने की टेंशन नहीं लेनी होती। कोर्स पूरा होने के बाद ही पुनर्भुगतान (Repayment) शुरू होता है।
किसे मिल सकता है लाभ? (Eligibility Criteria)
सरकार ने इस योजना के दायरे को काफी व्यापक रखा है। पात्रता के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
1 भारतीय नागरिकता: आवेदन करने वाला छात्र भारतीय नागरिक होना चाहिए।
2 नामांकन (Admission): छात्र ने निम्नलिखित में से किसी भी संस्थान में प्रवेश प्राप्त कर लिया हो:
इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITIs)।
पॉलिटेक्निक कॉलेज।
केंद्रीय या राज्य शिक्षा बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त स्कूल।
मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज।
नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSDC) या सेक्टर स्किल काउंसिल से जुड़े ट्रेनिंग पार्टनर्स।
स्टेट स्किल मिशन या स्टेट स्किल कॉरपोरेशन।
3 कोर्स: किया जाने वाला कोर्स NSQF (National Skill Qualification Framework) के अनुरूप होना चाहिए। इसकी कोई न्यूनतम अवधि निर्धारित नहीं है, यानी छोटे कोर्स के लिए भी लोन मिल सकता है।
बिना गारंटी के मिलेगा लोन (No Collateral Required)
अक्सर छात्र बैंक जाने से डरते हैं क्योंकि उनके पास गारंटी के तौर पर गिरवी रखने के लिए कुछ नहीं होता। लेकिन स्किल लोन स्कीम में किसी भी 'कोलैटरल' (Collateral) या थर्ड पार्टी गारंटी की आवश्यकता नहीं है। सरकार ने इसके लिए 'क्रेडिट गारंटी फंड फॉर स्किल डेवलपमेंट' (CGFSSD) बनाया है। यदि कोई छात्र लोन चुकाने में असमर्थ रहता है, तो 'नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्ट कंपनी' (NCGTC) बैंक को 75% तक की गारंटी कवर प्रदान करती है।
आखिर क्यों यह लोन 'बिना गारंटी' का है? समझिए गणित:
भारत में मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि उनके पास बैंक में गिरवी रखने के लिए संपत्ति (जैसे घर या सोना) नहीं होती। इसी समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने NCGTC (National Credit Guarantee Trust Company) के साथ हाथ मिलाया है।
साधारण लोन में यदि आप पैसा नहीं चुकाते, तो बैंक आपकी संपत्ति ज़ब्त कर लेता है। लेकिन स्किल लोन स्कीम में आपकी गारंटी खुद भारत सरकार ले रही है। यदि कोई छात्र किसी कारणवश लोन नहीं चुका पाता, तो सरकार का बनाया हुआ 'क्रेडिट गारंटी फंड' (CGFSSD) बैंक को उस नुकसान की भरपाई (75% तक) कर देता है। यही कारण है कि अब बैंक आपको बिना डरे लोन दे सकते हैं। अब आपको अपने माता-पिता के ऊपर बोझ बनने की ज़रूरत नहीं है, आप अपनी काबिलियत पर लोन लेकर अपना भविष्य खुद बना सकते हैं।
पुनर्भुगतान की समय सीमा (Repayment Period Details)
लोन चुकाने की अवधि आपकी लोन राशि पर निर्भर करती है, जिससे छात्रों पर बोझ नहीं पड़ता:
•₹50,000 तक के ऋण के लिए: चुकाने की अवधि अधिकतम 3 वर्ष है।
•₹50,000 से ₹1 लाख के बीच: चुकाने की अवधि अधिकतम 5 वर्ष है।
•₹1 लाख से अधिक के ऋण के लिए: छात्र को चुकाने के लिए 7 वर्ष तक का समय मिलता है।
ऋण का उपयोग कहाँ किया जा सकता है? (Coverage)
यह लोन केवल ट्यूशन फीस तक सीमित नहीं है। इसमें निम्नलिखित खर्चे शामिल हैं:
•ट्रेनिंग संस्थान को दी जाने वाली पूरी कोर्स फीस।
•असेसमेंट और परीक्षा शुल्क।
•अध्ययन सामग्री (Study Material) और किताबों का खर्च।
•कोर्स को पूरा करने के लिए ज़रूरी अन्य आवश्यक खर्चे।
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया (How to Apply via Vidya Kaushal Portal)
सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया यहाँ दी गई है:
1 पंजीकरण (Registration): सबसे पहले इच्छुक उम्मीदवारों को 'विद्या कौशल' (Vidya Kaushal) पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा।
2 दस्तावेज़ अपलोड: रजिस्ट्रेशन के दौरान आपको अपना पहचान पत्र (Aadhaar), पते का प्रमाण और आय का प्रमाण (यदि हो) अपलोड करना होगा।
3 चयन: सफल पंजीकरण के बाद, आप अपनी पसंद का सेक्टर, स्किल रोल और ट्रेनिंग सेंटर चुन सकते हैं।
4 काउंसलिंग: अपने चुने हुए केंद्र पर जाकर काउंसलिंग लें और कोर्स की जानकारी प्राप्त करें।
5 ऋण अनुरोध: केंद्र के माध्यम से ही लोन के लिए आवेदन (Request) जनरेट करें।
6 स्वीकृति: बैंक आपकी पात्रता की जांच करेगा और आपको लोन ऑफर भेजेगा। आप इसे अपनी सुविधा के अनुसार स्वीकार या अस्वीकार कर सकते हैं।
7 संवितरण (Disbursement): लोन मंजूर होते ही पैसा सीधे आपके ट्रेनिंग सेंटर के खाते में भेज दिया जाएगा।