पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा और चौंकाने वाला कदम उठाते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उम्मीदवारों की पूरी सूची जारी कर दी है।
इस सूची में सबसे बड़ा बदलाव यह देखने को मिला कि पार्टी ने 74 मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक फैसला माना जा रहा है।
🔴 क्यों काटे गए इतने टिक
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम एंटी-इंकम्बेंसी (Anti-incumbency) को कम करने और जनता के बीच नए चेहरों को आगे लाने के लिए उठाया गया है। ममता बनर्जी इस बार चुनाव में फ्रेश और युवा चेहरों के साथ उतरना चाहती हैं।
📊 उम्मीदवारों की खास बातें:
•कुल 291 सीटों पर उम्मीदवार घोषित
•करीब 52 महिला उम्मीदवारों को मौका
•बड़ी संख्या में 60 साल से कम उम्र के उम्मीदवार
•कई पुराने और वरिष्ठ नेताओं के टिकट कटे
⚔️ भवानीपुर सीट पर खास नजर
इस बार की सबसे बड़ी लड़ाई भवानीपुर सीट पर मानी जा रही है, जहां ममता बनर्जी खुद चुनाव लड़ सकती हैं। यह सीट पहले भी उनके लिए अहम रही है और इस बार भी राजनीतिक मुकाबला कड़ा होने की संभावना है।
📉 पार्टी के अंदर बढ़ सकती है नाराजगी
इतनी बड़ी संख्या में टिकट कटने से पार्टी के अंदर असंतोष और बगावत की स्थिति भी बन सकती है। कई नेताओं और समर्थकों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
🗳️ चुनाव पर क्या असर पड़ेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला चुनाव में डबल-एज स्वॉर्ड साबित हो सकता है।
👉 एक तरफ नए चेहरे जनता को आकर्षित करेंगे
👉 वहीं पुराने नेताओं की नाराजगी नुकसान भी पहुंचा सकती है
ममता बनर्जी का यह कदम साफ दिखाता है कि वह बंगाल चुनाव 2026 को जीतने के लिए बड़ा जोखिम लेने को तैयार हैं।