असम विधानसभा चुनाव की आधिकारिक घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की अपनी पहली विशाल जनसभा में विरोधियों पर जमकर प्रहार किया। असम की ऐतिहासिक धरती पर उमड़े 'जनसमुद्र' को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने न केवल असम के विकास का नया रोडमैप पेश किया, बल्कि कांग्रेस पर 'खतरनाक सांप्रदायिक कानून' लाने की साजिश का गंभीर आरोप भी लगाया। मूसलाधार बारिश के बावजूद मैदान में डटे हजारों लोगों के उत्साह को देखते हुए पीएम ने आत्मविश्वास के साथ कहा, "यह प्यार इस बात की खुली घोषणा है कि इस बार हैट्रिक पक्की है।"
विकास और विरासत का संगम: 'चाय' के बाद अब 'चिप' की पहचान
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में असम की वैश्विक पहचान को एक नए स्तर पर ले जाने का विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि दशकों से असम को उसकी 'चाय' के लिए दुनिया भर में सराहा गया है, लेकिन अब बीजेपी सरकार असम को 'सेमीकंडक्टर चिप्स' का हब बनाने जा रही है।
"वो दिन दूर नहीं जब दुनिया भर के फोन, गाड़ियां, टीवी और फ्रिज असम के सेमीकंडक्टर प्लांट में बनी चिप्स से चलेंगे। अब असम की पहचान चाय के साथ-साथ चिप से भी होगी।"
पीएम ने जोर देकर कहा कि यह बदलाव केवल तकनीक का नहीं, बल्कि असम के युवाओं के लिए लाखों स्वरोजगार और सरकारी नौकरियों के नए अवसर पैदा करने का है।
कांग्रेस पर तीखा हमला: 'राजकुमार' की पराजय की सेंचुरी
कांग्रेस के नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दिल्ली और असम, दोनों जगह 'परिवार प्रथम' की राजनीति चलती है। उन्होंने राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां एक ओर एनडीए जीत की हैट्रिक लगाने जा रही है, वहीं कांग्रेस के 'सो-कॉल्ड राजकुमार' की पराजय की सेंचुरी (100वीं हार) लगने वाली है।
पीएम ने कांग्रेस के शासनकाल को 'काला दौर' बताते हुए याद दिलाया कि कैसे पहले असम से केवल बम, बंदूक, दंगों और कर्फ्यू की खबरें आती थीं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने बीते 10 वर्षों में असम को स्थायी शांति दी है और हजारों युवाओं ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है।
संकल्प पत्र को बताया 'मंगल पत्र'
मंगलवार को असम बीजेपी द्वारा जारी किए गए संकल्प पत्र का जिक्र करते हुए पीएम ने इसे 'मंगल पत्र' (कल्याणकारी दस्तावेज) करार दिया। उन्होंने इसके मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
लखपति बायदो (लखपति दीदी): असम की 3 लाख बहनें पहले ही लखपति बन चुकी हैं। अब आगामी कार्यकाल में 40 लाख और बहनों को लखपति बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
गरीबों को आवास: 22 लाख गरीब परिवारों को पक्के घर मिल चुके हैं, और 15 लाख नए घरों की गारंटी मोदी ने दी है।
किसानों को अतिरिक्त सहायता: पीएम किसान निधि के अलावा, राज्य के छोटे किसानों को सालाना ₹11,000 की अतिरिक्त मदद दी जाएगी। साथ ही ट्रैक्टर और गाय खरीदने के लिए विशेष सब्सिडी का प्रावधान है।
शिक्षा का अधिकार: गरीब बच्चों के लिए केजी (KG) से पीजी (PG) तक मुफ्त शिक्षा की घोषणा को पीएम ने ऐतिहासिक बताया।
अवैध घुसपैठ और 'सांप्रदायिक कानून' पर बड़ा पर्दाफाश
भाषण का सबसे आक्रामक हिस्सा तब आया जब पीएम मोदी ने कांग्रेस के एक कथित 'खतरनाक कानून' की चर्चा की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सत्ता में आने के लिए असम में वैसा ही कानून लाना चाहती है जैसा 2014 से पहले केंद्र की यूपीए सरकार 'कम्युनल वायलेंस बिल' के रूप में लाना चाहती थी।
पीएम ने कहा, "कांग्रेस घुसपैठियों को खुली छूट देना चाहती है और असम की मूल संतानों को अपने ही घर में अल्पसंख्यक बनाना चाहती है। लेकिन मोदी की गारंटी है कि किसानों, आदिवासियों और हमारे जंगलों की जमीन पर अवैध कब्जे बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।" उन्होंने साफ़ किया कि बीजेपी असमिया शान और पहचान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाएगी, जबकि आदिवासी क्षेत्रों की परंपराओं (सिक्स्थ शेड्यूल) को सुरक्षित रखा जाएगा।
बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव: 65 साल बनाम 11 साल
कनेक्टिविटी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने आंकड़ों के जरिए पिछली सरकारों को घेरा। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने 65 वर्षों में ब्रह्मपुत्र नदी पर केवल 3 पुल बनाए थे, जबकि एनडीए सरकार ने पिछले 11 वर्षों में 5 नए बड़े पुलों का निर्माण पूरा किया है। बोगीबील ब्रिज और भूपेन हजारिका सेतु ने उत्तर असम के जीवन को पूरी तरह बदल दिया है।
इसी तरह स्वास्थ्य क्षेत्र में, असम के मेडिकल कॉलेजों की संख्या 6 से बढ़ाकर 24 करने का लक्ष्य है (जिसमें 14 पहले से ही संचालित हैं और 10 पर काम चल रहा है)। धेमाजी में बन रहा नया मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज इसी विकास यात्रा का हिस्सा हैं।
बाढ़ मुक्ति के लिए ₹18,000 करोड़ का विशेष मिशन
असम की सबसे बड़ी समस्या 'बाढ़' का जिक्र करते हुए पीएम ने किसानों को राहत देने का वादा किया। उन्होंने घोषणा की कि राज्य को बाढ़ से मुक्त करने के लिए ₹18,000 करोड़ का एक विशेष मिशन चलाया जाएगा। इसके तहत ब्रह्मपुत्र और सुबनसिरी नदियों की गहराई बढ़ाने और आधुनिक तटबंध बनाने पर जोर दिया जाएगा, ताकि किसानों की फसल और जान-माल की रक्षा हो सके।
मिसिंग समाज और सांस्कृतिक जुड़ाव
अपने भाषण की शुरुआत में स्थानीय भाषा में अभिवादन कर पीएम ने सबका दिल जीत लिया। उन्होंने मिसिंग (Mising) जनजातीय समुदाय के प्रति विशेष आभार जताया, जिन्होंने उनका सम्मान किया। पीएम ने बताया कि उनकी सरकार ने सैकड़ों स्कूलों में मिसिंग भाषा में पढ़ाई शुरू करवाई है और उनके सांस्कृतिक उत्सवों के लिए करोड़ों की मदद दी है।
मोदी की गारंटी' और बिहू की शुभकामनाएं
सभा के अंत में प्रधानमंत्री ने जनता से एक भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि वह आज सुबह टी-गार्डन गए थे, जहां उन्होंने चाय श्रमिकों की मेहनत को करीब से देखा और उनसे पत्तियां तोड़ना भी सीखा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घर-घर जाकर सबको उनका संदेश दें: "मोदी जी आए थे और उन्होंने सबको बोहाग बिहू की शुभकामनाएं भेजी हैं।"