बेंगलुरु में बढ़ती हवाई यात्रा और यात्री संख्या को देखते हुए दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने की योजना तेज हो गई है। सरकार ने इसके लिए तीन संभावित स्थानों पर विचार शुरू कर दिया है।
📍 तीन जगहों पर चल रहा विचार
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए एयरपोर्ट के लिए जिन स्थानों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, उनमें चुडाहल्ली और सोमनहल्ली (कनकपुरा रोड) के साथ-साथ नेलमंगला के पास कुनीगल रोड शामिल हैं।
इन सभी जगहों का चयन जमीन, कनेक्टिविटी, पर्यावरण और लागत जैसे पहलुओं के आधार पर किया जा रहा है।
✈️ मौजूदा एयरपोर्ट पर बढ़ता दबाव
बेंगलुरु का केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जो देवनहल्ली में स्थित है, शहर के केंद्र से करीब 40 किलोमीटर दूर है।
तेजी से बढ़ती यात्रियों की संख्या और फ्लाइट्स के कारण इस एयरपोर्ट पर भारी दबाव पड़ रहा है। खासकर दक्षिण और पश्चिम बेंगलुरु के लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है
📊 2033 तक दूसरे एयरपोर्ट की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में हवाई यात्रियों की संख्या और बढ़ेगी। ऐसे में अनुमान है कि साल 2033 तक बेंगलुरु को दूसरा एयरपोर्ट जरूरी हो जाएगा।
🏗️ फिजिबिलिटी स्टडी जारी
सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए फिजिबिलिटी स्टडी शुरू कर दी है। इसमें यात्री मांग, आर्थिक स्थिति और इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरतों का आकलन किया जाएगा।
अंतिम फैसला इसी रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।
🏙️ सरकार की तैयारी तेज
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने केंद्र सरकार से एयरपोर्ट के आसपास ऊंचाई संबंधी नियमों में ढील देने की मांग की है, ताकि शहर के विकास को गति मिल सके।
•बेंगलुरु में दूसरा एयरपोर्ट बनना अब लगभग तय माना जा रहा है। इससे न सिर्फ ट्रैफिक का दबाव कम होगा, बल्कि शहर की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।