BREAKING :
EV खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर! Tata Power का चार्जिंग नेटवर्क अब 700 शहरों तक पहुंचा प्रेग्नेंसी का पता चलने से पहले ले ली Ozempic? Harvard की नई रिपोर्ट में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई सीतापुर में बनेगा 250 MW सोलर प्लांट राजनाथ सिंह की मंजूरी सेना को मिलेगी 24x7 ग्रीन बिजली World Cup 2026 विवाद ईरान के फैंस का टिकट कोटा रोका गया FIFA पर बढ़ा दबाव 8000mAh बैटरी वाला Tecno Pova 8 आ रहा है! 11 जून लॉन्च कीमत जानकर चौंक जाएंगे TMC को बड़ा झटका सुखेंदु शेखर रॉय ने छोड़ी पार्टी भाजपा में जाने के संकेत ₹44,490 में मिल रही इलेक्ट्रic स्कूटर! Hero, TVS, Bajaj और Ather में कौन है सबसे सस्ता? भारत में लॉन्च हुआ E85 फ्यूल! पेट्रोल से ₹20 सस्ता बदल सकता है कार चलाने का पूरा गणित 15 साल बाद DTC की धमाकेदार वापसी! अयोध्या-वैष्णो देवी के लिए वोल्वो बसें 2800 नई ई-बसों का ऐलान अपराजिता आढ्य बोलीं काम के लालच में होती तो कभी बेरोजगार नहीं रहती'

पहलगाम हमले की पहली बरसी आतंक के आगे कभी नहीं झुकेगा भारत पीएम मोदी ने दी शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि

पहलगाम हमले की पहली बरसी आतंक के आगे कभी नहीं झुकेगा भारत पीएम मोदी ने दी शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि

 22 अप्रैल का वह काला दिन भारतीय इतिहास के उन पन्नों में दर्ज है, जिसे याद कर आज भी रूह कांप जाती है। पिछले साल आज ही के दिन कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम में आतंकवादियों ने जो कायराना हरकत की थी, उसकी टीस आज भी हर हिंदुस्तानी के दिल में है। इस हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (ट्विटर) पर एक बेहद भावुक और कड़ा संदेश साझा किया है।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत किसी भी तरह के आतंक के सामने कभी नहीं झुकेगा। उन्होंने इस हमले में अपनी जान गंवाने वाले 26 मासूमों को याद करते हुए कहा कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और देश हमेशा उनके परिवारों के साथ खड़ा है।

वो जख्म जिसे देश कभी नहीं भूल सकता

पीएम मोदी ने अपने संदेश में लिखा, "पिछले साल आज ही के दिन पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में खोए मासूमों को याद कर रहा हूँ। वे कभी नहीं भुलाए जाएंगे। मेरी संवेदनाएं उन शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं जो आज भी इस दुख से जूझ रहे हैं।"

Must Read TMC को बड़ा झटका सुखेंदु शेखर रॉय ने छोड़ी पार्टी भाजपा में जाने के संकेत TMC को बड़ा झटका सुखेंदु शेखर रॉय ने छोड़ी पार्टी भाजपा में जाने के संकेत

प्रधानमंत्री ने आगे देश के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि एक राष्ट्र के रूप में हम दुख और संकल्प में एकजुट हैं। आतंकियों के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। गौरतलब है कि पिछले साल 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने पहलगाम में पर्यटकों को निशाना बनाया था, जिसमें 26 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।

ऑपरेशन सिंदूर जब भारत ने घर में घुसकर मारा

इस हमले के बाद देश में भारी आक्रोश था, जिसका जवाब भारतीय सेना ने महज कुछ ही दिनों में दे दिया। 7 मई 2025 को भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया। यह एक ऐसा सैन्य अभियान था जिसने सरहद पार बैठे आतंकियों के आकाओं की नींद उड़ा दी। भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया।

