नई दिल्ली (DeshTV24 News Desk): यदि आप बैंक से लोन लेने की योजना बना रहे हैं या पहले से ही ईएमआई (EMI) भर रहे हैं, तो 1 अप्रैल 2026 की तारीख आपके लिए गेम-चेंजर साबित होने वाली है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के बैंकिंग और लोन सेक्टर में पारदर्शिता लाने और ग्राहकों को सशक्त बनाने के लिए नियमों में ऐतिहासिक बदलाव कर दिए हैं। ये सुधार न केवल आपके पर्सनल फाइनेंस को आसान बनाएंगे, बल्कि बैंकों की मनमानी पर भी लगाम लगाएंगे।
CIBIL Score: अब महीने भर का इंतजार खत्म
वर्तमान व्यवस्था में आपका क्रेडिट स्कोर महीने में केवल एक बार अपडेट होता है, जिससे सुधार की प्रक्रिया बहुत धीमी रहती है। लेकिन 1 अप्रैल से रिजर्व बैंक ने इसे साप्ताहिक (Weekly) कर दिया है। अब क्रेडिट ब्यूरो को महीने की 7, 14, 21 और 28 तारीख को आपका क्रेडिट प्रोफाइल डेटा अपडेट करना अनिवार्य होगा। इसका सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जो अपना स्कोर सुधारने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि उनके द्वारा किए गए भुगतान का असर अब महज 7 दिनों के भीतर स्कोर पर दिखने लगेगा। हालांकि, ग्राहकों को सावधान रहने की भी जरूरत है क्योंकि भुगतान में एक दिन की देरी भी अब बहुत तेजी से सिबिल स्कोर को गिरा देगी।
लोन प्रीपेमेंट और फोरक्लोजर चार्ज से पूरी तरह मुक्ति
मिडिल क्लास परिवारों के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर लोन चुकाने को लेकर आई है। नए प्रावधानों के तहत अब फ्लोटिंग रेट पर लिए गए होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन और एजुकेशन लोन पर किसी भी प्रकार का प्रीपेमेंट या फोरक्लोज़र चार्ज नहीं वसूला जाएगा। अब तक नियम यह था कि यदि कोई ग्राहक अपनी बचत से लोन को समय से पहले बंद करना चाहता था, तो बैंक उस पर भारी जुर्माना (Penalty) लगाते थे। 1 अप्रैल से यह पूरी तरह मुफ्त हो जाएगा, जिससे लोग अपनी सुविधा के अनुसार कर्ज मुक्त हो सकेंगे।
बैंक अकाउंट और लॉकर में अब जोड़ सकेंगे 4 नॉमिनी
रिजर्व बैंक ने उत्तराधिकार प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए नॉमिनेशन नियमों में भी ढील दी है। अब ग्राहक अपने एक ही बैंक अकाउंट और लॉकर में अधिकतम चार (4) नॉमिनी जोड़ सकेंगे। यह बदलाव किसी अनहोनी की स्थिति में कानूनी वारिसों तक संपत्ति की पहुंच को बेहद आसान बना देगा। पहले सीमित नॉमिनी होने के कारण कई बार परिवारों को बैंक के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब हिस्सेदारी तय करना और प्रबंधन करना काफी सुलभ हो जाएगा।
ज्वेलरी कारोबारियों और गोल्ड लोन के लिए नई समय सीमा
ज्वेलरी सेक्टर और सोने पर लोन लेने वालों के लिए भी राहत भरा कदम उठाया गया है। गोल्ड मेटल लोन (GML) की भुगतान अवधि को 180 दिन से बढ़ाकर अब 270 दिन कर दिया गया है। इससे कारोबारियों के पास कैश फ्लो बेहतर रहेगा और उन्हें व्यापार विस्तार के लिए अधिक समय मिलेगा। इसके अतिरिक्त, छोटे कर्जदारों के लिए सोने की वैल्यू के बदले मिलने वाले लोन (LTV) की प्रक्रियाओं को भी अधिक सरल बनाया गया है।
RBI New Rules 2026: Quick Summary Table
| बदलाव का क्षेत्र | पुराना नियम | नया नियम (1 अप्रैल से प्रभावी) |
| CIBIL स्कोर अपडेट | महीने में 1 बार | हर 7 दिन में |
| लोन प्रीपेमेंट फीस | 2% से 4% जुर्माना | शून्य (0%) जुर्माना |
| नॉमिनी की संख्या | अधिकतम 1-2 | अधिकतम 4 नॉमिनी |
| गोल्ड लोन | 180 दिन की अवधि | 270 दिन की अवधि |
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