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पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों के बीच भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीज़ल की कोई कमी नहीं है। हालांकि रसोई गैस (LPG) की मांग बढ़ने से दबाव जरूर बना हुआ है। सरकार ने लोगों से घबराहट में गैस बुकिंग न करने की अपील की है।
कई जगहों पर लगी कतारें
देश के कई हिस्सों से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं जहां लोग एलपीजी सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़े दिखाई दिए।इस मुद्दे को लेकर संसद में भी चर्चा हुई। विपक्षी दलों ने ऊर्जा संकट पर बहस की मांग की और संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन भी किया।
तीन मंत्रालयों ने दी जानकारी
स्थिति को लेकर सरकार की ओर से एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। इसमें पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और पत्तन, पोत परिवहन व जलमार्ग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।अधिकारियों ने कहा कि देश में ईंधन की सप्लाई सामान्य है और पेट्रोल-डीज़ल को लेकर किसी तरह की कमी नहीं है।
एलपीजी की मांग बढ़ी
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार हाल के दिनों में एलपीजी की मांग तेजी से बढ़ी है, जिसके कारण कुछ जगहों पर दबाव की स्थिति बन रही है।सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराहट में गैस सिलेंडर की बुकिंग न करें, क्योंकि इससे सप्लाई व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए सरकार कई वैकल्पिक उपायों पर काम कर रही है।इनमें शामिल हैं:केरोसीन की सप्लाई बढ़ानाबिजली उत्पादन के लिए कोयले का अतिरिक्त इंतज़ामऊर्जा आपूर्ति की लगातार निगरानीरें
वैकल्पिक इंतज़ाम किए जा रहे
एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए सरकार कई वैकल्पिक उपायों पर काम कर रही है।इनमें शामिल हैं:केरोसीन की सप्लाई बढ़ानाबिजली उत्पादन के लिए कोयले का अतिरिक्त इंतज़ामऊर्जा आपूर्ति की लगातार निगरानी