नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजरें इन दिनों टकटकी लगाए मोदी कैबिनेट की हर बैठक पर टिकी हुई हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर साल की पहली छमाही के महंगाई भत्ते (DA) का तोहफा कब मिलेगा? आमतौर पर मार्च के महीने में होली के आसपास इसका ऐलान हो जाता है, लेकिन इस बार अप्रैल का दूसरा हफ्ता भी बीतने वाला है और इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा।
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि आज 'गुड न्यूज़' मिल सकती है। आइए जानते हैं कि इस बैठक में क्या फैसले हुए और डीए को लेकर फिलहाल क्या स्थिति है।
महंगाई भत्ते (DA) पर क्या रहा फैसला?
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खबर थोड़ी मायूस करने वाली है क्योंकि इस कैबिनेट बैठक में भी महंगाई भत्ते (DA) की बढ़ोतरी पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। वर्तमान में कर्मचारियों को 58% की दर से डीए मिल रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार इसमें 2 से 3 फीसदी की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे यह आंकड़ा 60% या 61% तक पहुंच सकता है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी इस पर चुप्पी साधी गई है, जिससे कर्मचारियों की उत्सुकता और चिंता दोनों बढ़ गई हैं।
कैबिनेट बैठक के अन्य बड़े फैसले: बुनियादी ढांचे और किसानों पर जोर
भले ही डीए का ऐलान नहीं हुआ, लेकिन सरकार ने देश के विकास और किसानों के हित में कई बड़े निवेशों को मंजूरी दी है:
1. अरुणाचल प्रदेश में बिजली क्रांति (₹40,150 करोड़ का निवेश)
सरकार ने अरुणाचल प्रदेश में दो विशाल जलविद्युत परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई है:
कमला जलविद्युत परियोजना: इसके लिए ₹26,069.50 करोड़ मंजूर किए गए हैं। यह 1,720 मेगावाट की परियोजना एनएचपीसी और राज्य सरकार मिलकर बनाएंगे। इससे न केवल बिजली पैदा होगी, बल्कि ब्रह्मपुत्र घाटी में बाढ़ नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
कलाई-2 परियोजना: लोहित नदी पर बनने वाली इस 1,200 मेगावाट की परियोजना के लिए ₹14,105.83 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
2. किसानों को मिली बड़ी राहत (₹41,534 करोड़ की सब्सिडी)
आगामी खरीफ सत्र के लिए किसानों को खाद की कीमतों से राहत देने के लिए सरकार ने फर्टिलाइजर सब्सिडी में 12% की बढ़ोतरी की है।
यह सब्सिडी 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि नाइट्रोजन, फॉस्फेट और सल्फर पर सब्सिडी की दरों को बढ़ाया गया है ताकि किसानों पर आर्थिक बोझ न पड़े।
3. जयपुर मेट्रो का विस्तार
शहर की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए कैबिनेट ने जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट पर ₹13,000 करोड़ से अधिक की लागत आएगी।
केंद्रीय कर्मचारियों को अब अगली कैबिनेट बैठक का इंतजार करना होगा। आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की चर्चाओं के बीच, फिलहाल सबकी प्राथमिकता डीए की वह फाइल है जो अभी तक कैबिनेट की मेज से क्लियर नहीं हो पाई है। जैसे ही इस पर कोई आधिकारिक अपडेट आता है, हम आप तक जरूर पहुंचाएंगे।