इस ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिद्दीन जैसे संगठनों के 9 बड़े लॉन्च पैड्स को तबाह किया गया और 100 से ज्यादा आतंकियों को ढेर कर दिया गया। हालांकि पाकिस्तान ने इस पर जवाबी कार्रवाई की कोशिश की, लेकिन भारत के कड़े रुख के आगे उसे घुटने टेकने पड़े और 10 मई को पाकिस्तान की अपील पर ही युद्धविराम हुआ।

सेना की हुंकार न्याय होकर रहेगा

प्रधानमंत्री के पोस्ट से कुछ देर पहले ही भारतीय सेना ने भी एक कड़ा संदेश जारी किया। सेना ने कहा कि भारत के खिलाफ की गई किसी भी हरकत का जवाब 'सुनिश्चित' है और न्याय होकर रहेगा। सेना के आधिकारिक हैंडल से कहा गया कि जब इंसानियत की हदें पार की जाती हैं, तो जवाब 'निर्णायक' होता है। इसके साथ ही सेना ने उन तीन मुख्य आतंकियों को भी 'ऑपरेशन महादेव' के जरिए खत्म कर दिया जिन्होंने पहलगाम में खून की होली खेली थी।

Also Read अब सिफारिश नहीं मेरिट का दौर मोदी सरकार के 12 साल पर जितेंद्र सिंह का बड़ा दावा अब सिफारिश नहीं मेरिट का दौर मोदी सरकार के 12 साल पर जितेंद्र सिंह का बड़ा दावा

मजहब पूछकर चलाई गई थीं गोलियां

पहलगाम हमले की यादें आज भी इसलिए ज्यादा डरावनी हैं क्योंकि आतंकियों ने वहां मौजूद निहत्थे पर्यटकों को मजहब के आधार पर अलग किया था और फिर उनके परिवारों के सामने ही उन पर गोलियां बरसा दी थीं। इस अमानवीय कृत्य ने दुनिया भर में भारत के खिलाफ हो रहे सीमा पार आतंकवाद का चेहरा बेनकाब कर दिया था।

लिद्दर नदी के किनारे अमर हुए 26 नाम

पहलगाम के प्रसिद्ध बैसरन घाटी में आज शांति है, लेकिन वहां बना एक स्मारक उस काली रात की गवाही दे रहा है। काले संगमरमर से बने इस स्मारक पर उन सभी 26 पीड़ितों के नाम लिखे गए हैं, जिनमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय घोड़ा चलाने वाला (पोनीवाला) आदिल शाह शामिल था। लिद्दर नदी की लहरों के बीच यह स्मारक आने-जाने वालों को याद दिलाता है कि शांति की कीमत क्या होती है।

आज इस बरसी के मौके पर पहलगाम में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने चप्पे-चप्पे पर निगरानी बढ़ा दी है। श्रद्धांजलि सभा में राजनीतिक नेताओं के साथ-साथ नागरिक समाज के लोग और पीड़ित परिवार भी शामिल हो रहे हैं, जो अपनों की याद में वहां मोमबत्तियां जला रहे हैं।

 नया और सशक्त भारत

आज का भारत बदल चुका है। यह वह भारत है जो अब केवल निंदा नहीं करता, बल्कि घर में घुसकर जवाब देना भी जानता है। पीएम मोदी का यह बयान और सेना का 'ऑपरेशन सिंदूर' इस बात का प्रमाण है कि कश्मीर की धरती पर बहने वाले खून की हर बूंद का हिसाब लिया जाएगा।

पहलगाम की वादियों में आज फिर से पर्यटक लौट रहे हैं, लेकिन उन 26 परिवारों की खाली कुर्सियां हमेशा इस बात की गवाह रहेंगी कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, वह सिर्फ तबाही लाता है। भारत का संकल्प आज पहले से कहीं अधिक मजबूत है—आतंकवाद को जड़ से मिटाने का संकल्प।

Admin Desk

Admin Desk

I am senior editor of this News Portal. Me and my team verify all news with trusted sources and publish here.

Home Shorts

Categories