सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit जल्द ही अपने यूज़र्स के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन लागू कर सकता है। कंपनी इस कदम के जरिए प्लेटफॉर्म पर बढ़ते बॉट्स और फेक अकाउंट्स की समस्या को कम करना चाहती है।
Reddit के CEO Steve Huffman ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में इस बारे में बात करते हुए बताया कि कंपनी ऐसे तरीके तलाश रही है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्लेटफॉर्म पर मौजूद यूज़र्स असली इंसान हैं, न कि ऑटोमेटेड सिस्टम।
Face ID और Touch ID जैसे विकल्पों पर विचार
Steve Huffman के अनुसार, Reddit “lightweight verification” टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है। इसमें:
•Face ID
•Touch ID
•Passkeys
जैसे विकल्प शामिल हो सकते हैं।
ये तकनीकें आमतौर पर डिवाइस को अनलॉक करने के लिए इस्तेमाल होती हैं, लेकिन अब इन्हें यूज़र की मानव उपस्थिति (human presence) को साबित करने के लिए भी उपयोग किया जा सकता है।
बॉट्स और स्पैम से निपटने की कोशिश
Reddit पर तेजी से बढ़ रहे बॉट्स और AI-जनित कंटेंट को देखते हुए कंपनी यह कदम उठा सकती है। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के जरिए यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि कोई भी अकाउंट वास्तव में किसी इंसान द्वारा ही इस्तेमाल किया जा रहा है।
यूज़र प्राइवेसी पर रहेगा पूरा ध्यान
Reddit के CEO ने साफ किया कि कंपनी यूज़र्स की पहचान जानने में दिलचस्पी नहीं रखती, बल्कि सिर्फ यह सुनिश्चित करना चाहती है कि यूज़र असली है।
यानी:
•आपका नाम या पहचान नहीं ली जाएगी
•सिर्फ यह चेक होगा कि आप इंसान हैं
अनोनिमिटी बनी रहेगी
Reddit की सबसे बड़ी खासियत इसकी अनोनिमिटी (गोपनीयता) है। Huffman ने कहा कि प्लेटफॉर्म हमेशा “humans talking to humans” पर आधारित रहा है और आगे भी यही बनाए रखा जाएगा।
अभी नहीं आया कोई आधिकारिक ऐलान
हालांकि Reddit ने अभी तक इस फीचर को लागू करने की कोई आधिकारिक तारीख या पुष्टि नहीं की है। लेकिन CEO के बयान से यह साफ है कि कंपनी भविष्य में ऐसे कदम उठा सकती है