BREAKING :
LPG Gas Cylinder New Rules (May 2026): आम आदमी की जेब पर पड़ेगा सीधा असर, गैस बुकिंग से लेकर सब्सिडी और सुरक्षा तक हुए ये 8 बड़े बदलाव World Immunization Week 2026 क्या है इस साल की खास थीम ? जानें कैसे Digital AI और New Vaccines बदल रहे हैं आपकी सेहत का भविष्य भारतीय वायुसेना में सरकारी नौकरी का बड़ा मौका: UP और उत्तराखंड के युवाओं के लिए भर्ती का नोटिफिकेशन जारी क्रेडिट कार्ड के बदले नियम: RBI का 3-डे ग्रेस पीरियड और लाउंज एक्सेस का नया नियम बेंगलुरु में 5 महीने का महा-सूखा खत्म: जयनगर से व्हाइटफील्ड तक झमाझम बारिश, गर्मी के सारे रिकॉर्ड टूटे UAE का OPEC से बाहर निकलना: भारत के लिए तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट के संकेत गंगा एक्सप्रेसवे: सिर्फ सड़क नहीं, यूपी की तरक्की का सुपरफास्ट रूट जानें आपकी जेब और जीवन पर क्या होगा असर ड्रेसिंग रूम में Vaping करते पकड़े गए Riyan Parag — क्या IPL करेगा कार्रवाई? यूपी पुलिस में 1 लाख नई बंपर भर्तियां: सीएम योगी का बड़ा ऐलान, जानें युवाओं के लिए क्या है Vivo X300 FE और X300 Ultra: लॉन्च से पहले बड़ा खुलासा, DSLR जैसा कैमरा, AI फीचर्स और कीमत ने बढ़ाई चर्चा

बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 दूसरे चरण के लिए दिग्गजों का शक्ति प्रदर्शन, सीएए और महिला सुरक्षा बने मुख्य एजेंडा

बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 दूसरे चरण के लिए दिग्गजों का शक्ति प्रदर्शन, सीएए और महिला सुरक्षा बने मुख्य एजेंडा

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान से ठीक पहले सूबे की सियासत अपने चरम पर पहुंच गई है। 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान के लिए प्रचार के अंतिम सप्ताहांत में भारतीय जनता पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जहां मतुआ समुदाय को नागरिकता देने का बड़ा वादा किया है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड शो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पदयात्राओं ने राज्य की राजधानी को चुनावी अखाड़े में तब्दील कर दिया है।

मतुआ समुदाय और नागरिकता का चुनावी दांव

पश्चिम बंगाल की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाने वाले मतुआ समुदाय को साधने के लिए भाजपा ने सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) को अपना प्रमुख हथियार बनाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हालिया रैलियों में ममता सरकार पर इस कानून को जानबूझकर रोकने का आरोप लगाया। शाह ने मतदाताओं को भरोसा दिलाया कि 5 मई को राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद मतुआ समुदाय के हर व्यक्ति को सम्मान के साथ भारतीय नागरिकता दी जाएगी।  

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांग्लादेशी मूल के इस शरणार्थी समुदाय का झुकाव जिस ओर होता है, सीमावर्ती जिलों की दर्जनों सीटों पर जीत-हार का फैसला वहीं से होता है। शाह ने अप्रत्यक्ष रूप से यह संकेत दिया कि अब इस समुदाय को डर के साये में रहने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि नई सरकार उनके अधिकारों की सुरक्षा करेगी।

महिला सुरक्षा और 'आधी रात' की चुनौती

प्रचार के दौरान कानून-व्यवस्था, विशेषकर महिला सुरक्षा का मुद्दा केंद्र में रहा है। गृह मंत्री ने आरजी कर अस्पताल की घटना और संदेशखली जैसे मामलों का जिक्र करते हुए सत्तारूढ़ दल की घेराबंदी की। उन्होंने टीएमसी नेतृत्व के उन बयानों पर तंज कसा जिनमें महिलाओं को शाम के बाद घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई थी। शाह ने कहा कि भाजपा के शासन में सुरक्षा का स्तर ऐसा होगा कि कोई भी महिला रात के एक बजे भी बेखौफ बाहर निकल सकेगी।

Must Read सिक्किम को क्यों कहा PM मोदी ने भारत का भविष्य? 4000 करोड़ का निवेश और वो 3 राज जो इस राज्य को बनाते हैं सबसे अलग सिक्किम को क्यों कहा PM मोदी ने भारत का भविष्य? 4000 करोड़ का निवेश और वो 3 राज जो इस राज्य को बनाते हैं सबसे अलग

