BREAKING :
EV खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर! Tata Power का चार्जिंग नेटवर्क अब 700 शहरों तक पहुंचा प्रेग्नेंसी का पता चलने से पहले ले ली Ozempic? Harvard की नई रिपोर्ट में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई सीतापुर में बनेगा 250 MW सोलर प्लांट राजनाथ सिंह की मंजूरी सेना को मिलेगी 24x7 ग्रीन बिजली World Cup 2026 विवाद ईरान के फैंस का टिकट कोटा रोका गया FIFA पर बढ़ा दबाव 8000mAh बैटरी वाला Tecno Pova 8 आ रहा है! 11 जून लॉन्च कीमत जानकर चौंक जाएंगे TMC को बड़ा झटका सुखेंदु शेखर रॉय ने छोड़ी पार्टी भाजपा में जाने के संकेत ₹44,490 में मिल रही इलेक्ट्रic स्कूटर! Hero, TVS, Bajaj और Ather में कौन है सबसे सस्ता? भारत में लॉन्च हुआ E85 फ्यूल! पेट्रोल से ₹20 सस्ता बदल सकता है कार चलाने का पूरा गणित 15 साल बाद DTC की धमाकेदार वापसी! अयोध्या-वैष्णो देवी के लिए वोल्वो बसें 2800 नई ई-बसों का ऐलान अपराजिता आढ्य बोलीं काम के लालच में होती तो कभी बेरोजगार नहीं रहती'

बंगाल-तमिलनाडु में वोटिंग का महा-रिकॉर्ड: आज़ादी के बाद पहली बार टूटा मतदान का आंकड़ा, दक्षिण दिनाजपुर में 95% पार

बंगाल-तमिलनाडु में वोटिंग का महा-रिकॉर्ड: आज़ादी के बाद पहली बार टूटा मतदान का आंकड़ा, दक्षिण दिनाजपुर में 95% पार

कोलकाता/चेन्नई: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में लोकतंत्र का ऐसा उत्सव दिखा जिसने आज़ादी के बाद के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में गुरुवार को भारी गहमागहमी के बीच करीब 92.59% मतदान दर्ज किया गया, जो राज्य के चुनावी इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसी तरह तमिलनाडु ने भी 84.69% वोटिंग के साथ अपना ही पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। चुनाव आयोग ने मतदाताओं के इस जज्बे को सलाम करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया है।

Photo credit: Shashi Shekhar Kashyap
Photo credit : Shashi Shekhar Kashyap

 

 चौंकाने वाले हैं ये आंकड़े ?

दिलचस्प बात यह है कि बंगाल में यह बंपर वोटिंग तब हुई है जब चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की विशेष जांच (SIR) के बाद करीब 91 लाख फर्जी  नाम हटा दिए थे। जानकारों का मानना है कि वोटर लिस्ट 'साफ' होने की वजह से वोटिंग प्रतिशत में यह भारी उछाल आया है। इससे पहले साल 2011 में, जब ममता बनर्जी ने लेफ्ट के 34 साल के शासन को उखाड़ फेंका था, तब 84.72% वोटिंग हुई थी। इस बार पहले ही चरण में उस रिकॉर्ड का भी 'धुआं' निकल गया।

प्रमुख जिलों का हाल कहां कितनी पड़ी वोट ?

बंगाल के कई जिलों में तो आंकड़ा 90% के काफी ऊपर निकल गया। दक्षिण दिनाजपुर और कूचबिहार जैसे इलाकों में मतदाताओं ने गजब का उत्साह दिखाया।

Must Read TMC को बड़ा झटका सुखेंदु शेखर रॉय ने छोड़ी पार्टी भाजपा में जाने के संकेत TMC को बड़ा झटका सुखेंदु शेखर रॉय ने छोड़ी पार्टी भाजपा में जाने के संकेत

कोलकाता और आसपास के इलाकों में जहां 2021 में करीब 82% वोटिंग हुई थी, वहीं इस बार मतदाताओं की लंबी कतारों ने राजनीतिक पंडितों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

SIR का असर 91 लाख नाम हटे, फिर भी बढ़ा ग्राफ

इस चुनाव की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वोटिंग प्रतिशत तब बढ़ा है, जब बंगाल की मतदाता सूची में बड़ा 'ऑपरेशन' किया गया था। चुनाव आयोग के विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision - SIR) के तहत राज्य की वोटर लिस्ट से करीब 91 लाख नाम हटा दिए गए थे। इनमें वे लोग थे जो या तो मर चुके थे, शिफ्ट हो गए थे या जिनके नाम फर्जी तरीके से जुड़े थे।

इस छंटनी की वजह से बंगाल का कुल मतदाता आधार 7.6 करोड़ से घटकर 6.8 करोड़ रह गया। जानकारों का कहना है कि लिस्ट 'साफ' होने की वजह से डेटा में यह उछाल दिख रहा है। जब लिस्ट में केवल सक्रिय मतदाता बचे, तो मतदान का प्रतिशत स्वाभाविक रूप से ऊपर चला गया। हालांकि, जमीनी स्तर पर मतदाताओं का उत्साह भी कम नहीं था।

किसका पलड़ा भारी ?

भारी मतदान को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भाजपा दोनों अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हुंकार भरते हुए कहा कि "पहले चरण में ही हमने जीत तय कर ली है," वहीं सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि भाजपा 152 में से 125 सीटें जीत रही है।

Also Read अब सिफारिश नहीं मेरिट का दौर मोदी सरकार के 12 साल पर जितेंद्र सिंह का बड़ा दावा अब सिफारिश नहीं मेरिट का दौर मोदी सरकार के 12 साल पर जितेंद्र सिंह का बड़ा दावा

आमतौर पर माना जाता है कि जब वोटिंग प्रतिशत में इतना बड़ा उछाल आता है, तो यह 'सत्ता विरोधी लहर' (Anti-incumbency) या फिर 'बदलाव' का संकेत होता है। हालांकि, बंगाल के मामले में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों का घर लौटना भी एक बड़ा फैक्टर रहा। लोग इस डर से भी वोट डालने पहुंचे कि कहीं भविष्य में उनका नाम वोटर लिस्ट से पूरी तरह न कट जाए।

 हिंसा, पर सुरक्षा सख्त

इतने भारी मतदान के बीच हिंसा की कुछ खबरें भी आईं। मुर्शिदाबाद में टीएमसी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई, वहीं दक्षिण दिनाजपुर में भाजपा उम्मीदवार सुभेंदु सरकार के साथ मारपीट की घटना सामने आई। इसके बावजूद, चुनाव आयोग ने मुस्तैदी दिखाते हुए प्रक्रिया को रुकने नहीं दिया। अब सबकी नजरें 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण और 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं।

Admin Desk

Admin Desk

I am senior editor of this News Portal. Me and my team verify all news with trusted sources and publish here.

Home Shorts

Categories