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PM Modi को FAO का सर्वोच्च सम्मान Agricola Medal रोम में हुआ सम्मान

PM Modi को FAO का सर्वोच्च सम्मान Agricola Medal रोम में हुआ सम्मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुधवार को संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने अपने सर्वोच्च सम्मान Agricola Medal 2026 से नवाज़ा। यह पुरस्कार उन्हें खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ कृषि और ग्रामीण विकास में उनके नेतृत्व के लिए दिया गया। FAO मुख्यालय, रोम में हुए इस समारोह में महानिदेशक Qu Dongyu ने यह सम्मान प्रदान किया। यह पहली बार है जब किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने 30 साल में FAO मुख्यालय का दौरा किया।

पुरस्कार स्वीकार करते हुए Modi ने कहा कि यह सम्मान भारत के किसानों और कृषि वैज्ञानिकों को समर्पित है — जिन्होंने भारत और विश्व की खाद्य सुरक्षा में अमूल्य योगदान दिया है।

30 साल बाद FAO मुख्यालय में भारतीय PM  यह क्यों अहम है

मोदी का यह दौरा महज एक पुरस्कार समारोह नहीं था। पिछली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री FAO मुख्यालय गया था — तब 1996 था। उसके बाद 30 साल में यह पहली बार हुआ।

भारत FAO का Founding Member है — यानी 1945 से इस संगठन के साथ है। इसके बावजूद तीन दशकों तक किसी प्रधानमंत्री ने FAO HQ नहीं गए — यह एक बड़ी Diplomatic Gap थी। मोदी की इस यात्रा ने वो Gap पाट दी।

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Agricola Medal FAO का सर्वोच्च सम्मान है। इसे उन व्यक्तियों या संस्थाओं को दिया जाता है जिन्होंने वैश्विक खाद्य सुरक्षा और कृषि विकास में असाधारण योगदान दिया हो। यह Medal मिलना और वो भी Rome में FAO HQ पर  भारत की Global Agricultural Leadership की Official Recognition है।

Modi का भाषण  खेती धरती माँ और इंसान के बीच का पवित्र रिश्ता है

मोदी ने अपने भाषण में कृषि को भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन की नींव बताया। उन्होंने कहा खेती केवल आर्थिक गतिविधि नहीं है। यह धरती माँ और भारत के लोगों के बीच का एक पवित्र रिश्ता है।

उन्होंने कहा कि यह सम्मान भारत की मानव कल्याण, टिकाऊ विकास और वैश्विक खाद्य सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मोदी ने Millets यानी मोटे अनाज के International Year को FAO का Support मिलने का भी उल्लेख किया और संगठन का धन्यवाद किया। भारत ने Millets को Global Food Agenda में लाने में अहम भूमिका निभाई थी।

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भारत की कृषि नीति  जो Modi ने FAO को बताई

मोदी ने FAO मंच से भारत की कृषि नीति की बड़ी उपलब्धियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में भारत ने करीब 3,000 Climate-Resilient Crop Varieties विकसित की हैं। यह आंकड़ा दुनिया के किसी भी देश के लिए बड़ी उपलब्धि है।

Per Drop More Crop" यानी हर बूंद से ज़्यादा फसल  यह India की Micro-Irrigation Policy का आधार है। Precision Farming और Drip Irrigation से पानी की बचत और उत्पादकता दोनों बढ़ी हैं।

मोदी ने Technology का भी ज़िक्र किया  Digital Public Infrastructure, AI-Based Advisory Systems, Drones, Remote Sensing और Sensor-Based Machinery। भारत के किसान अब सिर्फ पारंपरिक तरीकों से नहीं Technology की मदद से खेती कर रहे हैं।

Global South का नेतृत्व  भारत की असली भूमिका

मोदी ने FAO में एक महत्वपूर्ण बात कही  भारत का Science-Driven Agricultural Approach अब सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि Global South के देशों के लिए भी उपयोगी हो रहा है।

अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के कई देश भारत की Crop Varieties, Irrigation Technology और Agricultural Advisory Systems से सीख रहे हैं। India-FAO South-South Cooperation Framework के तहत यह Knowledge Transfer हो रहा है।

यह वो भूमिका है जो पहले अमेरिका और यूरोपीय देश निभाते थे। अब भारत उस जगह खड़ा हो रहा है।

वो बात जो ज़्यादातर खबरें नहीं बता रहीं  किसानों की असली स्थिति

FAO Medal मिलना गर्व की बात है। भारत की कृषि नीति में कई अच्छे काम हुए हैं  यह सच है।

लेकिन एक ज़रूरी सवाल भी है। NCRB के आंकड़ों के मुताबिक भारत में हर साल हज़ारों किसान आत्महत्या करते हैं। MSP की कानूनी गारंटी अभी भी नहीं मिली। 2021 के Farm Laws Protests के बाद Laws वापस लिए गए  लेकिन किसानों की मूल माँगें अभी भी पूरी नहीं हुईं।

Climate-Resilient Varieties बनाना और Drip Irrigation देना ज़रूरी है। लेकिन जब तक किसान को उसकी फसल का उचित दाम नहीं मिलता  तब तक Technology और Awards से ज़्यादा कुछ नहीं बदलेगा।

FAO Medal एक International Recognition है। लेकिन असली Medal वो होगा जब भारत का किसान कर्ज़ से मुक्त होकर खेत में काम करे।

अंत में  किसानों को समर्पित सम्मान किसानों तक कब पहुंचेगा बदलाव

मोदी ने यह Award किसानों और कृषि वैज्ञानिकों को समर्पित किया। यह भावना सही है।

3,000 Climate-Resilient Varieties, AI Advisory Systems, Drone Technology  यह सब भारत की कृषि की असली ताकत है। और FAO जैसे वैश्विक मंच पर इसकी पहचान होना ज़रूरी है।

लेकिन जब Modi रोम से लौटें तो उम्मीद है कि इस सम्मान की ऊर्जा उन खेतों तक भी पहुंचे जहाँ किसान अभी भी संघर्ष कर रहे हैं। Medal International Recognition देता है  Policy और Implementation ज़मीन पर बदलाव लाती है।

Input: DDNEWS

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