इस बार भाजपा ने प्रतीकात्मक रूप से आरजी कर मामले की पीड़िता की मां को पानीहाटी सीट से मैदान में उतारा है, जो यह दर्शाता है कि पार्टी महिला सुरक्षा के मुद्दे को चुनावी नैरेटिव के शीर्ष पर रखना चाहती है।

कोलकाता की सड़कों पर मोदी का मेगा शो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को उत्तर कोलकाता में एक विशाल रोड शो के जरिए भाजपा के पक्ष में माहौल बनाएंगे। यह रोड शो जोराबगान से शुरू होकर खन्ना जंक्शन तक जाएगा, जो ऐतिहासिक रूप से शहर का सबसे व्यस्त और राजनीतिक रूप से जागरूक इलाका माना जाता है। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और रूट पर भारी फोर्स तैनात की गई है। भाजपा नेताओं का दावा है कि प्रधानमंत्री का यह दौरा कोलकाता की शहरी सीटों पर समीकरण बदल देगा, जो पारंपरिक रूप से टीएमसी का गढ़ रही हैं।

ममता बनर्जी की भवानीपुर में घेराबंदी

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पारंपरिक सीट भवानीपुर और दक्षिण कोलकाता के अन्य क्षेत्रों में खुद कमान संभाल रखी है। उन्होंने चक्रमबेरिया और टालीगंज जैसे इलाकों में छोटी जनसभाओं और पदयात्राओं के जरिए मतदाताओं से सीधा संवाद किया है। ममता बनर्जी ने भाजपा पर राज्य की जनसांख्यिकी बदलने और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की है कि वे बाहरी ताकतों के बजाय अपनी 'दीदी' पर भरोसा रखें। टीएमसी इस बार 'लक्ष्मी भंडार' जैसी अपनी कल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है।

राहुल गांधी की रैलियों पर सियासी  खींचतानी 

विपक्ष के एक अन्य महत्वपूर्ण चेहरे राहुल गांधी के बंगाल दौरे को लेकर प्रशासन और कांग्रेस के बीच तकरार देखी गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कोलकाता के शहीद मीनार और मटियाब्रुज में होने वाली राहुल गांधी की रैलियों को पहले अनुमति नहीं दी गई, जिससे उनके कार्यक्रमों में देरी हुई। हालांकि, राहुल गांधी ने शनिवार को सभाओं को संबोधित करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था और केंद्र की आर्थिक नीतियों, दोनों पर प्रहार किया। कांग्रेस इस चुनाव में वाम दलों के साथ गठबंधन कर अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश कर रही है।

Also Read बंगाल में परिवर्तन की आंधी या TMC का किला ? 29 अप्रैल को जनता देगी जवाब बंगाल में परिवर्तन की आंधी या TMC का किला ? 29 अप्रैल को जनता देगी जवाब

दूसरे चरण का समीकरण और जनसांख्यिकीय बदलाव

29 अप्रैल को दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान होना है। इससे पहले 23 अप्रैल को हुए प्रथम चरण में 152 सीटों पर करीब 92 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जो राज्य में सत्ता विरोधी लहर और भारी उत्साह दोनों का संकेत माना जा रहा है। भाजपा का दावा है कि वे पहले ही चरण में 110 सीटों का आंकड़ा पार कर चुके हैं, जबकि टीएमसी इस दावे को मनोवैज्ञानिक युद्ध करार दे रही है। इस बार का चुनाव 'सोनार बांग्ला' और 'बंगाल की बेटी' के नारों के बीच एक ऐसी लड़ाई में बदल गया है, जहां मतदाता खामोश है लेकिन मुद्दों की फेहरिस्त लंबी है।  

क्या होगा अगला कदम ?

प्रचार का शोर सोमवार शाम 6 बजे थम जाएगा। निर्वाचन आयोग ने संवेदनशील बूथों पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं और वेबकास्टिंग में किसी भी प्रकार की बाधा आने पर तुरंत पुनर्मतदान की चेतावनी दी है। सभी की नजरें अब 29 अप्रैल की वोटिंग पर टिकी हैं। 4 मई को होने वाली मतगणना यह साफ कर देगी कि क्या अमित शाह का 'अंगा, बंगा, कलिंगा' वाला मिशन सफल होता है या ममता बनर्जी तीसरी बार अपनी सत्ता बचाने में कामयाब रहती हैं। राज्य की जनता के लिए यह चुनाव केवल एक नई सरकार चुनने का जरिया नहीं है, बल्कि यह बंगाल की भविष्य की दिशा और दशा तय करने वाला जनादेश होगा।

All photo credit: ANI

Admin Desk

Admin Desk

I am senior editor of this News Portal. Me and my team verify all news with trusted sources and publish here.

Home Shorts

Categories