NDTV के चर्चित डिबेट शो ‘चक्रव्यूह’ में योग गुरु स्वामी रामदेव का इंटरव्यू इन दिनों काफी चर्चा में है। इस इंटरव्यू में उन्होंने कई बड़े और संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। बातचीत सिर्फ योग या आयुर्वेद तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें बिजनेस मॉडल, पतंजलि की नेटवर्थ, टैक्स सिस्टम, धर्म, राजनीति, विवादित बयान और लंबी उम्र के दावे जैसे विषय शामिल रहे।
• यह आर्टिकल उसी पूरे इंटरव्यू का डिटेल और गहराई से विश्लेषण है, ताकि आपको हर पहलू साफ समझ में आए।
क्या स्वामी रामदेव बिजनेसमैन हैं या समाजसेवी?
इंटरव्यू की शुरुआत में सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि क्या स्वामी रामदेव एक बिजनेसमैन हैं या समाज सेवा के नाम पर बिजनेस कर रहे हैं।
इस पर उन्होंने साफ जवाब दिया:
“मैं व्यापार नहीं कर रहा, मैं परमार्थ कर रहा हूँ।”
उन्होंने कहा कि पतंजलि का उद्देश्य पैसा कमाना नहीं बल्कि लोक कल्याण है।
उन्होंने बड़ी कंपनियों जैसे:
• Unilever
• Colgate
• Pepsi
का उदाहरण देते हुए कहा कि ये कंपनियां मुनाफे के लिए काम करती हैं, जबकि उनका मॉडल “प्रोस्पेरिटी फॉर चैरिटी” है यानी कमाई समाज के लिए।
फार्मा कंपनियों पर बड़ा हमला – ‘मेडिकल माफिया’
रामदेव ने इंटरव्यू में फार्मा इंडस्ट्री पर काफी तीखा हमला किया।
उनके आरोप:
• फार्मा कंपनियां “मेडिकल माफिया” हैं
• ये लोग बीमारी के नाम पर लोगों को लूटते हैं
• बड़े-बड़े बंगले और साम्राज्य खड़े करते हैं
उन्होंने कहा कि:
“जो फार्मा कंपनियां कर रही हैं वो लूट है, सेवा नहीं।”
इसके उलट उन्होंने दावा किया कि पतंजलि का पूरा सिस्टम सेवा और समाज के लिए काम करता है।
पतंजलि और व्यक्तिगत नेटवर्थ का सच
जब उनसे उनकी संपत्ति (Net Worth) पूछी गई तो उन्होंने चौंकाने वाला जवाब दिया:
“मेरी नेटवर्थ 0.0 है।”
लेकिन पतंजलि की नेटवर्थ काफी बड़ी है
उन्होंने कहा कि:
👉 पतंजलि की कमाई व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि सेवा और समाज कार्यों में लगाई जाती है।
टैक्स सिस्टम पर बड़ा बयान – ‘एक टैक्स होना चाहिए’
रामदेव ने भारत के टैक्स सिस्टम को लेकर भी बड़ा सुझाव दिया।
• इनकम टैक्स खत्म होना चाहिए
• देश में सिर्फ एक टैक्स सिस्टम होना चाहिए
• GST जैसे कई टैक्स को मिलाकर एक सरल टैक्स लागू किया जाए
• उन्होंने इसे “ट्रांजैक्शन टैक्स” का नाम देने की बात कही।
उनका तर्क:
• इससे सरकार की कमाई बढ़ेगी
• जनता को राहत मिलेगी
• सिस्टम सरल हो जाएगा
• वन वर्ल्ड, वन सिस्टम’ – भविष्य का विजन
रामदेव ने सिर्फ भारत ही नहीं, पूरी दुनिया के लिए एक विजन पेश किया।
उन्होंने कहा:
• भविष्य में “World Parliament” बननी चाहिए
• दुनिया को “One World, One Family” बनना चाहिए
• उन्होंने भारत के इतिहास का उदाहरण दिया:
👉 जैसे 1947 में 565 रियासतें मिलकर एक भारत बना
वैसे ही भविष्य में दुनिया भी एक हो सकती है और इससे युद्ध खत्म हो सकते हैं।
‘शरबत जिहाद’ विवाद पर खुला जवाब
इंटरव्यू का सबसे विवादित हिस्सा यही था।
• अपने बयान पर कोई पछतावा नहीं जताया
• कहा कि वे अभी भी अपने बयान पर कायम हैं
उन्होंने कहा:
• कोर्ट ने इसे indefensible कहा, लेकिन मैं ऑन रिकॉर्ड बोल रहा हूँ।”
उन्होंने यह भी कहा:
