कांग्रेस ने गुरुवार को VD सथीसन को केरल का नया मुख्यमंत्री घोषित किया। वो 18 मई 2026 को शपथ लेंगे और पिनाराई विजयन की जगह लेंगे। सथीसन 61 साल के हैं और एर्नाकुलम जिले के पारावूर विधानसभा क्षेत्र से 6 बार विधायक रहे हैं।
पिछले महीने हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेतृत्व वाले United Democratic Front ने 140 में से 102 सीटें जीती थीं। चुनाव नतीजे 4 मई को आए थे। उसके बाद से मुख्यमंत्री पद को लेकर AICC महासचिव KC वेणुगोपाल और वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला के नाम भी चर्चा में थे।
UDF को मिलीं: 102 / 140 सीटें
फैसले में लगे: 10 दिन (नतीजे 4 मई को आए थे)
समर्थन: IUML (22 सीटें), Kerala Congress, RSP
पूर्व CM: पिनाराई विजयन (LDF — 10 साल सत्ता में)
VD सथीसन कौन हैं — 40 साल का राजनीतिक सफर
VD सथीसन यानी वडास्सेरी दामोदरन सथीसन। नेट्टूर, एर्नाकुलम जिले के रहने वाले हैं। 1980 के दशक में Kerala Students Union से राजनीति में कदम रखा। MG University, कोट्टायम में तीन बार यूनियन काउंसिलर रहे।
1996 में पहली बार पारावूर से चुनाव लड़े यह CPI(M) का गढ़ था। LDF की उस लहर में वो 1,116 वोटों से हारे। अगले पांच साल पारावूर में ही रहे। 2001 में CPI(M) के बैठे विधायक P राजू को 7,434 वोटों से हराया।
KC वेणुगोपाल का नाम क्यों नहीं चुना गया ?
वेणुगोपाल इस समय अलप्पुझा लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। अगर CM बनते, तो संवैधानिक नियमों के तहत 6 महीने के भीतर Lok Sabha सदस्यता से इस्तीफा देना होता और विधानसभा का उपचुनाव लड़ना होता।
इससे पहले ऐसा हो चुका है। 2011 और 2021 में ममता बनर्जी को बंगाल में CM रहते हुए उपचुनाव लड़ने पड़े थे। 2017 में योगी आदित्यनाथ भी Lok Sabha MP थे जब UP का CM बनाया गया।
वेणुगोपाल AICC के General Secretary भी हैं। CM बनने पर उन्हें यह पद भी छोड़ना पड़ता। इसके अलावा उनकी अलप्पुझा Lok Sabha सीट के लिए भी उपचुनाव होता।
| पहलू | VD सथीसन | KC वेणुगोपाल |
|---|---|---|
| वर्तमान पद | विधायक, पारावूर | सांसद, अलप्पुझा + AICC General Secretary |
| By-election जरूरी? | नहीं | हां — 6 महीने में |
| IUML समर्थन | हां | नहीं |
| Opposition अनुभव | 5 साल Leader of Opposition | दिल्ली आधारित |
| 6 बार MLA | हां | नहीं (Lok Sabha MP) |
IUML, Kerala Congress और RSP ने सथीसन का समर्थन किया
IUML, Kerala Congress और RSP — तीनों UDF सहयोगी दलों ने सथीसन को समर्थन दिया। इन तीनों दलों के पास कुल 32 सीटें हैं।
IUML के राज्य अध्यक्ष सय्यद सादिक अली शिहाब थंगल ने घोषणा के बाद कहा — "केरल के लोगों के साथ हम भी इस फैसले का समर्थन करते हैं। सथीसन अच्छा शासन देंगे।" उन्होंने माना कि कांग्रेस ने IUML से सलाह ली थी।
| दल | सीटें (2026) | CM पर रुख |
|---|---|---|
| कांग्रेस | 70 | सथीसन घोषित |
| IUML | 22 | ✅ सथीसन का समर्थन |
| Kerala Congress | 6 | ✅ सथीसन का समर्थन |
| RSP | 4 | ✅ सथीसन का समर्थन |
| UDF कुल | 102 | बहुमत 71 चाहिए |
| केरल विधानसभा 2026 | कुल सीटें: 140 | ||
घोषणा के बाद सथीसन ने क्या कहा ?
CM घोषित होने के बाद सथीसन ने कहा — "मैं इस पद को अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं मानता। यह केरल के लोगों को समर्पित है।"
उन्होंने वेणुगोपाल की तारीफ की "वेणुगोपाल ने सभी गतिविधियों का समन्वय किया और उनका सहयोग अपार था।" चेन्निथला को लेकर कहा "चेन्निथला मेरे नेता हैं, करीबी दोस्त हैं और पार्टी के प्रिय साथी।"
उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रिमंडल के गठन में पार्टी से सलाह ली जाएगी लेकिन अंतिम फैसला हाईकमान का होगा।
10 दिन की देरी पर सथीसन ने कहा "इतने काबिल नेता थे। हाईकमान को MLA, वरिष्ठ नेता और सांसद सभी से बात करनी पड़ी। यह जरूरी प्रक्रिया थी।"
वेणुगोपाल और चेन्निथला ने क्या कहा?
