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आर्टेमिस II: चंद्रमा के करीब से ऐतिहासिक यात्रा के बाद पृथ्वी की ओर वापसी

एक अनुभवी विज्ञान लेखक और अंतरिक्ष मामलों के विशेषज्ञ, जो वैश्विक अंतरिक्ष एजेंसियों (NASA, ISRO) के मिशनों पर गहन शोध और विश्लेषण करते हैं। जटिल वैज्ञानिक विषयों को सरल और सटीक हिंदी भाषा में प्रस्तुत करना इनकी विशेषज्ञता है।
आर्टेमिस II: चंद्रमा के करीब से ऐतिहासिक यात्रा के बाद पृथ्वी की ओर वापसी

50 से अधिक वर्षों के लंबे अंतराल के बाद, मानव जाति ने एक बार फिर चंद्रमा के करीब पहुंचकर इतिहास रच दिया है। नासा (NASA) के आर्टेमिस II (Artemis II) मिशन के चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की सफल परिक्रमा करने के बाद अब सुरक्षित रूप से पृथ्वी की ओर लौट रहे हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने पुष्टि की है कि उनका ओरियन कैप्सूल (Orion Capsule) अब उस बिंदु को पार कर चुका है जहाँ पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल चंद्रमा के खिंचाव से अधिक शक्तिशाली हो गया है।  

मिशन की मुख्य उपलब्धियां और रिकॉर्ड

इस मिशन ने न केवल अंतरिक्ष अन्वेषण के एक नए युग की शुरुआत की है, बल्कि कई पुराने रिकॉर्ड भी तोड़े हैं:

रिकॉर्ड दूरी: सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को, चालक दल ने पृथ्वी से 252,756 मील (लगभग 406,771 किमी) की दूरी तय की। यह मानव अंतरिक्ष उड़ान के इतिहास में पृथ्वी से सबसे अधिक दूरी है, जिसने 1970 में अपोलो 13 द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।  

चंद्रमा के सबसे करीब: ओरियन कैप्सूल चंद्रमा की सतह से मात्र 4,067 मील (लगभग 6,545 किमी) की दूरी से गुजरा।  

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सौर ग्रहण का अद्भुत दृश्य: चंद्रमा के पीछे से गुजरते समय अंतरिक्ष यात्रियों ने एक दुर्लभ खगोलीय घटना देखी—उन्होंने अंतरिक्ष से पूर्ण सूर्य ग्रहण का अनुभव किया।

अंतरिक्ष यात्रियों के अनुभव: "अंधेरे की सुंदरता"

मिशन पर सवार चार साहसी यात्री—रीड वाइसमैन (कमांड), विक्टर ग्लोवर (पायलट), क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हेंसन (कनाडा)—ने इस यात्रा के दौरान अपने अनुभव साझा किए।

जब क्रिस्टीना कोच से पृथ्वी और चंद्रमा के दृश्यों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वह पृथ्वी की सुंदरता के साथ-साथ उसके चारों ओर फैले "गहरे अंधेरे" को देखकर दंग रह गईं। कोच ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर मौजूद अपनी सहकर्मी जेसिका मीर से भी बात की। 2019 में पहली 'ऑल-फीमेल' स्पेस-वॉक करने वाली इस जोड़ी के लिए यह एक भावुक क्षण था।

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वहीं, विक्टर ग्लोवर ने बताया कि ओरियन कैप्सूल के अंदर जगह काफी कम है। उन्होंने कहा, "ISS की तुलना में यहाँ रहने की जगह बहुत सीमित है, इसलिए हमारी हर गतिविधि अंतरिक्ष की कमी को ध्यान में रखकर शुरू होती है।"

वापसी का सफर और स्प्लैशडाउन (Splashdown)

आर्टेमिस II मिशन का समापन बेहद रोमांचक होने वाला है। अंतरिक्ष यात्री शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को पृथ्वी पर लौटेंगे।  

तेज रफ्तार: ओरियन कैप्सूल लगभग 25,000 मील प्रति घंटे (40,000 किमी/घंटा) की रफ्तार से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा।  

लैंडिंग: वायुमंडल के घर्षण से निपटने के बाद, कैप्सूल के 11 पैराशूट खुलेंगे जो इसकी गति को मात्र 17 मील प्रति घंटे तक धीमा कर देंगे।

स्थान: चालक दल के सैन डिएगो (कैलिफोर्निया) के तट के पास प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन करने की उम्मीद है। अमेरिकी नौसेना का जहाज USS John P. Murtha उन्हें समुद्र से निकालने के लिए तैयार तैनात रहेगा।  

आर्टेमिस मिशन का महत्व

यह 10-दिवसीय मिशन चंद्रमा पर स्थायी मानव उपस्थिति बनाने की दिशा में नासा का दूसरा बड़ा कदम है। 1 अप्रैल को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट के जरिए लॉन्च किया गया यह मिशन पूरी तरह से सफल रहा है।  

अगला चरण आर्टेमिस III होगा, जिसका लक्ष्य 2027 के मध्य तक पहली महिला और अगले पुरुष को चंद्रमा की सतह पर उतारना है। यह मिशन न केवल विज्ञान के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भविष्य में मंगल ग्रह (Mars) तक पहुँचने की हमारी तैयारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी है।

 

  Disclaimer
यह लेख वर्तमान में उपलब्ध समाचारों और नासा (NASA) द्वारा जारी प्रारंभिक रिपोर्टों पर आधारित है। अंतरिक्ष मिशनों की लैंडिंग और समय में तकनीकी कारणों से बदलाव हो सकता है। सटीक और ताज़ा जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों का संदर्भ लें।
 

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