कुछ संस्थाएं अपने मुनाफे से मस्जिद-मदरसे बनाती हैं
उसी तरह वे भी गुरुकुल और धर्म से जुड़े काम करते हैं
धर्म और हिंदू राष्ट्र पर उनका नजरिया
रामदेव ने धर्म पर संतुलित लेकिन स्पष्ट बात रखी।
उनकी बातें:
• वे सभी धर्मों का सम्मान करते हैं
• लेकिन अपने धर्म में दृढ़ रहना जरूरी है
• हिंदू राष्ट्र पर उन्होंने कहा:
• घोषणा जरूरी नहीं है”
“अगर लोग हिंदुत्व को जीना शुरू कर दें, तो देश अपने आप हिंदू राष्ट्र बन जाएगा”
उन्होंने जोर दिया कि:
👉 भाषण से ज्यादा जरूरी है जीवन में उतारना
फिटनेस और लाइफस्टाइल – खुद को बताया उदाहरण
रामदेव ने अपनी दिनचर्या और फिटनेस को लेकर भी कई दावे किए:
• सुबह 3 बजे उठते हैं
• रात 10 बजे तक काम करते हैं
• बहुत कम खाना और कम सोना
• 18–20 घंटे सेवा
उन्होंने कहा:
👉 “कोई भी मेरी उम्र का या मुझसे बड़ा-छोटा व्यक्ति आकर मुझसे दौड़ या कुश्ती कर सकता है।”
हालांकि उन्होंने इसे अहंकार नहीं बल्कि फिटनेस का संदेश बताया।
100–150 साल जीने का दावा – कितना सच?
इंटरव्यू का सबसे चर्चा वाला हिस्सा यही रहा।
रामदेव के दावे:
• वे 100 साल तक जीने का लक्ष्य रखते हैं
• उम्र को 25–50% तक रिवर्स करने की बात कही
150 साल तक जीने की संभावना पर भी चर्चा की
उन्होंने कहा:
रिसर्च चल रही है
जानवरों पर ट्रायल किए गए हैं
एंटी-एजिंग दवा का खुलासा
रामदेव ने अपनी एक खास दवा का भी जिक्र किया जिसमें शामिल हैं:
• अश्वगंधा
• गिलोय
• शतावरी
• विदारीकंद
• काकोली
• स्वर्ण भस्म
उन्होंने दावा किया:
👉 यह दवा एंटी-एजिंग और लॉन्गेविटी में मदद करती है
और वे खुद रोज इसका सेवन करते हैं।
मीडिया और ‘नाटक’ वाली बात
रामदेव ने मीडिया पर भी टिप्पणी की।
उन्होंने कहा:
कई बार इंटरव्यू और डिबेट “नाटक” जैसे होते हैं
असली काम जमीन पर होता है
उन्होंने लोगों से कहा:
👉 किसी भी व्यक्ति या विचार को सतही तौर पर नहीं, गहराई से समझना चाहिए
विवाद बनाम वास्तविकता
इंटरव्यू में बार-बार यह बात सामने आई कि:
रामदेव खुद को विवादों से अलग दिखाना चाहते हैं
वे अपने काम को ज्यादा महत्व देते हैं
उनका कहना था:
👉 “कंट्रोवर्सी अलग चीज है, असली काम अलग”
स्वामी रामदेव का यह इंटरव्यू कई मायनों में खास रहा
इसमें उन्होंने सिर्फ अपने बिजनेस या योग की बात नहीं की, बल्कि:
• देश के टैक्स सिस्टम
• धर्म और समाज
• ग्लोबल पॉलिटिक्स
• हेल्थ और लॉन्गेविटी
• जैसे बड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी सोच रखी।
क्या स्वामी रामदेव एक व्यापारी हैं या सन्यासी? हाल ही में एक न्यूज़ इंटरव्यू के 'चक्रव्यूह' में बाबा रामदेव ने अपनी व्यक्तिगत नेटवर्थ, 100 साल तक जवान रहने वाली 'एज रिवर्सल' दवा और 'शरबत जिहाद' विवाद पर अब तक का सबसे बेबाक पक्ष रखा है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।"
Disclaimer
लेख के अंत में इसे इटैलिक (Italic) में लगाएं:
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी स्वामी रामदेव के हालिया इंटरव्यू के ट्रांसक्रिप्ट पर आधारित है। दवाइयों (जैसे एज रिवर्सल या सप्लीमेंट्स) के प्रभाव के दावे व्यक्तिगत हैं और DeshTV24 इनकी वैज्ञानिक पुष्टि नहीं करता है। किसी भी औषधि का सेवन करने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
Source: NDTV Interview / NDTV Show ‘Chakravyuh’