वेणुगोपाल ने कहा सथीसन को मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया है। मैंने हमेशा कहा था कि हाईकमान का फैसला मान्य होगा। यह मेरी जिम्मेदारी है कि उस फैसले को लागू कराऊं।"
उन्होंने UDF की जीत को "शानदार विजय" बताया और आगे की जिम्मेदारी निभाने की बात कही।
इस फैसले के बारे में जो गलत कहा जा रहा है
10 दिन की देरी कांग्रेस की अंदरूनी कमजोरी है।
सथीसन ने खुद कहा — "इतने काबिल नेता थे, चुनाव मुश्किल था।" कर्नाटक में CM विवाद 3 साल से चल रहा है।
यह फैसला IUML ने करवाया — Congress की "Muslim appeasement" है।
IUML एक संवैधानिक दल है और UDF का सहयोगी है। गठबंधन में सहयोगियों की राय लेना सामान्य प्रक्रिया है।
102 सीटें सिर्फ वेणुगोपाल की मेहनत का नतीजा है।
सथीसन ने 5 साल Opposition में काम किया। 5 में से 4 उपचुनाव UDF ने जीते। 2024 Lok Sabha में 18/20 सीटें आईं।
वेणुगोपाल को नहीं चुना — यह उनकी हार है।
वेणुगोपाल Lok Sabha MP हैं। CM बनने पर by-election जरूरी होता। यह संवैधानिक मजबूरी थी।
केरल उन 4 राज्यों में — जहां Congress की सरकार है
केरल, कांग्रेस के उन चार राज्यों में से एक है जहां पार्टी सत्ता में है।
| राज्य | CM | स्थिति |
|---|---|---|
| केरल | VD सथीसन (नए) | ✅ 102/140 सीटें |
| तेलंगाना | रेवंत रेड्डी | ✅ सत्ता में |
| हिमाचल प्रदेश | सुखविंदर सुक्खू | ✅ सत्ता में |
| कर्नाटक | सिद्धारमैया | ✅ सत्ता में |
| Tamil Nadu | TVK Vijay (गठबंधन में Congress) | ✅ नई सरकार |
| मई 2026 की स्थिति | ||
वो पाँच बातें जो इस पूरे घटनाक्रम में कम सामने आईं
1. चेन्निथला का असली role क्या था?
रमेश चेन्निथला UDF की campaign committee के अध्यक्ष थे। चुनाव प्रचार में उनकी बड़ी भूमिका थी। वो भी CM race में थे। लेकिन उनका नाम अंत में कमजोर पड़ गया। सथीसन ने उन्हें "अपना नेता और करीबी दोस्त" कहा — यह महज शिष्टाचार नहीं, Cabinet गठन में उनकी भूमिका का संकेत है।
2. सथीसन की वो पांच सीटों वाली बात
सूत्रों के अनुसार सथीसन ने पार्टी नेतृत्व से कहा कि नेम्मारा, काझाकूटम, वडकांचेरी, नेडुमंगड और चेर्थला में अगर उनकी पसंद के उम्मीदवार उतारे जाते तो और सीटें आतीं। यह दावा CM race में उनका एक अहम पक्ष था।
3. 10 दिन में असल में क्या हुआ?
नतीजे आने के बाद AICC ने MLA-elect, वरिष्ठ नेता और सांसद — सभी से अलग-अलग सलाह ली। कई दौर की बातचीत हुई। एक समय वेणुगोपाल का नाम लगभग तय लग रहा था लेकिन सहयोगी दलों का रुख स्पष्ट होने के बाद फैसला पलटा।
4. By-election का precedent — यह नई बात नहीं
2011 में ममता बनर्जी Bhabanipur से उपचुनाव जीतकर CM बनी रहीं। 2021 में फिर ऐसा हुआ। 2017 में योगी आदित्यनाथ Lok Sabha MP थे जब UP CM बने। लेकिन हर बार यह जोखिम रहता है। केरल में कांग्रेस इस जोखिम से बचना चाहती थी।
5. Cabinet गठन की अगली पेचीदगी
सथीसन ने कहा कि मंत्रिमंडल पर हाईकमान का फैसला होगा। IUML, Kerala Congress और RSP — तीनों सहयोगियों को Cabinet में उचित प्रतिनिधित्व देना होगा। यह संतुलन बनाना ही अगली बड़ी चुनौती है।
आगे क्या देखना होगा
📌 18 मई को शपथ ग्रहण — Cabinet में कौन-कौन से चेहरे?
IUML, Kerala Congress और RSP को कितनी मंत्री पदें मिलती हैं?
वेणुगोपाल और चेन्निथला की भूमिका — केरल में या दिल्ली में?
पिनाराई विजयन के 10 साल के शासन के बाद जनता की उम्मीदें कितनी पूरी होती हैं?
निष्कर्ष 2011 में Cabinet नहीं मिली, 2026 में CM की कुर्सी मिली
2011 में जब UDF सत्ता में आई, तब सथीसन तीन बार MLA थे। Cabinet में जगह नहीं मिली। उन्होंने 2013 में कहा था — "मुझे आखिरी पंक्ति में बिठाया गया। मैं दुखी हुआ, लेकिन मैंने उसे स्वीकार किया।"
15 साल बाद, 14 मई 2026 को, उन्हें केरल का मुख्यमंत्री घोषित किया गया।
UDF के पास 102 सीटें हैं। गठबंधन का समर्थन है। 18 मई को शपथ होगी।