नई दिल्ली | 15 मई 2026 — भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 रद्द हो चुकी है। 22 लाख से ज़्यादा छात्रों के सपने एक झटके में टूट गए। CBI जांच में अब एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है राजस्थान के जयपुर ग्रामीण के एक ही परिवार के 5 सदस्यों को मेडिकल कॉलेज में सीट मिली। और पेपर लीक की जड़ खुद NTA के अंदर तक पहुंचती है।
3 मई को परीक्षा, 11 मई को रद्द क्या हुआ बीच में
3 मई 2026 को देशभर के 551 शहरों में NEET-UG परीक्षा हुई। 22.7 लाख छात्र बैठे। उसी रात 1:30 बजे एक शख्स सीकर के उद्योग नगर पुलिस स्टेशन पहुंचा। उसके हाथ में हस्तलिखित "गेस पेपर" था — जिसके सवाल NEET के असली पेपर से मिल रहे थे। पुलिस ने लिखित शिकायत मांगी। वो शख्स बिना कुछ लिखे चला गया।
4 दिन बाद, 7 मई को उसने NTA को ईमेल किया। NTA ने जांच की — और 11 मई को परीक्षा रद्द कर दी। 8 दिन बाद। इन 8 दिनों में क्या हुआ? किसने क्या छुपाया? यही सवाल अब CBI पूछ रही है।
व्हिसलब्लोअर की कहानी जो रात को पुलिस स्टेशन गया
वो शख्स सीकर के एक बड़े कोचिंग सेंटर का टीचर बताया जा रहा है।
उसके मकान मालिक के बेटे ने केरल से हस्तलिखित गेस पेपर भेजा था। मकान मालिक ने टीचर से पूछा — क्या ये सवाल NEET से मिलते हैं? टीचर ने मिलाया। 720 में से 600 नंबर के सवाल हूबहू मिल गए। यानी 83% से ज़्यादा पेपर लीक था। वो घबराया। रात को पुलिस स्टेशन गया। लेकिन लिखित शिकायत नहीं दी और चला गया।
7 मई को उसने NTA को लिखा — "मैं अपना फोन फोरेंसिक जांच के लिए देने को तैयार हूं। यह परीक्षा की पवित्रता के साथ खिलवाड़ है।" NTA डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह ने खुद माना शिकायत सच निकली और परीक्षा रद्द की गई।
एक परिवार, 5 मेडिकल सीटें CBI की नज़र में
CBI जांच का सबसे बड़ा खुलासा यह है।
जम्मारामगढ़, जयपुर ग्रामीण के दिनेश और मंगीलाल बिवाल दो भाई। इनके परिवार के 5 लोगों को NEET में सफलता मिली
गुंजन (दिनेश की बेटी) — बनारस मेडिकल कॉलेज
पलक (घनश्याम की बेटी, बड़े भाई की) — NEET पास
सोनिया (घनश्याम की बेटी) — मुंबई मेडिकल कॉलेज
प्राकृति (मंगीलाल की बेटी) — दौसा मेडिकल कॉलेज
विकास (मंगीलाल का बेटा) — सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज
एक ही परिवार से 5 डॉक्टर — संयोग या साज़िश? CBI मान रही है साज़िश।
पेपर कहां से आया — पूरी चेन
CBI ने अदालत में जो चेन बताई, वो इस तरह है:
NTA के अंदर कोई → पुणे का एक शख्स → शुभम खैरनार (नासिक) → यश यादव (गुरुग्राम) → मंगीलाल-दिनेश (जयपुर)
29 अप्रैल को — परीक्षा से 4 दिन पहले — Telegram पर 500-600 सवालों का PDF शेयर हुआ
इनमें से 180 सवाल असली पेपर से "हूबहू एक जैसे" निकले शुभम खैरनार ने पेपर 10 लाख में खरीदा, 15 लाख में बेचा मंगीलाल और दिनेश ने गुरुग्राम के एक डॉक्टर से 30 लाख में खरीदा सीकर के कोचिंग सेंटर्स में परीक्षा से 15 घंटे पहले पेपर पहुंच गया था
कुछ छात्रों को पेपर 30,000 से 30 लाख रुपये में बेचा गया CBI ने अब तक क्या किया
5 आरोपी कोर्ट में पेश — 7 दिन की CBI हिरासत मिली
यश यादव (गुरुग्राम), मंगीलाल कहतिक, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल (जयपुर), शुभम खैरनार (नासिक) सब अरेस्ट
धनंजय लोखंडा (अहिल्यानगर) और मनीषा वाघमारे (पुणे) भी गिरफ्तार 14 जगहों पर छापे — फोन, चैट, लीक पेपर बरामद
NTA हेडक्वार्टर दिल्ली में भी CBI टीम पहुंची दस्तावेज़ जब्त
पुणे के उस NTA सोर्स की तलाश अभी जारी है
सीकर — "मिनी कोटा" का काला सच
सीकर राजस्थान का वो शहर है जहां NEET और JEE के लिए कोचिंग सेंटर बड़े पैमाने पर खुले हैं। इसे "मिनी कोटा" कहा जाने लगा है। लेकिन यह पहली बार नहीं है। सीकर का कोचिंग इकोसिस्टम पहले भी परीक्षा घोटालों से जुड़ा रहा है।
यह सवाल ज़रूरी है — क्या सिर्फ गिरफ्तारियां काफी हैं? या इस पूरे कोचिंग माफिया की जड़ों की जांच होगी?
असली सवाल NTA पर भरोसा कब टूटा
यह पहली बार नहीं है। 2024 में भी NEET विवाद हुआ था। छात्र सड़कों पर उतरे थे।
2026 में फिर वही हुआ। 22 लाख छात्रों ने महीनों पढ़ाई की रातें जागकर, घर-परिवार छोड़कर। और 30 लाख रुपये देकर कोई पेपर खरीद सकता था। यह सिर्फ पेपर लीक नहीं यह उस पूरे सिस्टम पर सवाल है जो कहता है "मेहनत करो, सफलता मिलेगी।"
जब अंदर से ही छेद हो, तो मेहनत किस काम की ?
अभी क्या हो रहा है
परीक्षा रद्द, नई तारीख अभी घोषित नहीं
CBI जांच जारी, NTA "सोर्स" की तलाश
कई और संदिग्धों से पूछताछ चल रही है
प्रिंटिंग प्रेस का रोल भी जांच के दायरे में
राजनीतिक हलचल
यह मामला सीधे शिक्षा मंत्रालय और NTA की जवाबदेही पर सवाल उठाता है। विपक्ष ने मांग की है कि NTA को भंग किया जाए और स्वतंत्र जांच आयोग बने।
22 लाख छात्रों का भविष्य अधर में है और उनके माता-पिता के वो लाखों रुपये भी, जो कोचिंग फीस में गए।